राजस्थान कांग्रेस में फिर से विवाद: गहलोत की 'नई जंग' और सियासी गल्तियों की पड़ताल

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही अदावत फिर से राजस्थान कांग्रेस के केंद्र में आ गई है। गहलोत ने पायलट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये हैं और 2022 की घटना को याद दिलाया है। 2028 में मुख्यमंत्री बनने के लिए पायलट की दाबेदारी को देखते हुए गहलोत नहीं चाहते हैं कि वह प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालें।
राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया कि घोषणाओं पर पूरी तरह अमल किया जाएगा। प्रशासन ने सभी पक्षों से बातचीत के बाद आवश्यक कदम उठाने का फैसला किया।
जानकारों के अनुसार इस पहल का राज्य के विकास पर दूरगामी असर पड़ सकता है। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्धारित समय में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
अगली बैठक के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर चर्चा होगी। अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ हर तबके तक पहुँचाना प्राथमिकता है।

