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दिल्ली में हुई कार्रवाई तो जयपुर में खुले दर्जनों पटाखों के गोदाम, जांच में खुलासा - crackdown in delhi leads to dozens of firecracker warehouses in jaipur investigation reveals

दिल्ली में हुई कार्रवाई तो जयपुर में खुले दर्जनों पटाखों के गोदाम, जांच में खुलासा जयपुर के खोह नागोरियान में अवैध पटाखा इकाई में आग लगने से 8 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। ...और पढ़ें HighLi…

Jagran के अनुसार10 जून 2026 को 05:52 pm बजे
दिल्ली में हुई कार्रवाई तो जयपुर में खुले दर्जनों पटाखों के गोदाम, जांच में खुलासा
 - crackdown in delhi leads to dozens of firecracker warehouses in jaipur investigation reveals

सौजन्य से:- Jagran

दिल्ली में हुई कार्रवाई तो जयपुर में खुले दर्जनों पटाखों के गोदाम, जांच में खुलासा

जयपुर के खोह नागोरियान में अवैध पटाखा इकाई में आग लगने से 8 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। ...और पढ़ें

HighLights

- जयपुर के खोह नागोरियान में अवैध पटाखा इकाई में आग

- हादसे के बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित, अवैध गतिविधियों में मिलीभगत

- दिल्ली से स्थानांतरित हुए अवैध पटाखा उद्योग, नाबालिगों से काम

जागरण संवाददाता, जयपुर। जयपुर के जिस खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित सामाजिक समारोह में चलाने वाले पटाखों (चाइनीज पारो) के उधोग एवं गोदाम में मंगलवार को हुए हादसे में 8 लोगों की मौत हुई, वहां दर्जनों पटाखा उधोग चल रहे हैं।

प्रशासन की जांच में सामने आया कि दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अवैध पटाखा उधोगों पर कार्रवाई हुई तो वहां के अधिकांश छोटे पटाखा उधोग जयपुर स्थानांतरित हो गए। प्रशासन की शुरूआती जांच के बाद बुधवार को खोह नागोरियान पुलिस थाने के उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था काम

तीनों पुलिसकर्मी हादसे के क्षेत्र के बीट प्रभारी थे, इन्ही की मिलीभगत से अवैध उधोग चल रहा था। प्रशासन ने क्षेत्र में संचलित पांच पटाखा उधोग एवं गोदामों को भी सीज किया है,जिनमें से तीन में भारी मात्रा में बारूद मिला है। इस बारूद से पटाखे बनाए जाने थे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जयपुर में संचालित अधिकांश अवैध उधोग और गोदाम दिल्ली एवं उत्तरप्रदेश के लोगों के हैं, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर कामकाज संभालने के लिए यहां के प्रभावशाली लोगों को अपना हिस्सेदार बना रखा है।

जयपुर के जिस खोह नागारियान क्षेत्र के पटाखा उधोग एवं गोदाम में आग लगी है वहां 50-55 वर्गगज के एक सौ से अधिक घरों में अवैध पटाखा उधोग और चूडी बनाने के कारखाने चल रहे हैं। जिनमें अधिकांश नाबालिग हैं।

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नाबालिगों को प्रत्येक पटाखा बनाने पर एक से दो रूपए दिए जाते हैं। वहीं चूडी के कारखानों में काम करने वाले कई बाल श्रमिकों को एक हजार रूपए मासिक वेतन पर रखा गया है। इन उधोगों के लिए ना तो नगर निगम से अग्निशमन का लाइसेंस लिया गया और ना ही वाणिज्यिक लाइसेंस लिया गया है।

किरायानामा एवं पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं

किरायानामा एवं पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ है। खोह नागोरियान क्षेत्र की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर के बसी तीन कॉलोनियों में अवैध गतिविधियों को लेकर नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण सहित किसी भी सरकारी एजेंसी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

जिस उधोग में हादसा हुआ वह दिल्ली के फिरोजाबाद निवासी फिरोज एवं वसीम पिछले दो साल से चला रहे थे। फिरोज दिल्ली से माल लाकर यहां पैकेजिंग कर के बेचता था। छोटे पटाखे भी यहां बनाता था।

हादसे में फिरोज का पुत्र नासिर भी झुलस गया। जिस घर में अवैध उधोग चल रहा था वह घाटगेट निवासी याकूब का है। याकूब ने फिरोज को घर दस हजार रूपए में किराए पर दे रखा था। फिरोज और याकबू फरार है, जिन्हे पुलिस तलाश रही है।

सरकारी जमीन पर बसी बस्तियों में अवैध उधोग

खोह नागरियान क्षेत्र की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से जावेद नगर, रहीम नगर एवं करीब नगर नाम से कॉलोनियां विकसित की हुई है। इन कॉलोनियों में भू माफियाओं ने 50-50 वर्गगज के घर बांग्लादेशी एवं पश्चिम बंगाल के मुस्लिम परिवारों को या तो किराए पर दे रखे हैं या फिर बेच रखे हैं, जिनमें अवैध कुटीर उधोग संचालित होते हैं। मंगलवार को हुए हादसे के बाद अधिकांश घरों के लोग ताला लगाकर फरार हो

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