होम›क्राइम›जयपुर साइबर क्राइम थाने पहुंचे सीएस और डीजीपी, बोले- शिकायत मिलते ही तुरंत हो एक्शन
क्राइम

जयपुर साइबर क्राइम थाने पहुंचे सीएस और डीजीपी, बोले- शिकायत मिलते ही तुरंत हो एक्शन

जयपुर साइबर क्राइम थाने पहुंचे सीएस और डीजीपी, बोले- शिकायत मिलते ही तुरंत हो एक्शन मुख्य सचिव और डीजीपी ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय के साइबर थाने का निरीक्षण किया. अभय कमांड कंट्रोल सेंटर का भी विजिट किया. Published : Octo…

ETV Bharat के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 04:05 am बजे
जयपुर साइबर क्राइम थाने पहुंचे सीएस और डीजीपी, बोले- शिकायत मिलते ही तुरंत हो एक्शन

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर साइबर क्राइम थाने पहुंचे सीएस और डीजीपी, बोले- शिकायत मिलते ही तुरंत हो एक्शन

मुख्य सचिव और डीजीपी ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय के साइबर थाने का निरीक्षण किया. अभय कमांड कंट्रोल सेंटर का भी विजिट किया.

Published : October 6, 2026 at 6:57 AM IST

जयपुर : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन का निरीक्षण कर साइबर अपराधों से निपटने की तैयारियों और अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. शिकायत मिलते ही पुलिस, बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने की कार्रवाई शुरू होनी चाहिए. उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी दक्षता और क्विक रिस्पांस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए.

शिकायत से जांच तक, प्रक्रिया की ली जानकारी : मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके पंजीकरण, एफआईआर, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण और जांच की प्रगति तक पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली. साइबर अपराधों की जांच के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और कार्मिकों की दक्षता की जानकारी लेते हुए उन्होंने आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए. अभय कमांड सेंटर के निरीक्षण के दौरान जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने सीएस को 1930 तथा 112 कॉल सेंटर के संचालन और आने वाली शिकायतों पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी.

इसे भी पढे़ं: मुख्य सचिव ने भरतपुर साइबर थाने का किया निरीक्षण, बोले- ठगी की रकम अगले खाते में जाने से पहले ही होगी फ्रीज

रिस्पॉन्स टाइम पर रखें नजर : सीएस ने साइबर ठगी के मामलों में बैंकिंग ट्रांजेक्शन की तत्काल जांच, संदिग्ध खातों की पहचान, आवश्यक कार्रवाई और धनराशि के ट्रेल को ट्रैक करने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने बैंकिंग संस्थाओं के साथ बेहतर तालमेल विकसित करने और शिकायत मिलने से लेकर बैंक खाते पर कार्रवाई में लगने वाले समय का नियमित विश्लेषण करने को कहा. उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से पीड़ित की धनराशि सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ती है.

आपसी समन्वय को किया जा रहा मजबूत : इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आयुक्तालय स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इन्वेस्टिगेशन ब्रांच का भी निरीक्षण किया. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कार्मिक, त्वरित प्रतिक्रिया और पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय को निरंतर मजबूत बनाया जा रहा है. नागरिकों की सतर्कता के लिए साइबर ठगी के नए तरीकों से बचाव की जानकारी विभिन्न माध्यमों से साझा की जा रही है.

इसे भी पढे़ं: Cyber Crime Awareness Campaign : साइबर सुरक्षा का मूल मंत्र, रुको, सोचो फिर एक्शन लो, जागरूकता के लिए एक महीने का विशेष अभियान

हर स्तर पर समयबद्ध हो कार्रवाई : डीजीपी ने अधिकारियों को शिकायत प्राप्त होने से लेकर एफआईआर, धनराशि सुरक्षित कराने और जांच पूरी होने तक हर स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इस दौरान एडीजी (साइबर क्राइम) वीके सिंह, स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश, एडिशनल कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. अजय सिंह, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप, एडिशनल कमिश्नर (यातायात एवं प्रशासन) प्रदीप मोहन शर्मा, एडीजी (अपराध) डॉ. रामेश्वर सिंह भी मौजूद रहे.

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें