कोटा-बीकानेर की घटनाओं के बाद ICU मॉनिटरिंग पर फोकस, अस्पतालों में लगेंगी इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें
कोटा-बीकानेर की घटनाओं के बाद ICU मॉनिटरिंग पर फोकस, अस्पतालों में लगेंगी इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि कोटा और बीकानेर में सामने आए मामलों के बाद अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीज सुरक्षा का…

सौजन्य से:- ETV Bharat
कोटा-बीकानेर की घटनाओं के बाद ICU मॉनिटरिंग पर फोकस, अस्पतालों में लगेंगी इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें
स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि कोटा और बीकानेर में सामने आए मामलों के बाद अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीज सुरक्षा काफी जरुरी है.
Published : June 10, 2026 at 6:02 PM IST
जयपुर: कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के बाद अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने प्रदेश के बड़े अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है. विभाग ने अब सरकारी अस्पतालों में संचालित आईसीयू की विशेष मॉनिटरिंग करने का फैसला किया है.
चिकित्सा एंव स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि आईसीयू में संक्रमण को रोकने को लेकर मंथन शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संक्रमण रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाए. इसके तहत विभाग ने आईसीयू में संक्रमण की समय पर पहचान के लिए आधुनिक इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें लगाने की योजना बनाई जा रही है. मंत्री ने कहा कि सबसे पहले प्रदेश के अस्पतालों में सर्वे कराया जाएगा, जिसमें आईसीयू की वर्तमान स्थिति, संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्थाओं और आवश्यक उपकरणों की जरूरत का आकलन किया जाएगा. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों में मशीनें स्थापित की जाएंगी.
पढ़ें: प्रसूताओं की किडनी फेल: कोटा में भी हुई थी 5 की मौत, अब तक भर्ती हैं 6 प्रसूताएं
आउट सोर्सिंग के निर्देश: मंत्री का कहना है कि प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर 20 हजार से अधिक अस्पताल हैं. ऐसे में सभी अस्पतालों की मॉनिटरिंग करना संभव नहीं है. ऐसे में हम प्लान बना रहे हैं कि आउट सोर्सिंग के लिए एक निजी कम्पनी को हायर किया जाए ताकि वो अस्पतालों का सर्वे का रिपोर्ट तैयार कर सके. विभाग का मानना है कि आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में संक्रमण की शुरुआती अवस्था में पहचान होने से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा. विशेष रूप से प्रसूताओं, नवजात शिशुओं और गंभीर रोगियों के लिए यह व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
- कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामलों के बाद विभाग अलर्ट.
- सरकारी अस्पतालों के आईसीयू की होगी विशेष मॉनिटरिंग.
- आईसीयू में संक्रमण की पहचान के लिए लगाई जाएंगी इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें.
- चिकित्सा विभाग ने अधिकारियों को खाका तैयार करने के निर्देश दिए.
- प्रदेशभर के अस्पतालों में जरूरत और संसाधनों का सर्वे कराया जाएगा.
- सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से मशीनों की स्थापना होगी.
- संक्रमण की शुरुआती पहचान से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा.
- मरीज सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने पर विभाग का फोकस.
सीसीटीवी से मॉनिटरिंग: मंत्री ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश की देश में ऐसी कंपनियों से संपर्क किया जाए जो इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें बनाती हैं ताकि आईसीयू को संक्रमण से मुक्त किया जा सके. मंत्री ने कहा कि सरकार ने चिकित्सा विभाग को 36 हजार करोड़ का बजट दिया है ताकि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. मंत्री ने माना कि कोटा और बीकानेर में सामने आए मामलों के बाद अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीज सुरक्षा काफी जरुरी है. मंत्री ने यह भी कहा कि अस्पतालों को सीसीटीवी से जोड़ा जाएगा ताकि एक जगह से मॉनिटरिंग की जा सके.
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