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जनजाति हॉस्टल के लिए 10 करोड़ रुपए मंजूर: उदयपुर के 21 छात्रावासों में होगा डवलपमेंट; जानिए कहां-कहां होगा विकास कार्य - Udaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 12:05 pm बजे
जनजाति हॉस्टल के लिए 10 करोड़ रुपए मंजूर:  उदयपुर के 21 छात्रावासों में होगा डवलपमेंट; जानिए कहां-कहां होगा विकास कार्य - Udaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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जनजाति हॉस्टल के लिए 10 करोड़ रुपए मंजूर:उदयपुर के 21 छात्रावासों में होगा डवलपमेंट; जानिए कहां-कहां होगा विकास कार्य

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उदयपुर में 21 जनजाति आश्रम छात्रावासों के कायाकल्प के लिए 10.07 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। इस राशि से उदयपुर, सलूंबर और डूंगरपुर जिलों के छात्रावासों में नए निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। इससे आदिवासी बच्चों को रहने और पढ़ने के लिए बेहतर माहौल

आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए केंद्र सरकार की 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत यह डवलपमेंट किए जाएंगे।

कहां-कहां होगा विकास कार्य?

उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया- इस बजट से उदयपुर लोकसभा क्षेत्र के तीन जिलों के 21 छात्रावासों की तस्वीर बदलेगी। स्वीकृत राशि से इन छात्रावासों में नए कमरों और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण होगा।

- उदयपुर जिला: डैया, अम्बासा, माडी (फलासिया), नालवा, सरेरा, कनबई, सारोली, खेल खेरवाड़ा, उमरडा (गिर्वा), कोजावाड़ा, पई, झामरकोटड़ा, बारापाल, टीकली (मॉडल रेजिडेन्शियल स्कूल) और पिपलीखेड़ा के छात्रावास।

- सलूंबर जिला: कुण, अग्गड और परसाद के छात्रावास।

- डूंगरपुर जिला: रावल, रीछा (साबला) और रघुनाथपुरा (दोवड़ा) के बालक आश्रम छात्रावास।

छात्रावासों में मिलेंगी ये सुविधाएं

बजट से छात्रावासों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसके तहत बच्चों के रहने के लिए नए और हवादार कमरे, आधुनिक शौचालय, साफ पीने के पानी की व्यवस्था, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। इससे दूर-दराज के गांवों से आकर पढ़ने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं को अब घर जैसी सुविधाएं और सुरक्षा मिल सकेगी। इससे उनका पढ़ाई से ड्रॉपआउट भी रुकेगा।

अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था ‘धरती आबा अभियान’

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2024 को इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना है। इसके तहत आदिवासी बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था को सुधारा जा रहा है।

5 करोड़ आदिवासियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस महा-अभियान में केंद्र सरकार के 17 मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। अगले 5 साल में देश के 30 राज्यों के 549 जिलों के 63,843 गांवों में विकास कार्य किए जाएंगे।

योजना का मुख्य फोकस उन आदिवासी बहुल गांवों पर है, जिनकी आबादी 500 या उससे अधिक है। जहां कम से कम 50 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। इस अभियान से देश के 5 करोड़ से अधिक आदिवासियों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी मिलेंगे।

सांसद बोले- शिक्षा से ही बदलेगी आदिवासियों की तकदीर

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा- आदिवासी समाज के विकास का रास्ता शिक्षा से होकर ही गुजरता है। जब हमारे बच्चों को रहने और पढ़ने की अच्छी सुविधाएं मिलेंगी तो वे देश-दुनिया में आगे बढ़ेंगे। केंद्र सरकार की यह योजना आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों के सुनहरे भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

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