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20 लाख का डिब्बा, मौत का सामान', राजस्थान में बिजनेसमैन की मौत पर क्यों भड़के लोग, 20 फीट हवा में लटकाई कार

20 लाख का डिब्बा, मौत का सामान', राजस्थान में बिजनेसमैन की मौत पर क्यों भड़के लोग, 20 फीट हवा में लटकाई कार Rajasthan Car Airbag Failure Case: झुंझुनूं में एसयूवी कार में एयरबैग नहीं खुलने से व्यापारी की मौत के मामले ने…

Navbharat Times के अनुसार1 अगस्त 2026 को 09:15 am बजे
20 लाख का डिब्बा, मौत का सामान', राजस्थान में बिजनेसमैन की मौत पर क्यों भड़के लोग, 20 फीट हवा में लटकाई कार

सौजन्य से:- Navbharat Times

20 लाख का डिब्बा, मौत का सामान', राजस्थान में बिजनेसमैन की मौत पर क्यों भड़के लोग, 20 फीट हवा में लटकाई कार

Rajasthan Car Airbag Failure Case: झुंझुनूं में एसयूवी कार में एयरबैग नहीं खुलने से व्यापारी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसी क्रम में आज यहां अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। युवा कारोबारी तरुण नायक मौत के बाद परिजनो को कार को क्रेन को 20 फीट हवा में लटका दिया।

युवा कारोबारी तरुण नायक की मौत

दरअसल, यह विरोध 20 जुलाई को हुए उस दर्दनाक सडक़ हादसे के बाद सामने आया, जिसमें झुंझुनूं के युवा कारोबारी तरुण नायक (21) की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि हादसे के दौरान तरुण ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, लेकिन एसयूवी के एयरबैग नहीं खुले, जिससे उनकी जान चली गई।क्रेन पर लटकती एसयूवी बनी लोगों के आकर्षण का केंद्र

मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक, मृत कारोबारी के परिचित-परिजन झुंझुनूं शहर में दोपहर के समय दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी को क्रेल पर लटकाकर शोरूम के बाहर लाया गया। हवा में झूलती एसयूवी के फटे हुए टायर, पिचकी हुई छत और पूरी तरह क्षतिग्रस्त बॉडी हादसे की भयावहता बयां कर रही थी। गाड़ी पर लिखे गए स्लोगन लोगों का ध्यान खींच रहे थे और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।‘हमें मुआवजा नहीं... हमारा बेटा वापस चाहिए’

तरुण के दोस्तों और परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें नई गाड़ी या मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि उनका बेटा, भाई और दोस्त वापस चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि तरुण परिवार का इकलौता कमाने वाला था और उसकी मौत से पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।दोस्त का आरोप- एयरबैग नहीं खुला, कंपनी जवाब दे

मृत कारोबारी तरुण के दोस्त धीरज जाट ने बताया कि 20 जुलाई को तरुण अपने चार साथियों के साथ सीकर से झुंझुनूं लौट रहे थे। डूंडलोद बाइपास के पास एसयूवी बिजली के पोल से टकराकर पलट गई। हादसे में तरुण की मौत हो गई, जबकि अन्य चार साथियों को मामूली चोटें आईं। धीरज का आरोप है कि हादसे के समय तरुण ने सीट बेल्ट पहन रखी थी, लेकिन एयरबैग नहीं खुले। इस संबंध में कई बार कंपनी से संपर्क किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी नाराजगी के चलते परिजन और दोस्त दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी को क्रेन पर लटकाकर शोरूम पहुंचे।कंपनी को दी चुनौती- आंदोलन और तेज ?

प्रदर्शन के दौरान धीरज जाट ने भावुक अंदाज में कहा, ‘हम संबधित कंपनी और एजेंसी संचालकों से कहना चाहते हैं कि एक बार अपने बच्चों को भी इसी गाड़ी में बैठाकर इसकी सेफ्टी जांच लें। अगर यह इतनी सुरक्षित है तो फिर एयरबैग क्यों नहीं खुले?’ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो एजेंसी के बाहर आंदोलन और तेज किया जाएगा।एजेंसी मैनेजर ने क्या कहा?

मोटर्स के मैनेजर रवि शर्मा ने कहा कि युवक की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि वाहन उनके यहां पूर्व में दुर्घटना संबंधी कार्य के लिए आया था और यह गाड़ी मूल रूप से चूरू स्थित बीकानेर मोटर्स से खरीदी गई थी। उन्होंन मीडिया रिपोट्र्स में यह भी कहा कि एजेंसी लगातार कंपनी प्रबंधन के संपर्क में है और बीमा कंपनी के माध्यम से पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलाने तथा महिंद्रा कंपनी की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि मैनेजर ने यह भी कहा कि एयरबैग खुलने के कुछ तकनीकी मानक और परिस्थितियां होती हैं, जिनकी जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कारण बताया जा सकता है।कन्वर्सेशन शुरू करें

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