Diwali 2026 : दीपोत्सव से कारोबार बढ़ाने की तैयारी, 50 किलोमीटर के दायरे में झलकेगी जयपुर की 300 साल की विरासत
Diwali 2026 : दीपोत्सव से कारोबार बढ़ाने की तैयारी, 50 किलोमीटर के दायरे में झलकेगी जयपुर की 300 साल की विरासत मंदी की आशंकाओं के बीच जयपुर के बाजारों में 11 दिन तक बिखरेगी रोशनी. Published : October 9, 2026 at 10:38 PM…

सौजन्य से:- ETV Bharat
Diwali 2026 : दीपोत्सव से कारोबार बढ़ाने की तैयारी, 50 किलोमीटर के दायरे में झलकेगी जयपुर की 300 साल की विरासत
मंदी की आशंकाओं के बीच जयपुर के बाजारों में 11 दिन तक बिखरेगी रोशनी.
Published : October 9, 2026 at 10:38 PM IST
जयपुर: दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंकाओं और वैश्विक हालात को लेकर बढ़ती चिंता के बीच जयपुर के व्यापारियों ने दीपोत्सव के जरिए बाजारों में रौनक बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. नवरात्र और दशहरे के बाद हर साल करीब एक सप्ताह तक रोशनी से जगमगाने वाले ऐतिहासिक बाजार इस बार 11 दिन तक सजेंगे. व्यापारियों का लक्ष्य सिर्फ बाजारों को रोशन करना नहीं, बल्कि दीपावली के त्योहार पर ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित कर कारोबार को नई गति देना भी है. इसके लिए करीब 50 किलोमीटर के दायरे में गुलाबी शहर की रोशनी और सजावट का नजारा देखने को मिलेगा. खास बात ये है कि इस बार जयपुर की दीपावली में शहर की 300 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत की झलक भी दिखाई देगी.
11 दिन तक सजेगा बाजार, कारोबार बढ़ाने पर जोर : दीपावली से पहले जयपुर के व्यापारियों ने बाजारों को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं. ऐतिहासिक चारदीवारी से लेकर शहर के दूसरे प्रमुख बाजारों तक सजावट और रोशनी के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की योजना है. व्यापारियों का मानना है कि त्योहारों के सीजन में बाजारों की रौनक बढ़ने से खरीदारी का माहौल तैयार होगा और स्थानीय कारोबार को फायदा मिलेगा.
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच व्यापारियों की कोशिश है कि दीपावली के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़े और व्यापार की रफ्तार बनी रहे. इस बार 11 दिन तक सजावट की व्यवस्था इसी रणनीति का हिस्सा है. जिस पर नगर निगम प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है और 11 दिन तक व्यापारियों को एडवर्टाइजमेंट पर छूट दी जा रही है.
300 साल के जयपुर की विरासत भी दिखेगी : सवाई जयसिंह द्वितीय के सपनों के शहर जयपुर की ऐतिहासिक पहचान को इस बार दीपावली की सजावट से जोड़ने की तैयारी है. जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि शहर की स्थापना के 300 साल पूरे होने की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच व्यापारी इस उत्सव को विशेष स्वरूप देना चाहते हैं. जयपुर शहर के 50 किलोमीटर क्षेत्र में बने बाजारों में रोशनी और सजावट के जरिए गुलाबी शहर की ऐतिहासिक पहचान को सामने लाने की कोशिश होगी. इससे दीपावली का उत्सव केवल खरीदारी और सजावट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की विरासत और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का अवसर भी बनेगा.
सजावट और विज्ञापन की छूट, लेकिन सामूहिक आयोजन पर जोर : दीपावली के अवसर पर पंजीकृत व्यापार मंडलों को 11 दिन तक स्वागत द्वार लगाने की निशुल्क अनुमति देने की बात कही गई है. जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ने बताया कि सजावट और विज्ञापन संबंधी ये छूट मान्यता प्राप्त व्यापार मंडलों को अपने बाजारों में सामूहिक रूप से आयोजन करने के लिए मिलेगी.
इसका लाभ किसी व्यक्तिगत व्यापारी, निजी व्यक्ति या अन्य संस्था को व्यक्तिगत स्तर पर नहीं मिलेगा. वहीं, महापौर ने व्यापार मंडलों से ये भी सुनिश्चित करने को कहा कि स्वागत द्वार मजबूत हों और उनसे यातायात या आमजन की आवाजाही बाधित नहीं हो. सामूहिक सजावट से बाजारों को एकरूप और आकर्षक बनाने के साथ अव्यवस्थित विज्ञापन पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा.
महापौर ने 60 से अधिक व्यापार मंडलों के साथ किया मंथन : दीपावली पर बाजारों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निगम मुख्यालय में महापौर सुनील कोठारी की मौजूदगी में व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ देर शाम तक मंथन चला. जिसमें 60 से अधिक व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान दीपावली की सजावट और विज्ञापन संबंधी छूट के साथ यूडी टैक्स, सफाई, अतिक्रमण, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पेड़ों की छंटाई और बाजारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. व्यापारियों ने अपनी समस्याएं निगम प्रशासन के सामने रखीं, वहीं महापौर ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए.
स्वच्छता से लेकर अतिक्रमण तक, बाजारों को व्यवस्थित बनाने की तैयारी : वहीं, महापौर सुनील कोठारी ने व्यापार मंडलों से दीपावली पर हर वार्ड, गली, मोहल्ले और दुकान में स्वच्छता का संकल्प निभाने की अपील की. उन्होंने दुकानों के बाहर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने और खुले में कचरा नहीं फेंकने का आह्वान किया. साथ ही बाजारों में अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नहीं लगाने तथा सड़कों, फुटपाथों और बरामदों पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील की गई. व्यापारियों से कहा गया कि वे खुद अतिक्रमण न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकने में सहयोग दें. महापौर ने चारदीवारी क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई, सड़कों के गड्ढे भरने, पैचवर्क कराने, साइनेज बोर्ड लगाने और यूरिनल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए. साथ ही बाजारों में निराश्रित पशुओं की समस्या दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा गया.
रोशनी के साथ सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस : जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि दीपावली पर बाजारों में आकर्षक लाइटिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा. महापौर ने निर्देश दिए कि सजावट के दौरान बिजली के तार पूरी तरह सुरक्षित और कवर हों. कहीं भी खुले तार नहीं रहने चाहिए. पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम करने और फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया. वहीं, चारदीवारी क्षेत्र में सफाई के लिए अतिरिक्त संसाधन और मैनपावर लगाने की बात कही गई है. इसके साथ ही फायर ब्रिगेड का एक्शन प्लान तैयार करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए ऑन-कॉल अलर्ट सिस्टम लागू करने की योजना है.
यूडी टैक्स पर चर्चा, व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं करने की मांग : इस दौरान यूडी टैक्स यानी नगरीय विकास कर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि महापौर के साथ व्यापारियों और आम नागरिकों से जुड़े कर प्रावधानों पर चर्चा करते हुए 100 वर्ग गज से कम क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 300 वर्ग गज से कम क्षेत्रफल वाले आवासीय मकानों से संबंधित प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया गया. उन्होंने कहा कि यूडी टैक्स के मामलों में नियमों और संबंधित प्रावधानों के अनुरूप ही कार्रवाई होनी चाहिए. व्यापारियों और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए.
बेहतर रोशनी करने वाले बाजारों को मिलेगा सम्मान : बाजारों में सजावट और रोशनी को लेकर व्यापार मंडलों के बीच उत्साह बढ़ाने के लिए प्रतियोगिता भी कराई जाएगी. महापौर ने घोषणा की कि दीपावली पर बेहतरीन रोशनी करने वाले बाजारों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर सम्मानित किया जाएगा. इससे बाजारों में बेहतर सजावट के साथ सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा.
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