उत्तर-पश्चिम भारत में ड्राय एयर का मोनसून पर गहरा प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में शुष्क हवाएं चल रही हैं जो मॉनसून की नम हवाओं को आगे बढ़ने से रोक रही हैं। इस कारण राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।

सौजन्य से:- AajTak
Sign In
Advertisement
X
देश के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में इन दिनों शुष्क हवाएं (ड्राई एयर) चल रही हैं, जो मॉनसून की नम हवाओं को आगे बढ़ने से रोक रही हैं. ड्राई एयर के असर से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी कम होने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ रही है. दरअसल, ड्राई एयर के आने से हवा में नमी कम हो रही है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया रुक गई है और बारिश कम होने की आशंका है.
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पहले ही इस बार जून में बारिश औसत से काफी कम रही है. कई इलाकों में 20-30 प्रतिशत या उससे ज्यादा कमी दर्ज की गई है. अब जुलाई में भी उत्तर-पश्चिम में शुष्क हवा का असर दिखाई देने की संभावना है.
उत्तर-पश्चिम की ड्राई एयर का मॉनसून की बारिश में क्या रोल?
मॉनसून की मुख्य हवाएं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती हैं, लेकिन उत्तर-पश्चिम (राजस्थान, पंजाब, हरियाणा आदि) में गर्म और शुष्क हवाएं इन नम हवाओं को रोक देती हैं. जिससे मॉनसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है या बारिश कम होती है.
इन राज्यों में दिखेगा ड्राई एयर का असर
शुष्क हवाओं के असर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि, ऑल इंडिया वेदर के मुताबिक, अगले 24 घंटों के पूर्वानुमान की बात करें तो सिर्फ भारत के मैदानी इलाकों (इंडो-गंगा के मैदान) और पूर्वोत्तर (नार्थ-ईस्ट) राज्यों में ही अच्छी बारिश होने की संभावना है. देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहेगा. हालांकि, कुछ गिने-चुने इलाकों में हल्की बौछारें या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है.
Advertisement
क्या पूरी तरह बारिश बंद हो जाएगी?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में आ रहे इस बदलाव से परेशान होने की जरूरत नहीं है. 13 से 15 जुलाई के आसपास पूर्वी भारत के ऊपर बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System - LPS) बनने जा रहा है. यह नया मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे एक बार फिर मॉनसून रफ्तार पकड़ेगा और पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत तक फिर से अच्छी बारिश शुरू हो सकती है.
जुलाई के आखिरी दिनों में कैसा रहेगा मॉनसून?
विभिन्न मौसम मॉडलों के अनुसार, जुलाई के दूसरे हिस्से में पूरे देश में कुल मिलाकर मॉनसून सामान्य रहने की उम्मीद है. पूर्वी भारत में जुलाई के बाकी दिनों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है. जबकि उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण भारत में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है. वहीं, पूरे देश के औसत को देखा जाए तो जुलाई के महीने में मॉनसून के सामान्य रहने की उम्मीद है.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

उदयपुर-सलूंबर में आज बारिश का येलो अलर्ट: बादल छाने से मौसम ठंडा हो गया, इस पूरे सप्ताह बरसात की संभावना - Udaipur News

राजस्थान में मानसून की वापसी: 23-27 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट

पनकीधाम स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का असर धनबाद तक, हावड़ा-जोधपुर व बीकानेर समेत कई ट्रेनें जुलाई में प्रभावित - howrah jodhpur bikaner and other trains via dhanbad to be affected due to panki dham yard remodelling


