स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल: भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन के बाद 7 प्रसूताओं की मौत
राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद सात प्रसूताओं की मौत हो गई है। इस पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं और मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

सौजन्य से:- Jagran
ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण का साया, राजस्थान के भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन के बाद 7 प्रसूताओं की मौत
राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद सात प्रसूताओं की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ...और पढ़ें
HighLights
- भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन के बाद सात प्रसूताओं की मौत।
- भीलवाड़ा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की पुष्टि हुई।
- परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद सात प्रसूताओं की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में पिछले छह दिनों में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, जबकि बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में शुक्रवार सुबह दो घंटे के भीतर दो प्रसूताओं ने दम तोड़ दिया।
भीलवाड़ा में सभी मृत महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इसी बीच एमसीएच के ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच (कल्चर टेस्ट) रिपोर्ट पॉजिटिव आने से अस्पताल में संक्रमण की आशंका गहरा गई है।
रोजाना किए जा रहे 30-40 सिजेरियन ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, एमसीएच में रोजाना 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जबकि नियमित उपयोग के लिए केवल पांच और इमरजेंसी के तीन सर्जिकल सेट उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एक सेट को दोबारा उपयोग में लेने से पहले कम से कम तीन घंटे की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया जरूरी होती है। ऐसे में क्षमता से अधिक दबाव के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मृतकों के परिजनों का आरोप
मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि अधिकांश मरीज पहले से गंभीर हालत में रेफर होकर आते हैं और चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं।
उधर, बांसवाड़ा में मृत दोनों प्रसूताओं ने पहली बार संतान को जन्म दिया था।
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एक महिला गंभीर एनीमिया और दूसरी उच्च रक्तचाप से पीड़ित बताई गई। मामले की जांच के लिए पांच डॉक्टरों की टीम गठित की गई है और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में इस्तेमाल किए गए तीन इंजेक्शनों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
दो अन्य प्रसूताओं की भी खबर
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में दो अन्य प्रसूताओं की मौत की भी चर्चा है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रदेश की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और सिजेरियन ऑपरेशन की व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
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