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ACTION PLAN : सीएम भजनलाल शर्मा आज करेंगे नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों से संवाद, तय होगा 100 दिन का रोडमैप

ACTION PLAN : सीएम भजनलाल शर्मा आज करेंगे नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों से संवाद, तय होगा 100 दिन का रोडमैप मुख्यमंत्री भजनलाल नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों और उपप्रमुखों से संवाद करेंगे जिससे बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुध…

ETV Bharat के अनुसार5 अक्टूबर 2026 को 04:05 am बजे
ACTION PLAN : सीएम भजनलाल शर्मा आज करेंगे नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों से संवाद, तय होगा 100 दिन का रोडमैप

सौजन्य से:- ETV Bharat

ACTION PLAN : सीएम भजनलाल शर्मा आज करेंगे नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों से संवाद, तय होगा 100 दिन का रोडमैप

मुख्यमंत्री भजनलाल नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों और उपप्रमुखों से संवाद करेंगे जिससे बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुधार हो सके.

Published : October 5, 2026 at 8:57 AM IST

जयपुर : नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब भाजपा के सामने शहरों में अपने राजनीतिक प्रभाव को कामकाज के जरिए मजबूत करने की चुनौती है. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज प्रदेश के नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों और उपप्रमुखों से संवाद करेंगे. वीसी के जरिए होने वाली इस बैठक में प्रत्येक निकाय के पहले 100 दिनों के काम का खाका तैयार करने पर फोकस रहेगा. इसके साथ सभी का लक्ष्य भी तय किया जाएगा जिससे 100 दिन के टारगेट में पूरा करना है. बैठक मुख्यमंत्री निवास पर दोपहर 3:30 बजे से होगी.

100 दिन का रोड मैप : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की हलचल थमने के बाद अब प्रदेश सरकार शहरों के कायाकल्प की ठोस रणनीति पर उतर आई है. निकाय चुनावों में करीब 210 निकायों में अपने प्रमुख बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब कामकाज के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करने जा रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवनिर्वाचित निकाय प्रमुखों और उपप्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम शहरी नागरिक तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे.

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अब सरकार की कोशिश नवनिर्वाचित महापौर, सभापति और अध्यक्षों को सीधे अपने विकास एजेंडे से जोड़ने की है. बैठक में यह तय किया जाएगा कि शुरुआती 100 दिनों में स्थानीय स्तर पर किन कामों को प्राथमिकता दी जाए और उनका क्रियान्वयन किस तरह किया जाए. मुख्यमंत्री के एजेंडे में स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, बिजली, यातायात और पार्क जैसे सीधे आमजन से जुड़े मुद्दे रहेंगे. इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ स्थानीय निकायों के जरिए ज्यादा प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने पर भी चर्चा होगी. सरकार का जोर केवल योजना बनाने पर नहीं, बल्कि निकायों की स्थानीय जरूरत के हिसाब से काम तय करने पर है. मुख्यमंत्री पहले ही अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि शहरों के विकास के लिए एक समग्र रोडमैप तैयार किया जाए. उनका कहना है कि शहरों को बेहतर सुविधाएं मिलने से ही विकसित राजस्थान के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है.

बोर्ड से आगे काम दिखाना : बैठक में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी अहम होगी. सरकार चाहती है कि पार्षदों को साथ लेकर स्थानीय समस्याओं की प्राथमिकता तय हो और निकाय स्तर पर सरकार तथा जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बने. यानी निकाय चुनाव के बाद अब सरकार का अगला फोकस ‘बोर्ड बनाने’ से आगे बढ़कर ‘काम दिखाने’ पर है. 100 दिन की यह कार्ययोजना आने वाले महीनों में शहरों के विकास की दिशा और सरकार की शहरी प्राथमिकताओं का आधार बनेगी.

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