लखनऊ से 24 लाख और गोंडा से 1.13 करोड़ की नकली दवाओं की खेप बरामद, राजस्थान से सप्लाई हो रही नकली दवाइयां!
लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के साथ लखनऊ पुलिस की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर छापेमारी में लाखों रुपये की संदिग्ध और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं। हाइलाइट्स लखनऊ में FSDA और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन…

सौजन्य से:- Navbharat Times
लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के साथ लखनऊ पुलिस की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर छापेमारी में लाखों रुपये की संदिग्ध और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं।
हाइलाइट्स
लखनऊ में FSDA और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
अमीनाबाद से 21 लाख की दवाई सीज
राजस्थान से जुड़े सिंडिकेट के तार
लखनऊ: FSDA ने नकली दवाओं के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर लखनऊ से 24 लाख और गोंडा से 1.13 करोड़ की खेप बरामद की है। यह गिरोह गैस, बीपी, दर्द, सूजन और एंग्जायटी की नकली दवाओं संग नकली एंटीबायोटिक्स भी सप्लाई करता था। ये दवाएं राजस्थान में बनती थीं।
इस मामले में सरगना समेत आठ लोगों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में FIR दर्ज करवाई गई है। वहीं, गोंडा कोतवाली में भी दो आरोपितों पर केस दर्ज करवाया है। दस दिन पहले FSDA की जांच में अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम में कई दवाओं के लेबल में प्रिंटिंग और स्पेलिंग की गड़बड़ी मिली थी।
सिंडिकेट के सरगना राजस्थान निवासी
नकली दवाओं के शक पर FSDA ने 27 सैंपल लेकर ₹21 लाख की खेप सीज की थी। इसके नकली दवाओं के शक पर FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने जांच की। बीकेटी के एक गोदाम से भी चार सैंपल लेकर करीब ₹3 लाख की दवाएं सीज की गई। वहां से सुराग मिलने पर गोंडा के तीन गोदामों से ₹1.13 करोड़ की नकली दवाएं जब्त की गईं। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के सरगना राजस्थान निवासी भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर हैं।
नामी कंपनियों की दवाओं का अवैध भंडारण मिला
औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य और विवेक कुमार सिंह की अगुवाई में FSDA की टीम ने अमीनाबाद की मेडिसिन मार्किट में अवैध रूप से संचालित हो रहे दवाइयों के गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में नामी कंपनियों की एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण मिला। अवैध भंडारण में मिली दवाइयों के लेबल पर प्रिंटिंग और स्पेलिंग की गंभीर गलतियां पाई गईं, जो उन दवाओं के नकली होने की पुष्टि करती हैं।
FSDA की टीम की ओर से अमीनाबाद में छापेमारी के दौरान करीब 21 लाख रुपये की दवाएं सीज की गयी हैं। इसके साथ ही FSDA की टीम ने बीकेटी में राज विक्रम सिंह के अवैध गोदाम में भी छापेमारी की कार्रवाई की, जहां से 3 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की गईं। FSDA टीम की ओर से हुई इस कार्रवाई के दौरान Telma, Pantop 40, Clavam 625 और Zerodol-SP जैसी नामी ब्रांड्स की नकली दवाओं के कुल 27 नमूने लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
यूपी के सप्लायर्स का था बड़ा गठजोड़
FSDA टीम की ओर से हुई छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच में खुलासा हुआ है कि नकली दवाइयों का पूरा अवैध धंधा राजस्थान से संचालित हो रहा था। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के रहने वाले भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर नकली दवाएं बनाकर यूपी के अलग अलग जिलों में भेजते थे। इस सिंडिकेट में प्रयागराज के वीरू सिंह चौहान, लखनऊ के राज विक्रम सिंह, गोंडा के अमन कसौधन, सीतापुर के रहने वाले रिहान, वाराणसी निवासी मिश्रा और अमीनाबाद के रंजीत सिंह जुल्का शामिल हैं।
इतना ही नहीं, यूपी गोंडा जिले में की गई छापेमारी में तो NDPS श्रेणी की दवाओं का अवैध स्टॉक भी बरामद किया गया है। विभाग ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बिना बिल बिक्री, अवैध परिवहन और नकली दवाओं के निर्माण के आरोप में संबंधित धाराओं में अमीनाबाद थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
लेखक के बारे मेंपवन नौटियालपवन नौटियाल नवभारत टाइम्स में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सेक्शन के लिए बतौर कंसलटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का व्यापक पत्रकारीय अनुभव है। मूल रूप से उत्तराखंड (उत्तरकाशी) के रहने वाले पवन को दोनों राज्यों की राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, क्राइम और यूटिलिटी खबरों की गहरी समझ है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2012 में देहरादून से एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ की, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। उन्होंने 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा की भी क्रेडिबल ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। इसके बाद, उन्होंने 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में 5 वर्षों तक डेस्क और फील्ड की दोहरी जिम्मेदारी संभाली। डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए उन्होंने वनइंडिया-डेलीहंट के साथ करीब 5 साल काम किया, जहां उन्होंने उत्तरकाशी के ऐतिहासिक सिलक्यारा टनल हादसे और धराली आपदा जैसी बड़ी घटनाओं को मौके पर जाकर कवर किया। दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले पवन विज्ञान के छात्र रहे हैं, जिससे उनकी खबरों में तार्किक और डेटा-आधारित सटीकता दिखती है।मुख्य विशेषज्ञता (Areas of Expertise)क्षेत्रीय कवरेज: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, समसामयिक मुद्दे और सामाजिक सरोकार।बीट्स: पॉलिटिकल एनालिसिस, क्राइम, हेल्थ, यूटिलिटी न्यूज और ग्राउंड डिजास्टर रिपोर्टिंग।अनुभव: 14+ वर्ष (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)।पेशेवर यात्रा (Professional Experience)करियर की शुरुआत (2012): देहरादून में न्यूज चैनल से शुरुआत; उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और केदारनाथ आपदा (2013) की लाइव कवरेज। 'लोकस्वामी' मैगजीन के लिए अहम कवर स्टोरीज।प्रिंट मीडिया (5 वर्ष): 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर/रिपोर्टर डेस्क और फील्ड रिपोर्टर के तौर पर काम।डिजिटल मीडिया (5 वर्ष): 'वनइंडिया-डेलीहंट' में यूपी-उत्तराखंड के चुनाव और बड़ी घटनाओं की कमान। उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल रेस्क्यू और धराली आपदा की ग्राउंड रिपोर्टिंग।शिक्षा और क्रेडेंशियल (Education & Credentials)पोस्ट ग्रेजुएशन: मास कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)।ग्रेजुएशन: साइंस स्ट्रीम (जो उनकी खबरों को एक विश्लेषणात्मक और सटीक दृष्टिकोण देता है)।स्थानीय जुड़ाव: मूल निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड), जिससे उन्हें पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों की स्वाभाविक और प्रामाणिक समझ है।... और पढ़ें
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