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क्या मदन दिलावर को भी देना पड़ेगा इस्तीफा? दिल्ली के बाद अब राजस्थान के शिक्षा मंत्री पर गिर सकती है गाज

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। कुछ ऐसी ही स्थिति अब राजस्थान में देखने को मिल रही है। जर्जर स्कूल का जायजा लेने पहुंची CJP की टीम पर हुए हमले के बाद मदन दिलावर के इस्तीफ…

Navbharat Times के अनुसार22 अगस्त 2026 को 06:54 am बजे
क्या मदन दिलावर को भी देना पड़ेगा इस्तीफा? दिल्ली के बाद अब राजस्थान के शिक्षा मंत्री पर गिर सकती है गाज

सौजन्य से:- Navbharat Times

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। कुछ ऐसी ही स्थिति अब राजस्थान में देखने को मिल रही है। जर्जर स्कूल का जायजा लेने पहुंची CJP की टीम पर हुए हमले के बाद मदन दिलावर के इस्तीफे की गूंज विपक्ष सहित पूरे प्रदेश में गूंज रही है।

जयपुर: नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पिछले दिनों देश की यंग जनरेशन ने दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया था। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नेतृत्व में हुआ था। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके, प्रवक्ता संदीप दास और आशुतोष रांका की अगुवाई में देश के लाखों युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन चलाया। संसद की ओर कूच किया। आखिर देश के युवाओं के सामने केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। अब राजस्थान में भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर बड़े आंदोलन की आहट शुरू हो गई है।

स्कूलों की बदहाली की पोल खोलने पहुंची CJP पर हमला

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाली कल पूरे देश ने देख ली। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शुक्रवार 21 अगस्त को अपनी टीम के साथ जयपुर की दो स्कूलों का निरीक्षण करने निकले थे। पहले वे जयपुर के गोनेर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा कंवरपुरा पहुंचे। स्कूल के बाहर तक पहुंचते ही कुछ लोगों ने रांका और उनके समर्थकों पर हमला कर दिया। रांका और उनके साथियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा और गांव से भगा दिया। गांव के कुछ लोग जो भाजपा से जुड़े थे, उनकी हरकत पूरे देश ने देखी और लोग हैरान रह गए।

पूरे देश ने देखी राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली

बीजेपी से जुड़े कुछ लोगों और उनके समर्थकों ने भले ही सीजेपी के कार्यकर्ताओं को हमला करके भगा दिया लेकिन मीडिया ने उस स्कूल की बदहाल स्थिति को कैमरे के जरिए दिखा दिया। पांचवीं तक का स्कूल जिसमें 18 बालक बालिकाएं पढ़ते हैं। वह स्कूल सरकारी भवन में नहीं बल्कि भैंसों के बाड़े में चल रहा था। चूंकि सरकारी स्कूल का भवन जर्जर हालत में था। दीवारें दरकी हुई और छत टूटी हुई थी। स्कूल गिरने (ढहने) की स्थिति में है। इसी वजह से पिछले एक साल से बच्चे स्कूल भवन के बजाय भैंसों के बाड़े में पढ़ रहे हैं। शुक्रवार को पूरे देश ने देख लिया कि राजस्थान में सरकारी स्कूलों की हालत कैसी है।

दीपके की चेतावनी से मची हलचल

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमले के वीडियो भी पूरे देश ने देखे। कुछ लोगों द्वारा दौड़ा दौड़ा कर पीटने के वीडियो सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर वायरल है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रांका और उनके साथियों पर हुए हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दीपके ने कहा कि जिन लोगों ने रांका और उनके साथियों पर हमला किया। उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और भैंसों के बाड़े के बजाय बच्चों को सुरक्षित भवन में पढाए जाने की व्यवस्था की जाए। दीपके ने कहा कि अगले 48 घंटे यानी दो दिन में अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे जयपुर आकर स्कूल के बाहर धरना देंगे। दीपके के जयपुर आने का ऐलान करते ही सरकार में हलचल मच गई।

दिलावर का इस्तीफा लेकर मानेगी सीजेपी

सीजेपी ने अब राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमले के बाद सीजेपी का कहना है कि वे हमलों से डरने वाले नहीं है। राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राजस्थान में जल्द ही बड़ा आंदोलन करने का भी ऐलान किया गया है। दिल्ली की तर्ज पर अगर सीजेपी ने जयपुर में डेरा डाल दिया तो शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मुश्किलें बढ़ना तय है।

मीडिया ने भी खोल दी पोल

सीजेपी पर हमले के बाद मीडिया ने राज्य के अलग-अलग जिलों में सरकारी स्कूलों की बदहाली की रिपोर्टिंग की। जयपुर से लेकर जैसलमेर तक कई स्कूलों में बच्चे बिना स्कूल भवन के खुले मैदान में पढ़ते दिखाई दिए। खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले कोटा की सरकारी स्कूलों की हालत भी खस्ता नजर आई। मीडिया में कई स्कूलों की तस्वीरें सहित खबरें प्रकाशित और प्रसारित हुई जिसमें सरकारी स्कूलों की बदहाली साफ नजर आ रही है। सरकार अब शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाती है। यह बड़ा सवाल है।

2558 स्कूल भवन जर्जर

पिछले साल राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल की छत गिर गई थी। उस हादसे में सात मासूम बच्चों की अकाल मौत हो गई। उस घटना ने सरकारी स्कूलों के भवनों और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बाद में विपक्ष ने विधानसभा में सवाल लगाया कि प्रदेश में ऐसे कितने स्कूल हैं जहां के भवन जर्जर हालत में है। विपक्ष के सवाल के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश में कुल 2558 सरकारी स्कूल भवन ऐसे हैं जो जर्जर हालत में है। यानी वे भवन उपयोग के लायक नहीं है। वहां बच्चों की जान को खतरा है। इतना सब कुछ सामने आने के बाद भी सरकार बदहाली पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए सीजेपी पर सियासी आरोप लगा रही है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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