राजस्थान: तालाब में नहाने गई बच्चियों की मौत, परिवारों को मिली तगड़ी चोट
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में वात्रक तालाब में नहाने गई चार बच्चियों की मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और भांजी शामिल थी।

सौजन्य से:- Jagran
राजस्थान: तालाब में समाए चार चिराग, डूंगरपुर में 3 सगे भाई-बहनों समेत भांजी की डूबने से मौत
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के बड़ी गांव में वात्रक तालाब में नहाने उतरे चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में एक किसान के तीनों बच्चे और उनकी भा ...और पढ़ें
HighLights
- डूंगरपुर के बड़ी गांव में हृदयविदारक हादसा हुआ।
- वात्रक तालाब में नहाते समय चार बच्चों की मौत।
- मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और एक भांजी शामिल।
जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान में डूंगरपुर जिले के बड़ी गांव में रविवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। वात्रक तालाब में नहाने उतरे छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में किसान बाबूसिंह डामोर के तीनों बच्चे और उनके यहां छुट्टियां बिताने आई भांजी शामिल है।
हादसे के बाद डामोर परिवार में अब केवल माता-पिता ही बचे हैं। गांव में एक साथ चार युवाओं की मौत से मातम पसरा हुआ है और सीमलवाड़ा अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
धम्बोला थाना पुलिस के अनुसार, मृतकों में बड़ी गांव निवासी हिना डामोर (24), उसका भाई प्रतीक डामोर (20), छोटी बहन इशिता डामोर (15) तथा उनकी फुफेरी बहन रौनक परमार (20) निवासी पालनपुर, गुजरात शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह छह बच्चे वात्रक तालाब पर नहाने पहुंचे थे। नहाते समय वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े। इसी दौरान जयसिंह के पिता सुरेश सिंह ने तालाब में छलांग लगाकर अपने बेटे जयसिंह और राजवीर को बाहर निकाल लिया, लेकिन अन्य चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका।
एक पल में उजड़ गया परिवार, अब घर में नहीं बचा कोई बच्चा
किसान बाबूसिंह डामोर के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा ही थे। बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी स्कूल में अध्यापन करती थी। बेटा प्रतीक ने 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, जबकि सबसे छोटी बेटी इशिता 11वीं कक्षा की छात्रा थी।
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रविवार सुबह तीनों भाई-बहन घर से घूमने की बात कहकर निकले थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद चार अर्थियां एक साथ उठने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि अब घर में बच्चों की किलकारियां हमेशा के लिए थम गई हैं।
मामा के घर छुट्टियां मनाने आई थी रौनक, चार दिन बाद ही चली गई जिंदगी
गुजरात के पालनपुर निवासी रौनक परमार महज चार दिन पहले ही छुट्टियां बिताने अपने मामा बाबूसिंह डामोर के घर बड़ी गांव आई थी। किसी ने नहीं सोचा था कि मामा के बच्चों के साथ तालाब पर गई रौनक वापस जिंदा नहीं लौटेगी। हादसे की सूचना मिलते ही पालनपुर से उसके परिजन डूंगरपुर के लिए रवाना हो गए। रौनक की मौत ने दो परिवारों को एक साथ गहरे सदमे में डाल दिया।
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