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कोटा में पीएम आवास योजना की किश्त के लिए रिश्वत, संविदाकर्मी गिरफ्तार

कोटा में पीएम आवास योजना की किश्त के लिए रिश्वत, संविदाकर्मी गिरफ्तार कोटा में पीएम आवास के लिए रिश्वत लेते ACB ने एक संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को दस हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. जबकि एक अन्य कर्मी मौके से…

ABP News के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 08:04 am बजे
कोटा में पीएम आवास योजना की किश्त के लिए रिश्वत, संविदाकर्मी गिरफ्तार

सौजन्य से:- ABP News

कोटा में पीएम आवास योजना की किश्त के लिए रिश्वत, संविदाकर्मी गिरफ्तार

कोटा में पीएम आवास के लिए रिश्वत लेते ACB ने एक संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को दस हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. जबकि एक अन्य कर्मी मौके से फरार हो गया.

राजस्थान के कोटा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण की अगली किश्त जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. एसीबी की टीम ने नगर निगम कोटा के बाहर एक संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया.

वहीं, उसका साथी संविदाकर्मी नरेश वर्मा ट्रैप की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया. एसीबी की टीम उसकी तलाश में जुटी है. इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है.

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क्या है पूरा मामला ?

एसीबी के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए उसे पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए मिले थे. आरोप है कि अगली किश्त जारी करने की एवज में नगर निगम के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा और नरेश वर्मा रिश्वत की मांग कर रहे थे. रिश्वत नहीं देने पर अगली किश्तें स्वीकृत नहीं होने की बात कही जा रही थी.

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 1 अक्टूबर को रिश्वत मांग का सत्यापन कराया. सत्यापन में अखिलेश मीणा द्वारा 10 हजार रुपए और नरेश वर्मा द्वारा 5 हजार रुपए रिश्वत मांगना सामने आया.

एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में फंस गया अखिलेश मीणा

इसके बाद सोमवार को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. परिवादी से नगर निगम कोटा के बाहर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए अखिलेश मीणा को पकड़ लिया गया. इसी दौरान कार्रवाई की भनक नरेश वर्मा को लग गई और वह मौके से फरार हो गया. एसीबी ने उसके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है और उसकी तलाश की जा रही है.

एसीबी की कार्रवाई के बाद नगर निगम में संविदाकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. मामले में एसीबी की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है.

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