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राजस्थान के सरकारी अस्पताल में लापरवाही, सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल - Jansatta

Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई है, जिसके चलते महिलाओं को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनका लगात…

Jansatta के अनुसार9 जून 2026 को 11:05 am बजे
राजस्थान के सरकारी अस्पताल में लापरवाही, सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल - Jansatta

सौजन्य से:- Jansatta

Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई है, जिसके चलते महिलाओं को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनका लगातार डायलसिस किया जा रहा है।

सरकारी अस्पताल में भर्ती इन महिलाओं की उम्र 20 से 27 साल के बीच बताई गई है। बता दें कि इससे पहले कोटा में भी सरकारी अस्पातल डॉक्टरों की लापरवाही की खबर सामने आई थीं। उस दौरान महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

खुल गई अस्पताल की पोल

अहम बात यह है कि शुरुआत में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर इस पूरे मामले को दबाने और छिपाने की कोशिश कर रहे थे। जब लापरवाही से प्रभावित महिलाओं की स्थिति बिगड़ने लगी तो अस्पताल के पूरे लचर सिस्टम की पोल खुल गई है। लोग डॉक्टर्स और अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।

कोटा में भी हुई थी लापरवाही

बता दें कि कोटा के पीबीएम अस्पताल के मैटरनिटी विंग में भी ऐसी ही घटना हुई थी। 10 से 15 दिन पहले पीबीएम हॉस्पिटल के मैटरनिटी विंग में जिन महिलाओं की सी-सेक्शन सर्जरी हुई थी। उन्हें पेशाब रुकने, किडनी फेल होने और प्लेटलेट काउंट कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

इस मामले को लेकर जब एचओडी डॉ. संतोष खजोटिया से बात की गई तो उन्होंने कहा किडनी फेल होने का कारण सिर्फ इन्फेक्शन नहीं है। ज्यादा ब्लीडिंग भी इसकी वजह हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है। मामले की जांच एम्स दिल्ली को सौंपी गई थी।

जांच रिपोर्ट्स में क्या निकला?

जांच रिपोर्ट्स बताती हैं कि कोटा में गर्भवती महिलाओं को ब्लीडिंग रोकने के लिए दिए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में जरूरी तत्व नहीं थे। इसके बाद राजस्थान ड्रग डिपार्टमेंट की शिकायत के आधार पर अमृतसर की कंपनी का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया था।

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राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाडिया इलाके के दो गांवों में 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच बुखार से पांच बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद मेडिकल टीमों को इलाके में भेजा गया है और अधिकारियों ने हालात पर नज़र रखने के लिए कदम उठाए हैं। उदयपुर के RNT मेडिकल कॉलेज से स्पेशलिस्ट की एक टीम को मौके पर जाकर डिटेल में जांच करने और मौतों का कारण पता लगाने के लिए भेजा गया है। जयपुर के हेल्थ सर्विसेज़ डायरेक्टरेट से एक और टीम को भी मॉनिटरिंग और मदद के लिए भेजा गया है। पढ़िए पूरी खबर…

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