जयपुर में आज से 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधि करेंगे पीस मीडिएशन पर वैश्विक मंथन , CJI सूर्यकांत करेंगे उद्घाटन
जयपुर में आज से 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधि करेंगे पीस मीडिएशन पर वैश्विक मंथन , CJI सूर्यकांत करेंगे उद्घाटन राजधानी में आज CJI सूर्यकांत तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे. Published : Ju…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में आज से 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधि करेंगे पीस मीडिएशन पर वैश्विक मंथन , CJI सूर्यकांत करेंगे उद्घाटन
राजधानी में आज CJI सूर्यकांत तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे.
Published : July 31, 2026 at 7:54 AM IST
जयपुर : राजधानी में शुक्रवार 31 जुलाई से 2 अगस्त तक शांति मध्यस्थता और कानून के शासन पर होने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का गवाह बनेगा. जयपुर एक होटल में तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा. 'Peace Mediation and the Rule of Law' विषय पर होने वाले इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, मेडिएटर्स, संवैधानिक पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. सम्मेलन का उद्घाटन शाम 6 बजे भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत करेंगे. उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष रूप से मौजूद रहेंगे. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा सहित हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश और अन्य प्रमुख न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.
52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधियों को किया गया आमंत्रित : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी रालसा की ओर से आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में करीब 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. आयोजन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 30 देशों की ओर से सम्मेलन में भाग लेने की सहमति मिली है. सम्मेलन में भारत के अलावा श्रीलंका, बहामास, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, जिम्बाब्वे, मलेशिया, केन्या, मोजाम्बिक और अन्य देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के अलावा विधि विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है.सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ ही देश-विदेश के वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थता विशेषज्ञ और कानून के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे. राजस्थान की ओर से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा, हाईकोर्ट के न्यायाधीश, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी जिला सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सदस्य सचिव सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.
आठ तकनीकी सत्रों में होगी विस्तृत चर्चा : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरि ओम अत्री के अनुसार सम्मेलन में कुल आठ उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे. 1 अगस्त को पांच और 2 अगस्त को दो तकनीकी सत्र होंगे, जबकि 31 जुलाई को उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा. इन सत्रों में मध्यस्थता, न्याय तक प्रभावी एवं समावेशी पहुंच और कानून के शासन को मजबूत करने से जुड़े समकालीन वैश्विक मुद्दों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे. सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में कॉमर्शियल डिस्प्यूट्स, फैमिली डिस्प्यूट्स, पर्यावरणीय विवाद, सामुदायिक विवाद, क्रॉस-बॉर्डर डिस्प्यूट्स, आपराधिक मामलों में विक्टिम-सेंट्रिक मीडिएशन और रूल ऑफ लॉ को मजबूत बनाने में मीडिएशन की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होगी. साथ ही दुनिया के विभिन्न देशों में अपनाई जा रही मध्यस्थता की श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और उनके प्रभाव पर भी विचार किया जाएगा.
'केस नहीं, विवाद का होगा खात्मा' : सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक 'पीस मीडिएशन' है. रालसा के सदस्य सचिव हरि ओम अत्री ने बताया कि पीस मीडिएशन सामान्य मध्यस्थता से आगे की अवधारणा है. इसका मकसद सिर्फ किसी मामले का निस्तारण करना नहीं, बल्कि विवाद की मूल वजह को खत्म करना और संबंधित पक्षों के बीच पैदा हुई दूरियों को कम करना है. मध्यस्थता के जरिए पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचाने पर जोर दिया जाता है. पीस मीडिएशन का व्यापक मकसद ऐसा समाधान तलाशना है, जिससे मुकदमा खत्म होने के साथ-साथ विवाद की जड़ भी समाप्त हो और समाज में शांति एवं सौहार्द कायम हो सके.
पारिवारिक विवाद से लेकर पर्यावरणीय न्याय तक पर मंथन : सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मध्यस्थता की भूमिका पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे. इनमें पारिवारिक सौहार्द, आपराधिक कानूनों में सामान्य अपराधों से जुड़े विवाद, व्यापार एवं वाणिज्यिक विवाद, कार्यस्थल पर सौहार्द, निर्माण , सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़े विवाद, सामुदायिक सौहार्द और पर्यावरणीय न्याय जैसे विषय प्रमुख होंगे. इसके अलावा क्रॉस-बॉर्डर विवादों के समाधान और आपराधिक मामलों में पीड़ित-केंद्रित मध्यस्थता जैसे विषयों पर भी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे. बदलते वैश्विक परिदृश्य में विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए मध्यस्थता की भूमिका पर विशेष जोर दिया जाएगा.
जारी होगा 'जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मीडिएशन-2026' : तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान होने वाले विमर्श और निष्कर्षों के आधार पर 'जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मीडिएशन-2026' जारी किया जाएगा. सम्मेलन के समापन अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा इस घोषणा पत्र को अंगीकृत किया जाएगा. इसके माध्यम से भविष्य में पीस मीडिएशन की दिशा, सिद्धांतों और नीतिगत ढांचे को लेकर साझा दृष्टिकोण सामने लाने का प्रयास किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार जयपुर डिक्लेरेशन के जरिए राष्ट्रमंडल देशों के बीच मध्यस्थता और शांति-आधारित न्याय व्यवस्था को लेकर साझा रणनीति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी. इसका उद्देश्य भविष्य में मीडिएशन के लिए बेहतर वैश्विक सहयोग और साझा सिद्धांतों को बढ़ावा देना है.
2 अगस्त को होगा समापन समारोह : सम्मेलन का वैलेडिक्टरी सेशन 2 अगस्त 2026 को दोपहर 12:15 बजे आयोजित किया जाएगा. इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ करेंगे. समापन समारोह में जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मीडिएशन-2026 को अंगीकृत किया जाएगा. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए राजस्थान में मध्यस्थता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और सफल मॉडलों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा. रालसा का मानना है कि मध्यस्थता के माध्यम से बड़ी संख्या में विवादों का शांतिपूर्ण और सहमति आधारित समाधान संभव है. इससे अदालतों पर लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के साथ ही पक्षकारों को कम समय और कम लागत में समाधान उपलब्ध कराया जा सकता है.
इसे भी पढ़ें: 'इंसानों की तरह फैसले ले रहा है AI': लंदन में बोले, चीफ जस्टिस सूर्यकांत
आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन का व्यापक उद्देश्य मीडिएशन को विवादों के शांतिपूर्ण, प्रभावी, त्वरित और सहमति-आधारित समाधान के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करना है. साथ ही न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना भी सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य है. यह सम्मेलन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और निवारण- मेडिएटर्स ऑफ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित किया जा रहा है. आयोजन के जरिए भारत और राष्ट्रमंडल देशों के बीच न्यायिक सहयोग, वैकल्पिक विवाद समाधान यानी एडीआर और शांति आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक साझा मंच तैयार होगा.
पीस मीडिएशन पर वैश्विक मंथन :-
- 31 जुलाई से 2 अगस्त तक जयपुर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
- होटल द ललित में होगा कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस
- 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधियों को किया गया आमंत्रित
- करीब 30 देशों ने अब तक भागीदारी की सहमति दी
- CJI जस्टिस सूर्यकांत करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
- CM भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल होंगे मौजूद
- सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी होंगे शामिल
- कुल 8 उच्चस्तरीय तकनीकी सत्रों में होगी चर्चा
- कॉमर्शियल, फैमिली, पर्यावरणीय और क्रॉस-बॉर्डर विवादों पर मंथन
- आपराधिक मामलों में विक्टिम-सेंट्रिक मीडिएशन पर भी होगी चर्चा
- 'जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मीडिएशन-2026' किया जाएगा अंगीकृत
- राजस्थान के सफल मीडिएशन मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया जाएगा प्रस्तुत
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान यूनिवर्सिटी में अनशन पर पुलिस एक्शन, छात्रों को उठाया

जयपुर की नूडल्स फैक्ट्री में काम करते मिले पांच बच्चे: पुलिस ने रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंपे, फैक्ट्री संचालक मनीष अग्रवाल फरार - Jaipur News

Jaipur: 12 साल पुराने दुष्कर्म मामले में एमपी के पूर्व AIG अनिल मिश्रा को उम्रकैद, पॉक्सो में भी 3 साल की सजा


