अजमेर के केंद्रीय कारागार में ड्रग का व्यापार, एक ही मोबाइल नंबर पर 1283 कॉल और 50 लाख का ट्रांजैक्शन
अजमेर के केंद्रीय कारागार में ड्रग का व्यापार, एक ही मोबाइल नंबर पर 1283 कॉल और 50 लाख का ट्रांजैक्शन जांच में यह भी सामने आया है कि जयराम को अलग-अलग कैदियों ने जेल एसडी के माध्यम से 1283 कॉल किए गए हैं. Published : Augu…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर के केंद्रीय कारागार में ड्रग का व्यापार, एक ही मोबाइल नंबर पर 1283 कॉल और 50 लाख का ट्रांजैक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि जयराम को अलग-अलग कैदियों ने जेल एसडी के माध्यम से 1283 कॉल किए गए हैं.
Published : August 21, 2026 at 9:41 AM IST
|Updated : August 21, 2026 at 9:55 AM IST
अजमेर : अजमेर के केंद्रीय कारागार जेल एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार जेल में ड्रग कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है. हत्या के दो मामलों में जेल में कैद कैदी भीखाराम से मारपीट के बाद उसने जेल मुख्यालय को शिकायत थी, जिसके बाद जांच हुई और जेल में ड्रग कारोबार का मामला सामने आया है. जेल के कैदियों के एसटीडी एकाउंट से जेल के बार एक ही व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर 1283 बार कॉल होने का खुलासा हुआ है. साथ ही बाहरी व्यक्ति मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खाते में 1 जनवरी 2024 से 20 अप्रैल 2026 तक करीब 50 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन भी हुआ है.
सिविल लाइन थाने के एएसआई लक्ष्मण ने बताया कि जेल अधीक्षक की ओर से एक प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के जरिए सिविल लाइन थाने को मिला है. जेल में कैद भीकाराम ने जेल एसटीडी के माध्यम से जेल मुख्यालय को प्रार्थना पत्र दिया था. उसका आरोप था कि जेल में कैद बंदी करण और कमल ने उसके साथ मारपीट की है. दोनों आरोपी बंदी जेल में 500 रुपए में नशे की गोलियां बेचते हैं. नशे की गोलियों के एवज में रकम बाहरी एक व्यक्ति के मोबाइल नंबर से जुड़े फोन-पे पर जेल में नशीली गोलियां खरीदने वाले कैदी पैसा डलवाते हैं. जेल अधीक्षक की और से परिवाद की जांच की गई. इसके बाद जेल अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने के लिए आग्रह किया है. जेल अधीक्षक के प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
बातचीत में उन्होंने बताया कि प्रार्थना पत्र में जयराम नामक एक बाहरी व्यक्ति के मोबाइल नंबर से जुड़े फोन-पे पर 49 लाख 79 हजार 967 लाख रुपए का लेन देन होना सामने आया है. जेल प्रशासन की ओर से की गई जांच में यह भी सामने आया है कि जयराम को अलग-अलग कैदियों ने जेल एसटीडी के माध्यम से 1283 कॉल किए गए हैं. एएसआई लक्ष्मण ने बताया कि नियम अनुसार 4 कैदियों के पास जयराम के मोबाइल नंबर जुड़े होने चाहिए, लेकिन 15 कैदियों के पास उसके मोबाइल नंबर जुड़े हुए हैं, जो उसे जेल एसटीडी से कॉल किया करते थे. इस प्रकरण में पुलिस जांच कर रही है. कैदियों के अलावा जेलकर्मिको की भूमिका पर भी जांच की जा रही रही है.
एक ही दिन में 29 बार कॉल : जेल प्रशासन की ओर से दी गई प्रकरण के जांच में खुलासा हुआ है कि श्रीनगर थाना क्षेत्र के कानाखेड़ी गांव निवासी आरोपी जयराम रावत को एक ही दिन में 29 बार भी कॉल किए गए हैं. प्रकरण में आरोपी जयराम के चचेरे भाई शिवराज सिंह रावत का नाम 20 प्रमुखता से सामने आ रहा है. शिवराज जेल में कैद अन्य कैदियों के लिए सामान भी पहुंचाता था. इसकी एवज में कैदियों के परिजन उसे ऑनलाइन पैसे भी भेजा करते थे. जेल प्रशासन की ओर से कैदी भीखाराम के परिवाद में की गई जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जयराम का मोबाइल नंबर तीन अलग-अलग बैंक खातों से जुड़ा हुआ है. जेल में हर कैदी का एसटीडी (कैंटीन) में एकाउंट है. इसके लिए हर कैदी की 3500 रुपए मासिक खर्च करने की लिमिट है.
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