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राजस्थान में विकसित होंगे चंदन वन, उदयपुर से राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आगाज

राजस्थान में विकसित होंगे चंदन वन, उदयपुर से राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आगाज इस मानसून में प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जबकि अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है. Published : August 1, 2026 at 9:0…

ETV Bharat के अनुसार1 अगस्त 2026 को 04:15 pm बजे
राजस्थान में विकसित होंगे चंदन वन, उदयपुर से राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आगाज

सौजन्य से:- ETV Bharat

राजस्थान में विकसित होंगे चंदन वन, उदयपुर से राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आगाज

इस मानसून में प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जबकि अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है.

Published : August 1, 2026 at 9:08 PM IST

उदयपुर: राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण को जन भागीदारी से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उदयपुर के दूधतलाई वन परिक्षेत्र से शनिवार को राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मिशन हरियालो राजस्थान को नई गति देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा, इस मानसून में प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जबकि अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है. इसके साथ मुख्यमंत्री ने 33 करोड़ रुपए की लागत वाली चंदन वन परियोजना का शुभारंभ कर प्रदेश में चंदन आधारित हरित विकास की नई पहल शुरू की.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चंदन का पौधा लगाकर परियोजना का शुभारंभ किया. पहले चरण में उदयपुर, सिरोही, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में चंदन वन विकसित किए जाएंगे. सरकार का मानना है, यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आजीविका, जैव विविधता संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी. सीएम ने कहा, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, प्रदूषण और घटती जैव विविधता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाना होगा.

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हर जिले में नमो नर्सरी: मुख्यमंत्री ने लोगों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, अब पौधारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज का संस्कार बन रहा है. लोग जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ व अन्य विशेष अवसरों पर भी पौधे लगा रहे हैं. मिशन हरियालो राजस्थान के तहत लगाए पौधों की जियो-टैगिंग की जा रही है. वन मित्र और वृक्ष मित्रों के जरिए नियमित निगरानी की जा रही है. हर जिला मुख्यालय पर नमो नर्सरी तथा पंचायत समिति स्तर पर नमो वन विकसित किए जा रहे हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा.

छह करोड़ की मदद: मुख्यमंत्री ने राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना के तहत 13 जिलों के 600 स्वयं सहायता समूहों को छह करोड़ रुपए की आजीविका प्रोत्साहन राशि का प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किया. उन्होंने ड्रोन सीडिंग तकनीक का शुभारंभ किया. चंदन, वन एवं वन उपज तथा पंच गौरव पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. वॉच टावर से वन क्षेत्र का निरीक्षण किया.

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