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जयपुर: त्योहारों से पहले बुलडोजर एक्शन, 100 अतिक्रमण जमींदोज

जयपुर: त्योहारों से पहले बुलडोजर एक्शन, 100 अतिक्रमण जमींदोज, कारोबारियों के छलके आंसू राजस्थान के जयपुर में त्योहारी सीजन से विकास प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा. हाई कोर्ट के निर्देश पर 100 अतिक्रमण जमींदोज किए गए हैं. यह द…

ABP News के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 04:05 am बजे
जयपुर: त्योहारों से पहले बुलडोजर एक्शन, 100 अतिक्रमण जमींदोज

सौजन्य से:- ABP News

जयपुर: त्योहारों से पहले बुलडोजर एक्शन, 100 अतिक्रमण जमींदोज, कारोबारियों के छलके आंसू

राजस्थान के जयपुर में त्योहारी सीजन से विकास प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा. हाई कोर्ट के निर्देश पर 100 अतिक्रमण जमींदोज किए गए हैं. यह देखकर कारोबारियों के आंसू छलक गए.

पिंक सिटी जयपुर में विकास प्राधिकरण ने न्यू सांगानेर रोड से सोडाला तक अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई आज से शुरू कर दी है. कल (सोमवार, 5 अक्टूबर) पहले दिन करीब 100 अतिक्रमण पर कार्रवाई हुई है. हालांकि कुछ पर बुलडोजर चला है और बाकी पर लोगों ने खुद ही हथौड़े चलवाकर अतिक्रमण हटाने में प्राधिकरण की मदद की है.

राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज भारी पुलिस बल और एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजरों के साथ कार्रवाई शुरू हुई. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क पर दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह बंद कर दिया गया. वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया गया.

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दुकानदारों ने खुद तोड़ीं अपनी दुकानें

पहले चरण में सड़क सीमा में आ रहे करीब 100 अतिक्रमण हटाए गए. JDA की टीम ने दुकानों के आगे बने पक्के थड़े, बरामदे, अवैध शेड और दुकानों के फ्रंट हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया. कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदार खुद ही अपनी दुकानें और मकान तोड़ते नजर आए. लोगों का कहना था कि बुलडोजर से पूरा सामान और निर्माण बर्बाद होने से बेहतर है कि वे खुद ही जरूरी सामान निकालकर हिस्सा हटा लें.

दीपावली के त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है. दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के सीजन को देखते हुए लाखों-करोड़ों रुपए का नया माल और स्टॉक दुकानों में भरकर रखा था. अब दुकानें टूटने और कारोबार बंद होने से उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

'प्रशासन को सुननी चाहिए थी बात'

व्यापारियों ने JDA की मार्किंग और नापजोख पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और कई जगह नापजोख को लेकर स्थिति साफ नहीं थी. लोगों का कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले उनकी बात सुननी चाहिए थी.

जयपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 260 दुकानों को नोटिस देकर डिमार्केशन किया था. अब तीन दिन तक अभियान चलेगा और कुल 260 अतिक्रमण हटाए जाने हैं. विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई मंगलवार और बुधवार को भी जारी रहेगी. हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है.

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