होम›क्राइम›Jaipur Jail News: जयपुर जेल में बिजली के बोर्ड से निकला स्मार्टफोन, सिम और डेटा टेबल, सिस्टम में छेद का खुलासा
क्राइम

Jaipur Jail News: जयपुर जेल में बिजली के बोर्ड से निकला स्मार्टफोन, सिम और डेटा टेबल, सिस्टम में छेद का खुलासा

जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड-1, बैरक-3 में औचक तलाशी के दौरान बिजली बोर्ड के अंदर छिपाकर रखा गया एंड्रॉइड फोन, सिम और डेटा केबल बरामद हुआ। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। लालकोठी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई ह…

Navbharat Times के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 12:04 pm बजे
Jaipur Jail News: जयपुर जेल में बिजली के बोर्ड से निकला स्मार्टफोन, सिम और डेटा टेबल, सिस्टम में छेद का खुलासा

सौजन्य से:- Navbharat Times

जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड-1, बैरक-3 में औचक तलाशी के दौरान बिजली बोर्ड के अंदर छिपाकर रखा गया एंड्रॉइड फोन, सिम और डेटा केबल बरामद हुआ। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। लालकोठी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जयपुर: जयपुर सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के दावों के बावजूद मोबाइल फोन मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जयपुर सेंट्रल जेल प्रशासन की गई औचक निरिक्षण के दौरान वार्ड नंबर एक की बैरक नंबर तीन से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डेटा केबल बरामद हुआ है। मोबाइल को बैरक में लगे बिजली बोर्ड के भीतर बेहद चालाकी से छिपाकर रखा गया था। जेल परिसर के भीतर से लगातार मोबाइल मिलने की इस घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऐसे जयपुर सेंट्रल जेल को लेकर खुलासा

जानकारी के मुताबिक, जयपुर सेंट्रल जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा जांच के तहत वार्ड नंबर एक में आकस्मिक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। जब जेलकर्मी बैरक नंबर तीन की जांच कर रहे थे, तभी उनकी नजर दीवार पर लगे बिजली बोर्ड पर पड़ी। बोर्ड के पास कुछ संदिग्ध लगने पर जब उसकी बारीकी से जांच की गई, तो अंदर छिपाया गया एंड्रॉयड फोन, सिम कार्ड और एक डेटा केबल बरामद हुआ। जेल कर्मियों ने तुरंत सारा सामान जब्त कर लिया और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

जयपुर लालकोठी थाने में मामला दर्ज, जांच शुरू

बरामदगी के बाद जेल प्रहरी मंजू मीणा की शिकायत पर जयपुर के लालकोठी थाने में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच इस बात पर केंद्रित है कि जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर यह मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा।

पुलिस इन बिंदुओं पर कर रही है जांच

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद सुरक्षा में चूक और साठगांठ जैसे सवाल भी उठने लगे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल बैरक तक पहुंचाने में किसी जेलकर्मी, बंदी या बाहरी व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं थी। बरामद सिम कार्ड की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल के तकनीकी डेटा के जरिए यह खंगाला जा रहा है कि इसका इस्तेमाल किन-किन लोगों से बातचीत करने के लिए किया गया। पुलिस यह भी स्पष्ट करने में जुटी है कि बिजली बोर्ड के अंदर इस फोन को किसने छिपाया था और जेल के भीतर इसका मुख्य इस्तेमालकर्ता कौन था।

जयपुर सेंट्रल जेल में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल, सिम और नशीले पदार्थ मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर तलाशी के दौरान मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं। बार-बार सामने आ रही इन घटनाओं से जेल के निगरानी तंत्र और तलाशी प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल लालकोठी थाना पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें