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Operation Root Clearance : कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ी 1.5 करोड़ की 539 पेटी अवैध शराब, हैंडलर गुजरात में बैठ चल रहा तस्करी नेटवर्क

Operation Root Clearance : कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ी 1.5 करोड़ की 539 पेटी अवैध शराब, हैंडलर गुजरात में बैठ चल रहा तस्करी नेटवर्क पुलिस जांच कर रही है कि ट्रक चोरी के हैं या नहीं और इन्हें मॉडिफाई कहां करवाया गया. Publ…

ETV Bharat के अनुसार11 जून 2026 को 12:09 pm बजे
Operation Root Clearance : कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ी 1.5 करोड़ की 539 पेटी अवैध शराब, हैंडलर गुजरात में बैठ चल रहा तस्करी नेटवर्क

सौजन्य से:- ETV Bharat

Operation Root Clearance : कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ी 1.5 करोड़ की 539 पेटी अवैध शराब, हैंडलर गुजरात में बैठ चल रहा तस्करी नेटवर्क

पुलिस जांच कर रही है कि ट्रक चोरी के हैं या नहीं और इन्हें मॉडिफाई कहां करवाया गया.

Published : June 11, 2026 at 5:10 PM IST

कोटा: राजस्थान की कोटा ग्रामीण पुलिस के 'ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस' के तहत गुरुवार को दो बड़ी कार्रवाई में डेढ़ करोड़ से ज्यादा की 539 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई. नेशनल हाईवे 52 पर दो मॉडिफाइड ट्रकों से पंजाब निर्मित शराब जब्त की गई, जिसे तस्करी कर गुजरात ले जाया जा रहा था. पुलिस ने दो चालकों को गिरफ्तार किया है.

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर मॉनिटरिंग के तहत बुधवार को कनवास और मंडाना थाना पुलिस ने कार्रवाई की. कनवास थाने की मौरूकलां चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा ने एक ट्रक को पकड़ा.

चालक बाड़मेर निवासी गणेश ने ट्रक खाली बताया. जांच में ट्रक के केबिन के पीछे बॉक्सनुमा जगह में पंजाब निर्मित अवैध शराब के 245 कार्टून मिले. दूसरी कार्रवाई के दौरान मंडाना पुलिस ने जालौर निवासी चालक बीराराम को ट्रक के साथ पकड़ा. इस ट्रक में 294 कार्टून शराब थी. इस तरह कुल 539 कार्टून शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत 1.56 करोड़ से ज्यादा है.

पढ़ें: कोटा: एक्सप्रेसवे पर आबकारी टीम की बड़ी कार्रवाई, 70 लाख की अवैध शराब पकड़ी

गुजरात का हैंडलर चला रहा नेटवर्क: एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि दोनों ट्रकों का हैंडलर सीकर निवासी हरिओम है, जो वर्तमान में गुजरात में रहकर पूरा नेटवर्क संचालित करता है. तस्करी हाई-फाई तरीके से हो रही थी. ड्राइवर को केवल लोकेशन भेजी जाती थी. उसे भरा हुआ ट्रक मिलता था. डिलीवरी का एड्रेस भी नहीं दिया जाता था. कुछ-कुछ अंतराल पर आगे की लोकेशन भेजी जाती थी. दोनों चालकों को पंजाब से वड़ोदरा तक माल पहुंचाने के लिए प्रति चक्कर 30 हजार रुपए दिए जा रहे थे. डिलीवरी की अंतिम लोकेशन पर ट्रक खड़ा करना होता था.

ट्रक मॉडिफिकेशन की जांच जारी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कल्याण मीणा ने बताया कि आरोपी गणेश पहली बार चक्कर लगा रहा था, जबकि बीराराम को पहले भी वडोदरा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस जांच कर रही है कि ट्रक चोरी के हैं या नहीं और इन्हें मॉडिफाई कहां करवाया गया. कनवास के पहले के मामलों में पुलिस सप्लायर तक पहुंच चुकी है. इस मामले में भी पूरा अनुसंधान किया जाएगा.

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