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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राजस्थान में 611 स्कूल बिना बिल्डिंग के चल रहे:2,047 में शौचालय की सुविधा नहीं; 1,049 स्कूलों में पीने के पानी नहीं
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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को एक स्कूल में जाने को लेकर विवाद हुआ। जो तबेले में चल रहा था। वहीं, प्रदेश में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। इनमें 10 बालिका स्कूल भी शामिल हैं।
राज्य में बिल्डिंग वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 में शौचालय की सुविधा नहीं है, जबकि 1,049 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ये आंकड़े नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल के जवाब में सरकार की ओर से सामने आए हैं। सरकार ने यह जानकारी समग्र शिक्षा अभियान के तहत UDISE 2025-26 के आंकड़ों के आधार पर दी है। सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब CJP की टीम स्कूल ठीक करो अभियान के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रही है।
जयपुर में 38 स्कूल बिना भवन के
जयपुर में भी बिना बिल्डिंग चल रहे सरकारी स्कूलों की संख्या कम नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में 38 सरकारी स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा बिना बिल्डिंग के स्कूल झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक में हैं। यहां 23 स्कूलों के पास भवन नहीं है। इसके बाद झालावाड़ के खानपुर में 16 और झालरापाटन में 11 स्कूल बिना बिल्डिंग के चल रहे हैं।
फलोदी के बाप ब्लॉक में 11 और बांसवाड़ा के छोटी सरवन ब्लॉक में 10 स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। इससे साफ है कि स्कूल भवनों की समस्या केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी स्कूल इस समस्या से जूझ रहे हैं।
10 बालिका स्कूलों के पास भी अपना भवन नहीं
बिना बिल्डिंग के चल रहे 10 बालिका स्कूल में से जयपुर और अलवर के दो-दो स्कूल हैं। इसके अलावा बाड़मेर, चूरू, डूंगरपुर, करौली, कोटा और राजसमंद में एक-एक बालिका स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहा है।
2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं
सरकार के आंकड़ों के अनुसार अपने भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है। शौचालय की सुविधा के मामले में बांसवाड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में है। यहां 188 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं। इसके बाद डूंगरपुर में 124 और उदयपुर में 98 स्कूल ऐसे हैं। बीकानेर में 84, झालावाड़ में 81 और जैसलमेर में 79 सरकारी स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं होने की बात सामने आई है।
इन आंकड़ों में खास तौर पर आदिवासी बहुल जिलों की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में स्कूल बुनियादी स्वच्छता सुविधा से वंचित हैं।
1,049 स्कूलों में पीने का पानी नहीं
राजस्थान में 1,049 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पेयजल सुविधा के मामले में दौसा सबसे ऊपर है। यहां 96 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। इसके बाद उदयपुर में 70, अलवर में 65, करौली में 60 और बांसवाड़ा में 58 स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।
सरकार ने स्कूलों के लिए 550 करोड़ खर्च करने की बात कही
सरकार ने अपने जवाब में स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए किए जा रहे प्रावधानों की जानकारी भी दी है। बजट घोषणा के तहत स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही गई है। इसके अलावा भवन विहीन स्कूलों और जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों के लिए नए भवनों के निर्माण पर 450 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में भवन, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
5 साल में 12,500 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा
सरकार के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के स्तर पर जर्जर प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के भवनों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के लिए हर साल 2,500 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस हिसाब से पांच साल में करीब 12,500 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान है।
सरकार ने बताया है कि इन फंड का इंतजाम जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT), समग्र शिक्षा, राज्य निधि, VB-G-RAM-G, सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि, SDRF और CSR सहित अलग-अलग फंड से किया जाएगा।
जूली बोले- सरकार के पास कोई ठोस प्लान नहीं
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- पिछले साल हुई ऑडिट में प्रदेश में 3,768 सरकारी स्कूल पूरी तरह जर्जर और असुरक्षित घोषित किए गए थे। इन स्कूलों को बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने का असर स्टूडेंट्स के नामांकन पर पड़ा है।
जूली ने यह भी कहा- सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट की ओर से भी सरकार को फटकार लगाई जा चुकी है।
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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को बगरू विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा के निरीक्षण को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के 24 घंटे बाद शनिवार सुबह स्कूल को 50 मीटर दूर बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
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