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जोधपुर में हाईकोर्ट की बिल्डिंग की खामियों का मामला, 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत

जोधपुर में हाईकोर्ट की बिल्डिंग की खामियों का मामला, 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत जोधपुर के भवन में निर्माण संबंधी संरचनात्मक खामियों के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आठ आरोपियों को अंतरिम रूप से जमानत देने के आदेश…

ABP News के अनुसार18 सितंबर 2026 को 07:04 am बजे
जोधपुर में हाईकोर्ट की बिल्डिंग की खामियों का मामला, 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत

सौजन्य से:- ABP News

जोधपुर में हाईकोर्ट की बिल्डिंग की खामियों का मामला, 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत

जोधपुर के भवन में निर्माण संबंधी संरचनात्मक खामियों के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आठ आरोपियों को अंतरिम रूप से जमानत देने के आदेश दिए हैं. निजी मुचलके और जमानती पर जमानत दी गई है.

राजस्थान में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ, जोधपुर के भवन में निर्माण संबंधी संरचनात्मक खामियों के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आठ आरोपियों को अंतरिम रूप से जमानत देने के आदेश दिए हैं. मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की पीठ ने 17 सितंबर को यह आदेश पारित किया.

मामला हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से 12 नवंबर 2024 को कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर संख्या 0411/2024 से जुड़ा है. एफआईआर में शुरुआत में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 488 के तहत मामला दर्ज किया गया था. बाद में धारा 409, 336, 120बी और 166ए भी जोड़ी गईं। मामला राजस्थान हाईकोर्ट भवन में सामने आई संरचनात्मक विफलताओं से संबंधित है.

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आठ आरोपियों को मिली जमानत

इस मामले में राजेश चंद्र पुरोहित, शिव हरे माहौर, अजित कुमार सांघी, रामेश्वर दयाल खंडेलवाल, गोपाल लाल खंडेलवाल, अजय किशन मूथा, नवीन चंद्र के. राय और दीपक कुमार मित्तल को अंतरिम जमानत दी गई है.अदालत ने प्रत्येक आरोपी को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका तथा 50-50 हजार रुपये के दो सक्षम जमानती बांड प्रस्तुत करने की शर्त रखी है.

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के 15 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला दिया गया, जिसमें इसी मामले से जुड़े वरिंदर कुमार गर्ग को हिरासत में लिए जाने की स्थिति में तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया गया था. हाईकोर्ट ने उक्त आदेश को ध्यान में रखते हुए वर्तमान आवेदकों को भी समान अंतरिम राहत देना उचित माना.

केस डायरी के लिए मांगा समय

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि एक आवेदक के मामले में जवाब दाखिल किया जा चुका है, जबकि अन्य मामलों में जवाब और केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा गया. अदालत ने राज्य को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया.

अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम आदेश राज्य की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका के परिणाम के अधीन रहेगा. इन जमानत आवेदनों पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।चाहें तो मैं इसी खबर की ब्रेकिंग पट्टी, एंकर कॉपी और 5 अलग-अलग दमदार हेडलाइन भी बना सकता हूं.

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