राज्य सरकार को कई जिलों में खनिज डंप के वैज्ञानिक मूल्यांकन का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया गया है

राजस्थान में संगमरमर के कचरे के ढेरों पर एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत किए गए अध्ययन में महत्वपूर्ण खनिज जैसे कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम की उपस्थिति का संकेत मिला है। यह परियोजना यह निर्धारित करने का प्रयास करती है कि क्या खनिज डंप और खदान अवशेष में व्यावसायिक रूप से पुनर्प्राप्त करने योग्य मात्रा में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज शामिल हैं।
स्थानीय लोगों ने अपनी मांगें रखीं, जबकि अधिकारियों ने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। जानकारों के अनुसार इस पहल का राज्य के विकास पर दूरगामी असर पड़ सकता है।
मौके पर मौजूद लोगों ने इस कदम का स्वागत किया और इसे जनहित में बताया। अगली बैठक के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर चर्चा होगी।
विशेषज्ञों ने इस फैसले को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित मुद्दों का हल निकलेगा। ग्रामीण इलाकों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा गया।

