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राजस्थान के संत की मृत्यु का मामला 50 घंटे बाद शव निकाला गया, पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का कारण | Raj saint death case: Body exhumed after 50 hours, autopsy to determine cause of death

राजस्थान के संत की मृत्यु का मामला 50 घंटे बाद शव निकाला गया, पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का कारण जयपुर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के संगसर गांव में संत बन्ननाथ के शव को दफनाए जाने के लग…

दैनिक भास्कर हिन्दी के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 08:05 am बजे
राजस्थान के संत की मृत्यु का मामला 50 घंटे बाद शव निकाला गया, पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का कारण | Raj saint death case: Body exhumed after 50 hours, autopsy to determine cause of death

सौजन्य से:- दैनिक भास्कर हिन्दी

राजस्थान के संत की मृत्यु का मामला 50 घंटे बाद शव निकाला गया, पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का कारण

जयपुर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के संगसर गांव में संत बन्ननाथ के शव को दफनाए जाने के लगभग 50 घंटे बाद उनकी समाधि से निकाला गया।

उनकी हत्या की आशंका के मद्देनजर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया गया है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उप-मंडल मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की देखरेख में गुरुवार को चिकित्सा और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीमों की उपस्थिति में शव निकाला गया। पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता चलने की उम्मीद है।

हरियाणा के सिरसा जिले के धौलपालिया गांव के निवासी मोहनलाल के पुत्र हंसराज द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, उनके छोटे भाई बन्नानाथ ने 2004 में सांसारिक जीवन त्याग कर साधु बन गए थे। बताया जाता है कि वे पिछले दो वर्षों से रावतसर स्थित बालकनाथ के आश्रम में रह रहे थे। बन्नानाथ 30 सितंबर को संगसर गांव पहुंचे थे।

शिकायत के अनुसार, बालकनाथ ने 2 अक्टूबर को हंसराज को फोन किया और उन्हें सत्संग (आध्यात्मिक सभा) में शामिल होने के लिए कहा, जिसके बाद हंसराज 3 अक्टूबर को रावतसर गए। एक दिन बाद, 4 अक्टूबर को, हंसराज को पता चला कि बालकनाथ ने बन्नानाथ को संगसर गांव में बजरंगनाथ के साथ छोड़ दिया है और कथित तौर पर कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर उसे वापस ले आएंगे। शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद बन्नानाथ से संपर्क टूट गया।

हंसराज ने आरोप लगाया कि उनके भाई का बालकनाथ से विवाद हुआ था और उसे पीट-पीटकर मार डाला गया था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने अपराध को छिपाने के प्रयास में किसी को सूचित किए बिना बन्ना नाथ को समाधि में दफना दिया। इन आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है।

पुलिस ने बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूननाथ, लक्ष्मीनारायण और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और बन्नानाथ की मौत से संबंधित परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

सर्किल इंस्पेक्टर संदीप कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम शव निकालने के दौरान घटनास्थल पर तैनात थी। अधिकारियों द्वारा प्रक्रिया पूरी किए जाने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।

इस घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, ग्रामीणों ने सालसर रोड को जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग की।

पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम हटाने को कहा। लगभग एक घंटे बाद यातायात बहाल हो गया। बन्नानाथ की मौत के कारण और परिस्थितियां पोस्टमार्टम और आगे की पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।

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Created On : 9 Oct 2026 12:29 PM IST

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