राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली: 44% पानी ही बचा, सिर्फ 5 फुल; उदयपुर जोन में पिछले साल से बेहतर हालात - Udaipur News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली:44% पानी ही बचा, सिर्फ 5 फुल; उदयपुर जोन में पिछले साल से बेहतर हालात
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राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच राज्य बांधों को लेकर जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट समाने आई है। इसके अनुसार राज्य के बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में अभी कुल क्षमता का 44.22 प्रतिशत पानी बचा है।
राहत की बात यह है कि साल 2024 के मुकाबले 2025 और 2026 में करीब 15 फीसदी ज्यादा पानी जमा है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार पानी करीब 2 फीसदी कम है।
उदयपुर जिले और संभाग के लिहाज से इस बार थोड़ी राहत है। यहां पानी की स्थिति पिछले साल के मुकाबले काफी मजबूत है। मेवाड़-वागड़ के मुख्य बांधों में इस समय पानी का स्टॉक बेहतर होने से मानसून से पहले शहर में पानी का बड़ा संकट टला है। उदयपुर के स्थानीय निवासी और सैलानियों के लिए अच्छी बात यह है कि यहां की मुख्य झीलों का जलस्तर अभी भी आधे से अधिक बना हुआ है।
क्या मानसून तक नहीं होगा जल संकट?
उदयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य झीलों फतेहसागर और पिछोला में अभी भी 65 फीसदी से ज्यादा पानी सुरक्षित है। जलदाय विभाग के गणित के अनुसार, झीलों में मौजूद यह पानी मानसून के आने और झीलों के दोबारा छलकने तक पूरे उदयपुर शहर की वाटर सप्लाई के लिए पर्याप्त है।
शहर को पानी सप्लाई करने वाले मानसी वाकल बांध में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा का स्टॉक है। इसका सीधा मतलब यह है कि मानसून में थोड़ी देरी होने पर भी उदयपुर शहर के लोगों को फिलहाल पानी की कटौती या किसी बड़े जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सैलानियों के लिए भी राहत की बात है कि जून के इस आखिरी हफ्ते में भी झीलों का नजारा सूखा नहीं बल्कि पानी से लबालब दिख रहा है।
राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली, रोज सूख रहा पानी
जल संसाधन विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के कुल 693 बांधों की निगरानी की जा रही है। इनमें से 307 बांध पूरी तरह से सूख चुके हैं, यानी इनमें बिल्कुल पानी नहीं है। वहीं, केवल 5 बांध ही ऐसे हैं जो पूरी तरह से लबालब भरे हुए हैं। बाकी बचे 381 बांधों में थोड़ा-बहुत पानी है, जिन्हें आंशिक रूप से भरा हुआ माना गया है। बिना बारिश और तेज गर्मी के कारण पिछले 24 घंटों में ही राज्य के बांधों में कुल 11.88 एमसीएम पानी की कमी आई है।
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 23 सबसे बड़े और प्रमुख बांधों में अभी 56.09 प्रतिशत पानी मौजूद है। दूसरी तरफ, 263 मध्यम दर्जे के बांधों में 26.27 प्रतिशत पानी बचा है।
सबसे चिंताजनक हालत 407 छोटे बांधों की है, जिनमें उनकी कुल क्षमता का महज 13.50 फीसदी पानी ही बचा हुआ है। अगर अलग-अलग इलाकों यानी जोन के हिसाब से देखें तो कोटा जोन के बांधों में सबसे ज्यादा 54.93 प्रतिशत पानी है, जबकि जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.68 प्रतिशत पानी बचा है।
उदयपुर की झीलों और बांधों में पानी की स्थिति
- साबरमती बांध: इस जलाशय में पानी की स्थिति सबसे बेहतर है, यहां 68.91 प्रतिशत पानी भरा हुआ है।
- फतेहसागर झील: सैलानियों की पसंदीदा इस झील में अभी अपनी कुल क्षमता का 68.35 प्रतिशत पानी मौजूद है।
- पिछोला झील: उदयपुर की इस ऐतिहासिक झील में अभी भी 66.18 प्रतिशत पानी का स्टॉक सुरक्षित है।
- मानसी वाकल बांध: शहर की प्यास बुझाने वाले इस प्रमुख बांध में फिलहाल 60.34 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
- उदयसागर झील: इस झील में पानी का स्तर अभी अपनी कुल भराव क्षमता का 57.14 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
- जयसमंद झील: उदयपुर-सलूंबर क्षेत्र की इस विशाल झील में अभी 54.58 प्रतिशत पानी का बड़ा स्टॉक मौजूद है।
- वल्लभनगर बांध: इस बांध में पानी का संकट दिखने लगा है, यहां अब केवल 48.54 प्रतिशत पानी ही बचा है।
- जाखम बांध: प्रतापगढ़-उदयपुर क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण बांध में पानी का स्तर घटकर 44.46 प्रतिशत पर आ गया है।
- सोम कागदर बांध: इस जलाशय में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। यहां महज 35.03 प्रतिशत पानी है।
- आकोदड़ा बांध: इस बांध की स्थिति बेहद चिंताजनक है, यहां सिर्फ 7.60 प्रतिशत पानी ही बचा हुआ है।
- खराताना बांध: यहां पानी का स्टॉक लगभग खत्म होने की कगार पर है, इसमें अब सिर्फ 3.07 प्रतिशत पानी शेष है।
- बागोलिया बांध: इस बांध का पेटा पूरी तरह सूखने की स्थिति में है, यहां अब केवल 2.93 प्रतिशत पानी ही बचा है।
उदयपुर संभाग (जोन) के अन्य जिलों में पानी की स्थिति
- राजसमंद: राजसमंद जिले की मुख्य झील में पानी का स्टॉक अभी बेहतर है, यहाँ 57.28 प्रतिशत पानी मौजूद है।
- चित्तौड़गढ़: जिले के गम्भीरी बांध में 15.16 प्रतिशत और ओराई बांध में महज 9.97 प्रतिशत पानी ही बचा है। वहीं, घोसुंडा बांध 49.83 प्रतिशत भरा हुआ है।
- भीलवाड़ा: भीलवाड़ा के मेजा बांध में अभी 33.97 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जबकि कोठारी बांध में 68.81 प्रतिशत का अच्छा स्टॉक है।
- सलूंबर: जिले के केजाद बांध में 22.99 प्रतिशत और दया बांध में 25.34 प्रतिशत पानी का स्तर बना हुआ है।
- बांसवाड़ा-डूंगरपुर (वागड़): डूंगरपुर के सोम कमला अम्बा बांध में अभी 68.56 प्रतिशत पानी का मजबूत स्टॉक है, वहीं बांसवाड़ा के माही बजाज सागर बांध में 43.76 प्रतिशत पानी शेष है।
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