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Rajasthan Vidhan sabha Monsoon session Live: राजस्थान विधानसभा के गेट के बाहर बैठा विपक्ष, सिर्फ मिनट ही चल पाया सदन

LIVE NOW Written By: NBT NEWS DESK|नवभारतटाइम्स.कॉम• - Rajasthan vidhan sabha : 21 मिनट चला सदन, खाली बेंच देख स्पीकर ने जताई पीड़ाराजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई, जहां दिवंगत…

Navbharat Times के अनुसार20 अगस्त 2026 को 10:56 am बजे
Rajasthan Vidhan sabha Monsoon session Live: राजस्थान विधानसभा के गेट के बाहर बैठा विपक्ष, सिर्फ  मिनट ही चल पाया सदन

सौजन्य से:- Navbharat Times

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Written By: NBT NEWS DESK|नवभारतटाइम्स.कॉम•

- Rajasthan vidhan sabha : 21 मिनट चला सदन, खाली बेंच देख स्पीकर ने जताई पीड़ाराजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई, जहां दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सुबह 11:22 बजे सदन की बैठक को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान सदन में विपक्षी कांग्रेस विधायकों की खाली बेंच देखकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस विधायकों से अपील की कि वे अपने विरोध प्रदर्शन को छोड़कर सदन के भीतर आएं और लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत अपनी बात रखें।

- Rajatshan Monsoon session: गतिरोध के बीच विधानसभा में पेश किए गए दो बिलराजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकारी स्कूलों में वीडियोग्राफी बैन के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति बन गई। कांग्रेस विधायकों के बहिष्कार और गैर-मौजूदगी के बीच ही सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक शासन में रहने के कारण शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति में उनकी भी बराबरी की जिम्मेदारी है। वहीं विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक स्कूलों से जुड़ा यह मुद्दा हल नहीं होता, तब तक यह गतिरोध बना रह सकता है। इस भारी सियासी खींचतान के बीच सरकार ने पटल पर दो महत्वपूर्ण विधेयक—'गीतांजलि ग्लोबल विश्वविद्यालय जयपुर विधेयक' और 'राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक' पेश किए, जिन पर आगामी दिनों में विस्तृत चर्चा के बाद पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

- Rajasthan Vidhan Sabha Live: विपक्ष के धरने पर मुख्य सचेतक ने घेराविधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष के रवैये को गैर-लोकतांत्रिक बताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना विधायकों का अधिकार है, लेकिन विधानसभा के मुख्य द्वार पर चढ़ना, उसे तोड़ने का प्रयास करना और जबरन भीतर घुसने की जिद करना सुरक्षा व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ है. गर्ग ने स्पष्ट किया कि विधानसभा की गरिमा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. सत्ता पक्ष ने विपक्ष से अपील की है कि वे संसदीय परंपराओं का पालन करें और अपनी बात रखने के लिए निर्धारित लोकतांत्रिक माध्यमों का ही उपयोग करें.

- Rajatshan Monsoon Session: बिना विपक्ष के चल रही है सदन की कार्रवाईविधानसभा में 11 बजे से ही सदन की कार्रवाई शुरू है। लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष के ओर से विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि उन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार विपक्ष को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। डोटासरा ने कहा कि ' 6 नंबर गेट पर ताले लगा दिए गए हैं। क्योंकि हम लोग शिक्षा के भ्रष्टाचार के मामले में, शिक्षा मंत्री की नाकामी के बारे में, सरकार की विफलता के बारे में, कृषि घोटाले और चिकित्सा व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर चर्चा करनाा चाहते हैं'। संभवत: पहली बार है जब बिना विपक्ष के सदन की कार्यवाही चल रही है।

- Rajasthan Vidhan Sabha : सदन में फिर गूंजी 'भील प्रदेश' की मांगभारत आदिवासी पार्टी (BAP) की ओर से मानगढ़ धाम और 'भील प्रदेश' सदन में उठाया गया। विधायकों ने सदन में एक बार फिर पृथक 'भील प्रदेश' के गठन की मांग को जोर-शोर से उठाया। पार्टी विधायकों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के आदिवासियों को लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया है। इसलिए उनके अधिकारों और सर्वांगीण विकास के लिए अलग राज्य का निर्माण आवश्यक है।

- Rajasthan Vidhan Sabha Session: 10 विधेयकों को राज्यपाल ने पुनर्विचार के लिए लौटाया, 9 गहलोत एक वसुंधरा सरकार काराजस्थान के राजभवन की ओर से संवैधानिक और कानूनी आपत्तियों के कारण 10 विधेयकों को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को वापस लौटा दिया गया है। इन 10 विधेयकों में से 9 बिल पूर्व गहलोत सरकार के कार्यकाल के हैं, जिनमें मॉब लिचिंग के खिलाफ बनाया गया कड़ा विधेयक भी शामिल है, जबकि 1 बिल पूर्व वसुंधरा राजे सरकार के समय पारित किया गया था। राज्य सरकार इन सभी लौटाए गए विधेयकों को आगामी कार्यवाही के दौरान सदन के पटल पर चर्चा के लिए पुनः पेश करके फिर से पारित कराने की योजना बना रही है।

- टीकाराम जूली और डोटासरा बोले ने रखी बातकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्कूलों में अब RSS की शाखाएं लगने लगी है। सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतरी हुई है। इसी तरह नेता प्रतिपक्ष बोले टीकाराम जूली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को छिपाने के लिए वीडियोग्राफी पर बैन लगाया गया है।

- पोद्दार स्कूल के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकसरकारी स्कूलों में वीडियोग्राफी पर रोक लगाने वाले शिक्षा विभाग के आदेश के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने आक्रामक रुख अपना लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विधानसभा से पोद्दार स्कूल पहुंचे कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इसके विरोध में सभी विधायक पोद्दार स्कूल के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

- विपक्ष ने स्कूल के मुद्दे पर सरकार ने घेरना शुरू- सरकारी स्कूलों में वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विधायक पोद्दार स्कूल की ओर विरोध प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। पार्टी का तर्क है कि इस फरमान से व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और निगरानी प्रभावित होगी, इसलिए जनप्रतिनिधियों को जमीनी हकीकत उजागर करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

- मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का प्रदर्शनराजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विधानसभा तक मार्च निकालकर एकजुटता दिखाई. इस प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और आगामी दिनों में सदन के पटल पर जनहित के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने का ऐलान किया.

- सत्र की अवधि पर रह सकती है खींचतानमिली जानकारी के अनुसार इस बार प्रदेश सरकार सदन की कार्यवाही 5 दिन में निपटाना चाहती है, जबकि विपक्ष ने जनहित के मुद्दों पर व्यापक बहस के लिए सत्र को कम से कम 15 से 20 दिन चलाने की मांग रखी है । बता दें कि मानसून सत्र 20 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक निर्धारित किया गया है।

- यूसीसी (UCC) बिल पेश कर सकती है सरकारराज्य सरकार इस सत्र में राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 लाने की योजना बना रही है, जिसे हाल ही में कैबिनेट से मंजूरी मिली है। हालांकि निकाय चुनाव की घोषणा हो गई है, लिहाजा माना जा रहा है कि अहम बिल को सरकार टाल भी सकती है।

- कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठकविधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के कक्ष में कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक आयोजित हो रही है। बैठक में सदन के आगामी कामकाज का एजेंडा और सत्र की कुल अवधि तय की जाएगी। विपक्ष सत्र को कम से कम 15 से 20 दिन चलाने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार इसे सीमित दिनों में निपटाना चाहती है।

- राजभवन से लौटे 10 विधेयक सदन के पटल पर, दोबारा होंगे पारितविधानसभा सत्र के पहले दिन राजभवन से जुड़े सियासी घटनाक्रम की जानकारी सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने संवैधानिक और कानूनी आपत्तियों के कारण 10 विधेयकों को पुनर्विचार के लिए विधानसभा वापस लौटा दिया गया है विधानसभा में चर्चा के बाद फिर इन्हें पारित किया जाएगा।

- सत्र की शुरुआत; शोक प्रस्ताव के बाद सदन स्थगितराजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं। सत्र की शुरुआत शोकाव्यक्ति से होगा। सदन में पूर्व राज्यपालों और अन् दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

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