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जोधपुर में बारिश में गिरी जर्जर मकान की छत, मलबे में दबकर मासूम की मौत

जोधपुर में बारिश में गिरी जर्जर मकान की छत, मलबे में दबकर मासूम की मौत Jodhpur News In Hindi: जोधपुर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से एक जर्जर मकान की छत अचानक गिर गई. हादसे से पुलिस और राहत दल ने पहबे में दबे लोगों को…

ABP News के अनुसार3 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
जोधपुर में बारिश में गिरी जर्जर मकान की छत, मलबे में दबकर मासूम की मौत

सौजन्य से:- ABP News

जोधपुर में बारिश में गिरी जर्जर मकान की छत, मलबे में दबकर मासूम की मौत

Jodhpur News In Hindi: जोधपुर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से एक जर्जर मकान की छत अचानक गिर गई. हादसे से पुलिस और राहत दल ने पहबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. वहीं इसमें एक बच्चे की मौत हो गई.

जोधपुर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती नजर आ रही है. शहर के भीतरी क्षेत्र सिलवाटा मोहल्ला में सोमवार (3 जुलाई) सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के समय पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था. मलबे में दबने से 8 वर्षीय मासूम अलशिफा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

पुलिस और राहत दल ने मलबे में दबे लोगों को निकाला बाहर

हादसे में बानो (32 वर्ष), आरु (2 वर्ष), सलीमा और इमरान सहित चार अन्य लोग घायल हो गए. घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. सूचना मिलने पर पुलिस, नगर निगम प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे. मलबा हटाकर पूरे क्षेत्र की जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो.

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जर्जर भवनों को लेकर नोटिस के बाद भी मालिक नहीं करते खाली

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर के पुराने हिस्सों में कई मकान अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं. ऐसे भवनों को लेकर समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन कई मामलों में मकान मालिक न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) ले लेते हैं, जिससे कार्रवाई लंबित रह जाती है. प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे खतरनाक और जर्जर भवनों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, ताकि बारिश के दौरान इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके.

इस हादसे ने एक बार फिर पुराने शहर के जर्जर भवनों की सुरक्षा और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों से सतर्क रहने और कमजोर भवनों से दूर रहने की अपील की जा रही है.

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