जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, CM बोले, 'रोडवेज अब घाटे का नहीं, फायदे का विभाग'
जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, CM बोले, 'रोडवेज अब घाटे का नहीं, फायदे का विभाग' सीएम ने कहा कि रोडवेज करीब 50 साल से घाटे में थी, लेकिन महज ढाई साल में इसे घाटे से फायदे में ला दिया. Published : August 11, 2026…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, CM बोले, 'रोडवेज अब घाटे का नहीं, फायदे का विभाग'
सीएम ने कहा कि रोडवेज करीब 50 साल से घाटे में थी, लेकिन महज ढाई साल में इसे घाटे से फायदे में ला दिया.
Published : August 11, 2026 at 8:48 PM IST
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पीएम ई-बस सेवा के तहत जयपुर को 16 इलेक्ट्रिक बसें समर्पित कीं. मुख्यमंत्री ने ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. जयपुर सहित प्रदेश के आठ शहरों में एक साथ 110 पीएम ई-बसों का संचालन शुरू हुआ. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और क्लीन मोबिलिटी की दिशा में शुरू की गई ये बसें राजस्थान की नगरीय परिवहन व्यवस्था को नई गति देंगी. बिना धुएं और कम शोर के चलने वाली इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. घाटे में चलने वाली रोडवेज विभाग अब फायदे में हो गया है.
'50 साल से घाटे में चल रही रोडवेज ढाई साल में मुनाफे में': मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में जनसेवा के लिए ई-बस सेवा शुरू की जा रही है. इससे नगरीय परिवहन व्यवस्था सुगम होगी और शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में भी योगदान मिलेगा. संभाग स्तर और बड़े जिलों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रोडवेज करीब 50 साल से घाटे में चल रही थी, लेकिन सरकार ने महज ढाई साल में इसे घाटे से निकालकर फायदे में लाने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रोडवेज घाटे का विभाग नहीं, बल्कि मुनाफे का विभाग हो गया है. सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आमजन की सुविधा को प्राथमिकता दी है.
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क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में कदम: मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पर्यावरण के प्रति सरकार की जिम्मेदारी को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इन बसों से धुआं नहीं निकलता और शोर भी अपेक्षाकृत कम होता है. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ने से शहरों की आबोहवा बेहतर करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ परिवहन व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने पर काम कर रही है. ई-बस सेवा इसी दिशा में उठाया गया कदम है. आने वाले समय में बड़े शहरों और संभाग स्तर पर ऐसी सुविधाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
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'सरकार के वादों को पूरा करने का दावा': मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने एक-एक वादे को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस जनसेवा, विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर है. ई-बस सेवा को भी इसी व्यापक विजन का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ शहरों के आम नागरिकों को मिलेगा. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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