दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सड़क हादसे में दंपती की मौत : क्या है इसका कानूनी प्रभाव?
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती की मौत हो गई. दोनों बाइक पर सवार थे जब वह फ्लाई ओवर पर खराब खड़े कंटेनर से टकरा गए.

सौजन्य से:- ETV Bharat
दिल्ली जयपुर हाईवे पर सड़क हादसे में दंपती की मौत, गांव में पसरा मातम
परिवार में एक रिश्तेदार की डिलीवरी होने पर दोनों पावटा अस्पताल में मिलने जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया.
Published : July 25, 2026 at 3:40 PM IST
बहरोड : दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर पावटा उपखंड क्षेत्र में प्रागपुरा फ्लाई ओवर पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती की मौत हो गई. दोनों बहरोड की ओर से आ रहे थे. सुबह करीब 10 बजे उनकी बाइक फ्लाई ओवर पर खराब खड़े कंटेनर से टकरा गई. हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को तत्काल राजकीय उप जिला अस्पताल पावटा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया.
प्रागपुरा थाना अधिकारी भजना राम ने बताया कि मृतकों की पहचान बहरोड़ क्षेत्र के गादोज निवासी अशोक (52) पुत्र लालाराम और कविता के रूप में हुई है. पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे. मृतक अशोक के भाई पप्पूराम ने बताया कि परिवार में एक रिश्तेदार की डिलीवरी होने पर दोनों पावटा अस्पताल में मिलने जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया.
पढे़ं. पार्वती पुल पर हादसा: कार, ट्रक और बाइक की भिड़ंत में दो चचेरे भाइयों की मौत, नाबालिग गंभीर घायल
पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. वहीं, हादसे की सूचना लगते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. साथ ही पूरे गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है. गांव में दोनों शवों के आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा.
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर में हिट एंड रन: तेज रफ्तार कार ने बाइक पर जा रहे परिवार को मारी टक्कर, पिता-पुत्री की मौत, मां-बेटा गंभीर

राजस्थान: तेज रफ्तार कार ने आदमी और 3 साल की बेटी की जान ली; पत्नी, बेटा गंभीर रूप से घायल

राजस्थान उच्च न्यायालय ने पति के खिलाफ बलात्कार की एफआईआर को रद्द कर दिया, कहा कि सहमति से किए गए अंतरधार्मिक विवाह को बाद में अपराध नहीं बनाया जा सकता


