राजस्थान एलडीसी परीक्षा में पेपर लीक का आरोप: जांच शुरू, प्रदर्शनकारियों ने मांगा निष्पक्ष जानच
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों ने प्रशासन पर पेपर लीक और नकल करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जैसलमेर में परीक्षा केंद्र पर हंगामा हो गया और परीक्षा प्रशासन को भारी भरकम दण्डित करने की मांग की गई है।

सौजन्य से:- AajTak
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा के दौरान रविवार को जैसलमेर में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों ने प्रशासन पर ढिलाई और नकल करवाने के गंभीर आरोप लगाए. अभ्यर्थियों का दावा है कि चलती परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष की खिड़की से पेपर बाहर भेजा गया, जिससे परीक्षा की गरीमा तार-तार हो गई. इस शिकायत के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वीक्षकों से पूछताछ की और परीक्षार्थियों को शांत कराया.
उन्होंने रिलीवर पर नकल करवाने के लगाए गए आरोपों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सोमवार को आगे कार्यवाही के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है.
उधर लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में संभावित पेपर लीक मामले को लेकर हुई इस संदिग्ध घटना के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी और छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने शहर में उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
असल में रविवार को सुरक्षा के दावों के बीच जैसलमेर के 19 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी. इसी दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया. साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए. इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई. देखें VIDEO:-
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घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वीक्षकों से पूछताछ की और परीक्षार्थियों को शांत कराया. साथ ही निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया. सोमवार को प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की. एडीएम परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों द्वारा रिलीवर पर नकल करवाने के लगाए गए आरोपों के आधार पर एक विस्तृत प्रकरण तैयार किया गया है.
यह रिपोर्ट सोमवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है. प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. एडीएम के अनुसार, अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
रविवार को छात्रों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया था, जिस पर अब कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है.
वहीं, दूसरी तरफ सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी और छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने शहर में उग्र प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
NSUI के जिलाध्यक्ष मानाराम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और युवा हनुमान चौराहे पर एकत्रित हुए. इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर भी मौजूद रहे.
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यहां से सभी प्रदर्शनकारी राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचे. युवाओं के इस भारी आक्रोश को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उधर बाड़मेर सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने एक वकतव्य जारी कर बताया कि जैसलमेर में आयोजित LDC भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक हैं.
सत्ताधारी दल के नेताओं के संरक्षण में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों ने सुनियोजित तरीके से वीक्षकों की ड्यूटी लगाकर परीक्षा में धांधली करवाई.
परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद मामला सामने आया, लेकिन दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया. यह लाखों युवाओं के विश्वास और उनके भविष्य पर सीधा प्रहार है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जैसलमेर के स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र के कई वीक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
इनकी भूमिका पूर्व की कई भर्ती परीक्षाओं में भी विवादों के घेरे में रही है. उन्होंने जैसलमेर LDC परीक्षा प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.
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