नीट पेपर लीक: कांग्रेस का धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का आंदोलन
राजस्थान में नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद निराश और दुखी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया.

सौजन्य से:- ETV Bharat
नीट के बच्चों का सुसाइड मामला: कांग्रेस ने जयपुर में निकाला कैंडल मार्च, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने मोदी सरकार और धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र पर तीखा हमला बोला.
Published : July 12, 2026 at 10:20 PM IST
जयपुर: नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद देशभर में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. वहीं, कई सामाजिक और राजनीतिक संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इसी बीच रविवार शाम राजस्थान कांग्रेस सेवा दल ने पीसीसी मुख्यालय से शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला और मोदी सरकार तथा धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
कैंडल मार्च में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक रफीक खान भी शामिल हुए. पीसीसी मुख्यालय से शाम 7:30 बजे टीकाराम जूली के नेतृत्व में कैंडल मार्च शुरू हुआ, जो रात 8 बजे शहीद स्मारक पहुंचा. वहां नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले 22 बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई. कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आत्महत्या करने वाले 22 बच्चों के पोस्टर और होर्डिंग हाथों में लेकर चल रहे थे.
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जूली बोले- निर्दय, निरंकुश और निष्ठुर सरकार: मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मोदी सरकार निर्दयी, निरंकुश और निष्ठुर है. ऐसी सरकार हमने पहले कभी नहीं देखी. 22 बच्चों ने सुसाइड कर लिया, लेकिन प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला. जूली ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं हो रहा है. इस सरकार में 90 पेपर लीक हो चुके हैं. जब प्रधानमंत्री राजस्थान आए थे, तब उन्होंने कहा था कि भाजपा को वोट देंगे तो पेपर लीक से मुक्ति मिलेगी, लेकिन मुक्ति कब मिलेगी? बच्चे सुसाइड कर रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री चुप हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जूली ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में जिन लोगों की नियुक्ति हुई है, उनकी नियुक्ति किसने की और जांच कौन कर रहा है, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.
सीबीआई केंद्र सरकार का तोता: टीकाराम जूली ने सीबीआई को केंद्र सरकार का तोता बताते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक पर देश का सबसे सख्त कानून है, जो केंद्र के कानून से 10 गुना ज्यादा मजबूत है, फिर भी नीट पेपर लीक की जांच राजस्थान से बाहर सीबीआई को सौंप दी गई क्योंकि सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है और आरोपियों को बचाना है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक में भाजपा के लोग शामिल हैं. उन्हें बचाने के लिए ही सीबीआई को जांच सौंपी गई. आरोपियों के साथ भाजपा मंत्रियों की फोटो सामने आई हैं. आरोपियों ने अखबारों में बड़े विज्ञापन दिए थे, उनके परिवार से 10-10 लोग डॉक्टर बन गए, फिर भी सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं.
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लगातार सड़कों पर करेंगे आंदोलन: जूली ने कहा कि नीट पेपर लीक में न्याय की मांग को लेकर देश भर के युवा और बच्चे सड़कों पर हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी नहीं सुन रही. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो रहा है. कांग्रेस पार्टी भी जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक सड़कों पर आंदोलन करती रहेगी. हमारी मांग है कि पेपर लीक माफियाओं को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.
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