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जयपुर में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर! 150 प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति, हो सकती है बाड़ाबंदी

जयपुर में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर! 150 प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति, हो सकती है बाड़ाबंदी पार्षदों की खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी और उन्हें एकजुट रखने की तैयारी शुरू कर दी…

ETV Bharat के अनुसार12 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
जयपुर में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर! 150 प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति, हो सकती है बाड़ाबंदी

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर! 150 प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति, हो सकती है बाड़ाबंदी

पार्षदों की खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी और उन्हें एकजुट रखने की तैयारी शुरू कर दी है.

Published : September 12, 2026 at 5:55 PM IST

जयपुर: प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही अब कांग्रेस और भाजपा की सियासत का अगला दौर शुरू हो गया है. ईवीएम में प्रत्याशियों का भविष्य कैद होने के बाद राजनीतिक दलों की चिंता अब अपने-अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने और बोर्ड बनाने के गणित पर टिक गई है. जयपुर में कांग्रेस ने जहां पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनाने का दावा किया है, वहीं पार्टी को पार्षदों की खरीद-फरोख्त की आशंका भी सता रही है. इसी को देखते हुए जयपुर शहर कांग्रेस ने शनिवार को प्रत्याशियों की संभावित बाड़ाबंदी को लेकर रणनीतिक बैठक की.

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास पर हुई बैठक में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शहर कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, अर्चना शर्मा, गंगा देवी, पुष्पेंद्र भारद्वाज और विक्रम सिंह शेखावत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस अपने सभी प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेगी. बाड़ाबंदी का अंतिम फैसला शनिवार रात या रविवार सुबह तक लिया जा सकता है. जैसे ही पार्टी की ओर से निर्देश जारी होंगे, विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी.

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खाचरियावास की भाजपा को खुली चेतावनी: बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस भाजपा की भाषा में ही जवाब देगी. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास सरकार, पुलिस और पैसा है और कांग्रेस को आशंका है कि चुनाव परिणाम के बाद इनका इस्तेमाल पार्षदों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है. खाचरियावास ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जयपुर में कांग्रेस की बाड़ाबंदी में भाजपा या पुलिस प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप किया गया और इससे शहर का माहौल बिगड़ा, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की सुरक्षा के लिए बाड़ाबंदी करेगी और जरूरत पड़ने पर बैठकें व दूसरी रणनीतिक गतिविधियां भी करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भाजपा को कोई राजनीतिक स्पेस नहीं देगी.

जयपुर में कांग्रेस का पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनेगा: खाचरियावास ने दावा किया कि जयपुर में कांग्रेस का पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनेगा. जनता में सरकार के खिलाफ अंडरकरंट है और इसका असर निकाय चुनाव में दिखाई दिया है. उन्होंने बेरोजगारी, युवाओं के मुद्दे, सड़क और विकास कार्यों को चुनाव के प्रमुख मुद्दे बताते हुए कहा कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है. उनका दावा था कि जयपुर की जनता ने भाजपा सरकार के कामकाज को लेकर अपना संदेश मतदान के जरिए दे दिया है. इस निकाय चुनाव में UGC भी बड़ा मुद्दा रहा है. एससी, एसटी, ओबीसी या सामान्य वर्ग, किसी ने भी UGC नहीं मांगा था, फिर भी सरकार जातियों के नाम पर लोगों को लड़ाना चाहती है.

प्रत्याशियों के संपर्क में रहने के निर्देश : शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि जयपुर नगर निगम के सभी 150 कांग्रेस प्रत्याशी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं. पार्टी का दावा है कि उसके प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल है और कांग्रेस पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनाने की स्थिति में है. सभी विधायकों और विधानसभा प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्रों के कांग्रेस प्रत्याशियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं. पार्टी नेतृत्व लगातार प्रत्याशियों से संवाद बनाए हुए है, ताकि चुनाव परिणाम आने तक किसी तरह की राजनीतिक सेंधमारी की गुंजाइश न रहे. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो प्रत्याशियों को जयपुर से बाहर भी ले जाया जा सकता है. पार्टी की प्राथमिकता फिलहाल सभी प्रत्याशियों को एकजुट रखना है.

प्रत्याशियों को एकजुट रखने की बनाई रणनीति: सुनील शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के बागी यदि पार्टी की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और वापस कांग्रेस में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है. कांग्रेस के दरवाजे ऐसे लोगों के लिए हमेशा खुले हुए हैं. कांग्रेस नेतृत्व का पूरा फोकस फिलहाल अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने पर है. विधायक रफीक खान ने जयपुर के चुनाव परिणाम को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि जयपुर में भाजपा तीसरे नंबर पर रहेगी, जबकि कांग्रेस पहले और निर्दलीय दूसरे स्थान पर रहेंगे. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जिन-जिन रास्तों से होकर गुजरे हैं, वहां भाजपा के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ेगा.

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खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप: शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस बोर्ड बनाने की स्थिति में है, लेकिन पार्टी परिणाम आने तक किसी तरह की लापरवाही नहीं करेगी. उन्होंने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी करेगी. रफीक खान ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद मेयर का चुनाव एक सप्ताह बाद होना है. ऐसे में कांग्रेस को अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने की जरूरत है. उन्होंने भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह सतर्क है. कांग्रेस जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी. पहले सभी पार्षदों और प्रत्याशियों से बातचीत की जाएगी, उसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी.

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