शिवपुरी: नरवर किले से तोप चोरी में अभी भी खाली हाथ पुलिस, राजस्थान के बीहड़ों में मेटल डिटेक्टर से खोज जारी - shivpuri narwar fort cannon theft probe continues in rajasthan
शिवपुरी: नरवर किले से तोप चोरी में अभी भी खाली हाथ पुलिस, राजस्थान के बीहड़ों में मेटल डिटेक्टर से खोज जारी पुलिस शिवपुरी के नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी 3.5 टन वजनी अष्टधातु की तोप को 20 दिन बाद भी बरामद नहीं कर…

सौजन्य से:- Jagran
शिवपुरी: नरवर किले से तोप चोरी में अभी भी खाली हाथ पुलिस, राजस्थान के बीहड़ों में मेटल डिटेक्टर से खोज जारी
पुलिस शिवपुरी के नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी 3.5 टन वजनी अष्टधातु की तोप को 20 दिन बाद भी बरामद नहीं कर पाई है।
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, शिवपुरी। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई करीब 400 साल पुरानी 3.5 टन वजनी अष्टधातु की तोप को बरामद करने में पुलिस अब तक खाली हाथ है। सामाजिक प्रतिष्ठा और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़े इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले के बीहड़ों में भी तलाश शुरू कर दी है।
मेटल डिटेक्टर के जरिए संभावित ठिकानों पर जमीन खंगाली जा रही है, लेकिन 20 दिन बाद भी पुलिस को तोप का कोई सुराग नहीं मिला है।
अब चोरी का नहीं प्रतिष्ठा का मामला
नरवर किले से गायब हुई यह विशाल तोप अब महज चोरी का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। पुलिस को आशंका है कि तोप को चोरी करने के बाद राजस्थान के बीहड़ क्षेत्र में छिपाया गया है।
इसी आधार पर शिवपुरी पुलिस की टीम राजस्थान पुलिस के सहयोग से करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव के आसपास तलाश कर रही है।
30 से ज्यादा बदमाशों ने रात में चुराई थी तोप
पुलिस के अनुसार 14-15 जुलाई की रात चार पहिया वाहनों से आए 30 से अधिक बदमाश नरवर किले के पिछले रास्ते से भारी-भरकम तोप को निकालकर ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साइबर सर्विलांस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मामले में अमन मीणा और टिम्मू उर्फ मीणा को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, लेकिन उनसे तोप का ठोस सुराग नहीं मिल सका।
राजस्थान के बीहड़ में मेटल डिटेक्टर से खुदाई
शिवपुरी पुलिस की टीम ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की। पुलिस को उम्मीद है कि जमीन में दबाई गई तोप का मेटल डिटेक्टर से पता चल सकता है। हालांकि अब तक की तलाशी में कोई सफलता नहीं मिली है।
पानी विवाद से भी जुड़ा है मामला
करौली में पंचना बांध का पानी गांवड़ा मीणा गांव को नहीं मिलने से करीब 20 वर्षों से मीणा और गुर्जर समाज के बीच विवाद चल रहा है। खबर के मुताबिक इसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने विरोधी गुट को डराने के लिए पंचना बांध को तोप से उड़ाने की धमकी भी दी थी।
इसी दौरान उन्हें नरवर किले में ऐतिहासिक तोपें होने की जानकारी मिली। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इसी विवाद के चलते तोप चोरी की साजिश तो नहीं रची गई।
400 साल पुरानी धरोहर पर सवाल
नरवर किले से गायब हुई तोप करीब 400 साल पुरानी बताई जा रही है। पहले यह ऐतिहासिक धरोहर चोरी के माल के तौर पर देखी जा रही थी, लेकिन अब इसकी बरामदगी पुलिस के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक प्रतिष्ठा का भी सवाल बन गई है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें राजस्थान के बीहड़ों में संभावित ठिकानों की तलाश में जुटी हैं।
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