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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राजस्थान के 3 नर्सिंग-प्रोफेसर 5 साल के लिए अयोग्य घोषित:झूठा शपथ पत्र देकर बने थे प्रोफेसर; दूसरे राज्य में भी कर रहे थे फुल-टाइम नौकरी
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राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) ने राज्य के तीन अलग-अलग नर्सिंग कॉलेजों में नियुक्त प्रोफेसरों पर सख्त एक्शन लिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक आदेश जारी करके इन तीनों प्रोफेसरों को अगले 5 साल तक के लिए अयोग्य घोषित करके सभी नर्सिंग क
पिछले कुछ समय पहले RUHS प्रशासन को इन तीनों प्रोफेसरों के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया- ये प्रोफेसर पहले से दूसरे राज्यों में संचालित नर्सिंग कॉलेजों में फुल टाइम प्रोफेसर है और वहां अपनी सेवाएं दे रहे है।
इसके बावजूद इन तीनों ने झूठा शपथ पत्र देकर राजस्थान के नर्सिंग कॉलेजों में प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के लिए स्वीकृति प्राप्त कर ली और अलग-अलग शहरों में प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन कर लिया।
इन पर लिया एक्शन
शिकायत मिलने पर की गई जांच में पता चला कि कोटा के सर्वोदय कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग एजुकेशन के लिए हितेश चौधरी ने प्रोफेसर पद के लिए स्वीकृत ली। लेकिन वह पहले से रायपुर, एम्स में फुल टाइम प्रोफेसर पद पर सेवाएं दे रहे है।
इसी तरह उदयपुर के अरावली कॉलेज ऑफ नर्सिंग में प्रोफेसर पद पर लगे कल्पेश, जो सेवाश्रम नर्सिंग कॉलेज, भरूच, गुजरात में नौकरी करते है। जबकि दौसा के राजस्थान कॉलेज ऑफ बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज के प्रोफेसर दिनेश पाटीदार मध्य प्रदेश के नीमच स्थित ज्ञानोदय कॉलेज ऑफ नर्सिंग में फुल टाइम प्रोफेसर है।
5 साल के लिए अयोग्य घोषित
सभी की शिकायतें सही पाई जाने के बाद RUHS यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी तीनों प्रोफेसरों को अगले 5 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। अब ये यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड किसी भी कॉलेज में प्रोफेसर, शिक्षक या अन्य शैक्षणिक पद पर नियुक्ति नहीं ले सकेंगे।
साथ ही ये लोग जिन दूसरे राज्यों के कॉलेजों में सेवाएं दे रहे है, वहां भी एक पत्र लिखकर इनके लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही का आग्रह किया जाएगा। इसके साथ ही जिन राजस्थान के कॉलेजों में प्रोफेसर पद पर ज्वाइन करने के लिए स्वीकृति ली थी, उन कॉलेजों को भी इन्हें हटाने के लिए कहा है।
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