जयपुर: पुरानी हवेली तोड़ते समय मिले खजाने का मामला, ठेकेदार समेत 5 गिरफ्तार, 66 किलो चांदी की ईंटें बरामद
जयपुर: पुरानी हवेली तोड़ते समय मिले खजाने का मामला, ठेकेदार समेत 5 गिरफ्तार, 66 किलो चांदी की ईंटें बरामद पुरानी हवेली तुड़ाई के दौरान मिले करोड़ों के खजाने को गायब करने वाले ठेकेदार समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्त…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर: पुरानी हवेली तोड़ते समय मिले खजाने का मामला, ठेकेदार समेत 5 गिरफ्तार, 66 किलो चांदी की ईंटें बरामद
पुरानी हवेली तुड़ाई के दौरान मिले करोड़ों के खजाने को गायब करने वाले ठेकेदार समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया.
Published : August 8, 2026 at 8:16 PM IST
जयपुर: पुरानी हवेली तुड़ाई के दौरान गुप्त रूप से मिले धन और कीमती सामान को खुर्द-बुर्द करने की घटना का जयपुर की नॉर्थ जिला पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुरानी हवेली तुड़ाई के दौरान मिली चांदी की ईंट और सिक्के चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने ठेकेदार समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. माणक चौक थाना पुलिस और डीएसटी नॉर्थ टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद की है. आरोपियों से पूछताछ करके शेष कीमती सामान बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है.
तोड़ते समय मिला खजाना: डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि माणक चौक थाने में 15 जुलाई 2026 को परिवादी राहुल सेठी ने मुकदमा दर्ज करवाया था कि विद्याधर का रास्ता त्रिपोलिया बाजार जयपुर में उनका पुराना मकान था, जिसे तोड़कर नया भवन बनाने के लिए एक फर्म के साथ एग्रीमेंट किया था. पुरानी बिल्डिंग तुड़ाई का कार्य महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया गया था. भवन तुड़ाई कार्य प्रारंभ करते समय महेश मल्होत्रा को स्पष्ट कर दिया गया था कि भवन तोड़फोड़ में कोई मूल्यवान संपत्ति या धन निकलेगा तो वह परिवादी को सुपुर्द कर देगा. बाद में परिवादी को पता चला कि महेश मल्होत्रा ने भवन तुड़ाई के कार्य में चांदी की सिल्लियां, 14 से 15 सोने के कलश सोने के सिक्के भरे हुए, 8 से 10 हजार चांदी के पुराने सिक्के समेत अन्य संपत्ति मिलने पर खुर्द-बुर्द कर दिया.
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10 महीने पुरानी है घटना: करण शर्मा ने बताया कि महेश मल्होत्रा ने अपने सहयोगी अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान, पप्पू के साथ मिलकर धन और कीमती सामान को खुर्द कर दिया. पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू की. पुलिस की जांच के दौरान सामने आया कि घटना 10 महीने पुरानी है. वर्तमान में बिल्डिंग को डिस्मेंटल करके नया भवन निर्माण हो चुका है. घटना काफी पुरानी होने के कारण तात्कालिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने, सीसीटीवी का अभाव और देरी के कारण पुलिस के सामने घटना का खुलासा करना बड़ी चुनौती बन गया. घटना के खुलासे के साथ माल बरामद करना कठिन हो गया. नामजद आरोपियों के संबंध में पुष्टि और सत्यता को जांचने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया.
मजदूरों की बदली लाइफस्टाइल ने पकड़वाया: डीसीपी ने बताया कि पुलिस की स्पेशल टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग, तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र का प्रभावी समन्वय करते हुए आरोपियों की जीवन शैली और गतिविधियों में आए संदिग्ध परिवर्तनों का बारीकी से अवलोकन किया. आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर से घटना के बाद उनके जयपुर और आसपास किए गए असामान्य विजिट पर विशेष फोकस किया गया. आरोपियों का सादा वस्त्रों में लगातार पीछा करके सत्यापित किया गया कि जो आरोपी पहले छोटे-मोटे कार्य और मजदूरी करके अपना भरण-पोषण करते थे, वह इस मामले के बाद बड़े पैमाने पर एक साथ कई कार्य संपन्न करने लगे हैं, जो कि उनकी पहले की आर्थिक स्थिति के अनुसार संभव नहीं था.
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बाकि खजाने की तलाश में जुटी पुलिस: पुलिस की टीम ने सूचनाओं और वित्तीय साक्ष्यों को पूरी तरह से पुख्ता करने और आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. पुलिस ने रामगंज निवासी आरोपी महेश मल्होत्रा, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खींची, अनुज अरोड़ा और रजनी मल्होत्रा को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से चांदी की दो बड़ी सिल्लियां बरामद की हैं, जिनका वजन करीब 66 किलो 400 ग्राम है. फिलहाल आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.
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