जयपुर में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, कलेक्टर ने ली बैठक, 31 जुलाई तक ईजी एग्जिट पॉलिसी और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य
जयपुर में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, कलेक्टर ने ली बैठक, 31 जुलाई तक ईजी एग्जिट पॉलिसी और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कोचिंग संस्थानों की बैठक हुई. Published : July 9, 2026 at 7:1…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, कलेक्टर ने ली बैठक, 31 जुलाई तक ईजी एग्जिट पॉलिसी और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कोचिंग संस्थानों की बैठक हुई.
Published : July 9, 2026 at 7:13 PM IST
जयपुर: जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर दक्षिण युगांतर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में कोचिंग संस्थानों के लिए निर्धारित नियमों, सुरक्षा मानकों एवं छात्र हितों से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
जिला कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना सभी कोचिंग संस्थानों की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है. उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थान 31 जुलाई तक अपनी प्रमाणित ईज़ी एग्जिट नीति जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि विद्यार्थियों को संस्थान छोड़ने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो. फीस संबंधी विवादों के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के लिए भी स्पष्ट लिखित एग्जिट नीति अनिवार्य की गई.
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बैठक में दिए गए निर्देश: बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, भवन (स्ट्रक्चरल) सुरक्षा तथा छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे. इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम एवं अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर निरीक्षण और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी. जयपुर शहर के बाहरी क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग संस्थानों का भी अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा.
कलेक्टर ने सभी संस्थानों को 31 जुलाई तक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अनुपालना रिपोर्ट जमा करने तथा संबंधित स्टाफ को अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए. साथ ही प्रत्येक संस्थान में गेटकीपरों का अनिवार्य प्रशिक्षण 30 जुलाई तक पूरा कर शपथ-पत्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया, जो संस्थान स्वयं प्रशिक्षण नहीं करा सकते, उनके लिए जिला प्रशासन निःशुल्क व्यवस्था करेगा.
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काउंसलिंग सत्रों पर विशेष जोर: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर कोचिंग संस्थान में पर्याप्त मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और काउंसलर नियुक्त करने तथा उनकी अद्यतन सूची 31 जुलाई तक जमा करने के निर्देश दिए गए. पीएचक्यू-9 जैसे मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन और नियमित काउंसलिंग सत्रों पर विशेष जोर दिया गया. प्रत्येक संस्थान में प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने, शिकायत अधिकारी नियुक्त करने और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए. जिला कलेक्टर ने कोड ऑफ कंडक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के प्रति नैतिक दायित्व निभाते हुए तनावमुक्त वातावरण बनाने पर बल दिया.
बैठक में ऑफलाइन से ऑनलाइन और ऑनलाइन से ऑफलाइन स्विचिंग की स्पष्ट नीति तैयार कर 30 जुलाई तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा नकल विरोधी अधिनियम की जनजागरूकता के लिए अभियान चलाने और प्रमुख स्थानों पर सूचना सामग्री प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए. जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सभी कोचिंग संस्थानों से शासन के दिशा-निर्देशों, सुरक्षा मानकों और नियामक प्रावधानों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है और सभी संस्थान सुरक्षित, पारदर्शी तथा छात्र-केंद्रित वातावरण बनाने में गंभीरता दिखाएं.
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