राजस्थान की पहली नगर निकाय अजमेर में बनी थी, आजाद भारत में 1947 में पहले अध्यक्ष थे हेमचंद सोगानी
राजस्थान की पहली नगर निकाय अजमेर में बनी थी, आजाद भारत में 1947 में पहले अध्यक्ष थे हेमचंद सोगानी आजाद भारत से पहले अंग्रेज ही नगर निकाय की कमान संभालते थे. जानिए अजमेर नगर निकाय के इतिहास के बारे में... Published : Augu…

सौजन्य से:- ETV Bharat
राजस्थान की पहली नगर निकाय अजमेर में बनी थी, आजाद भारत में 1947 में पहले अध्यक्ष थे हेमचंद सोगानी
आजाद भारत से पहले अंग्रेज ही नगर निकाय की कमान संभालते थे. जानिए अजमेर नगर निकाय के इतिहास के बारे में...
Published : August 21, 2026 at 7:14 PM IST
अजमेर: राजस्थान का हृदय कहे जाने वाले अजमेर में अग्रेजों ने पहली नगर निकाय की स्थापना सन 1866 में की थी. इसके पहले अध्यक्ष मेजर डेविडसन और दूसरे अध्यक्ष कैप्टन एचएम रैप्टन रहे थे. आजाद भारत से पहले अंग्रेज ही नगर निकाय की कमान संभालते थे. आजादी के बाद सन 1947 में नगर निकाय के अध्यक्ष हेमचंद सोगानी रहे हैं. देश की आजादी के बाद से लेकर सन 1973 तक नगर निकाय पर कांग्रेस का कब्जा रहा है. यहां यह जानना जरूरी है कि देश की आजादी के बाद अजमेर सन 1956 तक अजयमेरु स्टेट था. सन 1956 में अजमेर का राजस्थान में विलय हुआ था.
राजस्थान के मध्य स्थित अजमेर भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा है. यहां तत्कालीन समय में राजपूताना पर नियंत्रण रखने के लिए मुगलों ने अजमेर को चुना. वहीं, मुगलों के बाद अजमेर अंग्रेजों के लिए पसंदीदा जगह बन गई. अजमेर और नसीराबाद में अंग्रेजों की बड़ी छावनी थी. वहीं, प्रशासनिक ढांचा भी अंग्रेजों ने यहां खड़ा किया था. अजमेर में अंग्रेजों ने रेलवे कारखाने स्थापित किया. वहीं, कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानो को भी स्थापित किया.
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पूर्व विधायक श्रीगोपाल बाहेती बताते हैं कि अजमेर शहर में सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था को लेकर पहली बार यहां अंग्रेजों ने सन 1866 में अजमेर म्युनिसिपालिटी (नगर निकाय) की स्थापना की थी. आजादी से पहले तक अजमेर म्युनिसिपल संचालित होती रही. इसके बाद देश को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली. अजमेर नगर निकाय के पहले अध्यक्ष हेमचंद सोगानी बने. उस दौर में देशभर में कांग्रेस का बोलबाला था.
इसका असर अजमेर पर भी गहरा पड़ा. आजादी के बाद भी अजमेर एक स्वतंत्र राज्य ही रहा. अजमेर की अपनी सरकार थी. यहां के पहले मुख्यमंत्री हरीभाऊ उपाध्याय थे. बाकायदा अजमेर में विधानसभा भी थी, जिसमें तत्कालीन समय के एमएलए अजमेर के विकास को लेकर अपने प्रस्ताव दिया करते थे और उन पर चर्चा भी करते थे. सन 1956 में अजमेर का सशर्त राजस्थान में विलय हो गया और तब अजमेर नगर निकाय के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गर्ग थे.
बीजेपी ने स्थापना के 10 साल बाद जमाए अजमेर में पैर : अजमेर निकाय में 1947 से 1973 तक कांग्रेस का दबदबा रहा है. सन 1980 में भाजपा की स्थापना होने के बाद अजमेर में भी भाजपा संगठन की हलचल बढ़ने लगी और अजमेर नगर निकाय में पहली बार 1990 में पहले बार रत्न लाल यादव भाजपा से अध्यक्ष बने. इनके बाद तो नगर निकाय में लगातार भाजपा का ही बोर्ड रहा. हालांकि, इस बीच 2010 में अजमेर नगर परिषद के महापौर के लिए सीधे चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के अध्यक्ष कमल बाकोलिया बने, लेकिन बोर्ड भाजपा की रहा. सन 1990 से 2026 तक 9 महापौर भाजपा के बने हैं.
धर्मेंद्र गहलोत बने थे अजमेर नगर निगम के पहले मेयर : 23 जनवरी 2007 में नगर परिषद से नगर निगम बनाया गया. वर्तमान में नगर निगम के 80 वार्ड हैं. अजमेर नगर निगम के पहले मेयर भाजपा से धर्मेंद्र गहलोत थे. इससे पहले गहलोत नगर परिषद में महापौर भी रह चुके थे.
आजाद भारत में अजमेर नगर पालिका में यह रहे अध्यक्ष :
- 1947-48: हेमचंद सोगानी, कांग्रेस.
- 1948-49: कृष्णगोपाल गर्ग, कांग्रेस.
- 1949-51: कृष्णगोपाल गर्ग, कांग्रेस.
- 1951: विशम्बरनाथ भार्गव, कांग्रेस.
- 1951-52: ज्वाला प्रसाद शर्मा, कांग्रेस.
- 1952: जे. के. भगत, कांग्रेस.
- 1953 से 54 तक प्रशासक ने व्यवस्था संभाली.
- 1954-55: दुर्गादत्त उपाध्याय, कांग्रेस.
- 1955-57: कृष्णगोपाल गर्ग, कांग्रेस.
- 1957-58: ज्वालाप्रसाद शर्मा, कांग्रेस.
- 1959-60: देवदत्त शर्मा, कांग्रेस.
- 1960-61: माणकचंद सोगानी, कांग्रेस.
- 1961 से 69 तक प्रशासक ने व्यवस्थाएं संभाली.
- 1970: एम.के. नाथूसिंह तंवर, कांग्रेस.
- 1971: माणकचंद सोगानी, कांग्रेस.
- 1973: डॉ. एम. एल. बाघ, कांग्रेस.
- 1973 से 90 तक प्रशासक ने काम संभाला.
- 1990 से 95: रतनलाल यादव, बीजेपी.
- 1995 से 2000 : वीरकुमार, बीजेपी.
- 24.01.2000 से 9.4.2000: विद्या कमलाकर जोशी (कार्यवाहक), बीजेपी.
- 10.4.2000 से 28.8.2000: सुरेन्द्र सिंह शेखावत, भाजपा.
- 28.8.2000 से 22.12.2003: अनिता भदेल, भाजपा.
- 22.12.2003 से 31.12.2005: सरोज देवी जाटव, भाजपा.
- 2005 से 2010: धर्मेन्द्र गहलोत, भाजपा.
- 2010 से 2015 कमल बाकोलिया, कांग्रेस.
- 2015 से 2020 में वापस धर्मेंद्र गहलोत भाजपा से मेयर बने.
- 2021 से 2026 में ब्रजलता हाडा भाजपा से मेयर रही.
पहली महिला अध्यक्ष बनी थी विद्या कमलाकर जोशी : वरिष्ठ पत्रकार गिरधर तेजवानी ने बताया कि वर्ष 2000 में पहली बार अजमेर नगर निकाय में पहली महिला अध्यक्ष विद्या कमला कर जोशी थीं. उनका कार्यकाल चार माह का था और वे कार्यवाहक सभापति रही थीं. इनके बाद वर्ष 2000 में ही अनिता भदेल सभापति बनीं. 2003 में सरोज जाटव सभापति बनीं. नगर निगम बनने के बाद पहली मेयर 2021 में ब्रजलाता हाडा बनीं और अब अगली मेयर भी महिला ही बनेगी.
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