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कन्हैयालाल हत्याकांड: बेटे यश साहू ने DSP के उदयपुर तबादले का विरोध किया, IG को सौंपेंगे ज्ञापन

कन्हैयालाल हत्याकांड: बेटे यश साहू ने DSP के उदयपुर तबादले का विरोध किया, IG को सौंपेंगे ज्ञापन DSP गोविंद सिंह राजपुरोहित के उदयपुर तबादले का यश साहू ने विरोध किया. परिवार ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी.…

ETV Bharat के अनुसार10 जून 2026 को 04:23 am बजे
कन्हैयालाल हत्याकांड: बेटे यश साहू ने DSP के उदयपुर तबादले का विरोध किया, IG को सौंपेंगे ज्ञापन

सौजन्य से:- ETV Bharat

कन्हैयालाल हत्याकांड: बेटे यश साहू ने DSP के उदयपुर तबादले का विरोध किया, IG को सौंपेंगे ज्ञापन

DSP गोविंद सिंह राजपुरोहित के उदयपुर तबादले का यश साहू ने विरोध किया. परिवार ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी.

Published : June 10, 2026 at 9:10 AM IST

उदयपुर: प्रदेश में सोमवार रात जारी 141 DSP अधिकारियों की तबादला सूची में साइबर क्राइम बांसवाड़ा में पदस्थ DSP गोविंद सिंह राजपुरोहित का उदयपुर तबादला कर दिया गया था. बांसवाड़ा से उन्हें गिर्वा सीओ की जिम्मेदारी सौंपी गई. आदेश जारी होते ही कन्हैयालाल साहू के बेटे यश साहू ने इस फैसले का तीखा विरोध जताया है. यश साहू ने आरोप लगाया कि कन्हैयालाल हत्याकांड से पहले उनके पिता को लगातार धमकियां मिल रही थीं. शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई रिपोर्ट नहीं लिखी थी.

IG को सौपेंगे ज्ञापन: यश ने आरोप लगाया कि घटना के समय गोविंद सिंह राजपुरोहित संबंधित क्षेत्र में सीओ के पद पर तैनात थे. यश साहू का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई की जाती तो उनके पिता की हत्या को टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी की भूमिका पर पहले से सवाल उठते रहे हैं, उसका उदयपुर में तबादला बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. यश साहू ने बताया कि वे इस मामले में आईजी गौरव श्रीवास्तव से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और तबादला निरस्त करने की मांग करेंगे, यदि मांग नहीं मानी गई तो वे आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

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166 गवाहों में सिर्फ 35 लोगों की गवाही: यश साहू ने आगे कहा मेरे पिता की तालिबानी तरीके से हत्या कर दी गई थी. पूरे देश ने इस घटना को देखा था. धानमंडी थाने के पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, लेकिन सिर्फ परिवार और समाज को दिखाने के लिए कुछ समय बाद उन्हें बहाल कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. 166 गवाहों में सिर्फ 35 लोगों की गवाही पूरी हो पाई है. ऐसे में प्रशासन और सरकार की ओर से हमें यही इनाम मिल रहा है कि उसी पुलिस अधिकारी को फिर से उदयपुर भेज दिया गया, जिसने मेरे पिता के केस में इतनी लापरवाही बरती.

28 जून 2022 को उदयपुर शहर के मालदास स्ट्रीट स्थित अपनी दुकान में टेलर कन्हैयालाल साहू की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पूरे देश में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी.

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