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जयपुर कलक्ट्रेट पहुंची श्री राजपूत करणी सेना की पदयात्रा, पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन, किया लाठी चार्ज

जयपुर कलक्ट्रेट पहुंची श्री राजपूत करणी सेना की पदयात्रा, पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन, किया लाठी चार्ज मकराना ने मांग की है कि वॉटर कैनन और लाठी चार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए. Published : August 3, 2…

ETV Bharat के अनुसार3 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
जयपुर कलक्ट्रेट पहुंची श्री राजपूत करणी सेना की पदयात्रा, पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन, किया लाठी चार्ज

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर कलक्ट्रेट पहुंची श्री राजपूत करणी सेना की पदयात्रा, पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन, किया लाठी चार्ज

मकराना ने मांग की है कि वॉटर कैनन और लाठी चार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए.

Published : August 3, 2026 at 1:30 PM IST

जयपुर : यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से निकाली जा रही 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' जयपुर तो पहुंच गई, लेकिन प्रस्तावित कलेक्टर तक मार्च को प्रशासन ने 200 फीट बाइपास पर ही रोक दिया. देशनोक से शुरू हुई यह यात्रा रविवार को जयपुर पहुंची, यात्रा के समापन पर जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन सरकार ने कानून व्यवस्था के लिहाज से यात्रा को शहर के अंदर आने की अनुमति नहीं दी. यात्रा का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना कर रहे हैं. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद हैं.

न्याय यात्रा सोमवार को झोटवाड़ा पुलिया पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गई. यात्रा को बीच रास्ते में रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया, लेकिन पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच पदयात्रा आगे बढ़ती रही. इस बीच पुलिस ने वॉटर कैनल का इस्तेमाल भी किया. पुलिस के बैरिकेडिंग तोड़कर श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता आगे बढ़ते रहे. इस दौरान पुलिस के साथ जयपुर जिला कलेक्टर कार्यालय पर हल्की धक्का-मुक्की भी हुई.

कलेक्ट्रेट सर्किल पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया, जिसमें कुछ लोगों को चोट आई है. स्थिति को देखते हुए पूरे मार्ग पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया है. मकराना ने वॉटर कैनन और लाठी चार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की है. साथ ही एक घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है. ऐसा न करने पर प्रदेश में चक्का जाम और सीएम हाउस कूच करने की चेतावनी दी है.

सोमवार को कालवाड़ स्थित एकत्रित सवर्ण समाज के लोगों के बीच ETV भारत से खास बातचीत करते हुए मकराना ने कहा कि युवाओं के भविष्य के लिए उन्हें स्कूली शिक्षा के समय से अपराधी की श्रेणी में नहीं आने दिया जाए. इसके लिए देशनोक से निकाली गई ये पदयात्रा 24 दिन का सफर तय कर जयपुर पहुंची है. हम शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा जयपुर जिला कलेक्ट्रेट तक निकालना चाहते थे. वहां जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे, लेकिन प्रशासन यात्रा को आगे ले जाने के लिए मना कर रहा था. ये युवाओं के भविष्य की आवाज है, प्रशासन टकराव के लिए मजबूर नहीं करें.

सवर्ण समाज की आवाज दबाने का प्रयास : श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले छह महीने से समाज एक बच्चे से जुड़े मामले को लेकर लगातार लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहा है, लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. मकराना यूजीसी के कथित 'काले कानून' का भी विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी प्रावधान स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी बच्चे को जन्मजात अपराधी मानने जैसी स्थिति उत्पन्न हो.

उन्होंने कहा कि समाज इस प्रकार की किसी भी व्यवस्था का विरोध करेगा और इसके खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगा. समाज की पीड़ा और मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है. मकराना ने कहा कि संगठन की ओर से निकाली जा रही 24 दिवसीय जन जागरण यात्रा का उद्देश्य समाज की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपना है. इस यात्रा का समय पहले से तय है और हजारों लोग स्वेच्छा से इसमें शामिल हो रहे हैं. किसी को जबरन नहीं बुलाया गया है, बल्कि लोग अपने समाज और अधिकारों के प्रति जागरूक होकर स्वयं इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं.

रोकने का प्रयास : मकराना ने आरोप लगाया कि प्रशासन यात्रा को बाधित करने का प्रयास कर रहा है. बसों को रोका जा रहा है और लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में परेशानियां खड़ी की जा रही हैं. मकराना ने कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण यात्रा को रोका जाता है तो यह संविधान की ओर से दिए गए नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है. भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है. ऐसे में सरकार को आंदोलन रोकने के बजाय लोगों की बात सुननी चाहिए. यदि सवर्ण समाज के युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो संगठन चुप नहीं बैठेगा.

पढे़ं. जयपुर में सवर्ण महापंचायत: नई यूजीसी गाइडलाइन के विरोध में 22 मार्च को होग MLA-MP का घेराव

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को पूरे देश में फैलाया जाएगा और केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा. समाज अपने अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार है. इतने वर्षों में सवर्ण समाज का इतना बड़ा आंदोलन देखने को नहीं मिला. अब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है. संगठन का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि शांतिपूर्ण आंदोलन में बाधा न डालते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए और समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए.

संगठन का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं : महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि राजस्थान की धरती से शुरू हुई यह यात्रा आगे देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचेगी. राजस्थान हमेशा से बड़े सामाजिक और जन आंदोलनों की शुरुआत की भूमि रहा है और इस बार भी समाज की आवाज यहीं से पूरे देश में पहुंचेगी. जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर समाज की मांगों से अवगत कराया जाएगा.

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