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ACB Trap Jaipur: फटे में टांग अड़ाना पड़ा भारी! जयपुर में 10 हजार की घूस लेते ASI साहब हुए अरेस्ट

जयपुर के सांगानेर सदर थाने में दो पक्षों में राजीनामा होने के बावजूद एएसआई महेश चंद मीणा की ओर से परेशान किएए जाने का उन्हें बड़ा भुगतान करना पड़ गया। बताया जा रहा है कि एएसआई जब्त पिकअप छोड़ने की एवज में रिश्वत मांग रहे…

Navbharat Times के अनुसार1 अक्टूबर 2026 को 06:04 pm बजे
ACB Trap Jaipur: फटे में टांग अड़ाना पड़ा भारी! जयपुर में 10 हजार की घूस लेते ASI साहब हुए अरेस्ट

सौजन्य से:- Navbharat Times

जयपुर के सांगानेर सदर थाने में दो पक्षों में राजीनामा होने के बावजूद एएसआई महेश चंद मीणा की ओर से परेशान किएए जाने का उन्हें बड़ा भुगतान करना पड़ गया। बताया जा रहा है कि एएसआई जब्त पिकअप छोड़ने की एवज में रिश्वत मांग रहे थे और रंगे हाथों गिरफ्तार हो गए।

जय़पुर: राजस्थानी में कहावत है कि 'लाडो की बुआ बनना'। हिंदी में इसे आप 'फटे में टांग अड़ाना' भी कह सकते हैं। जब दो पक्ष राजी हो और फिर भी कोई तीसरा पंचायती है तो उसका हश्र बुरा होना तय है। ऐसा ही हुआ जयपुर में। एक पुलिस अफसर ने फटे में टांग अड़ाई। दो पक्षों में राजीनामा होने के बाद भी रुपए मांगने लगा। फिर क्या था। एक पीड़ित ने एसीबी में शिकायत कर दी। इसके बाद एसीबी ने पुलिस अफसरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर लिया।

दो पक्षों में विवाद के बाद हुआ था राजीनामा

जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में कुछ दिनों पहले दो पक्षों में विवाद हुआ था। विवाद के बाद दोनों पक्षों ने अपनी अपनी ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया और एक पक्ष के व्यक्ति की पिकअप गाड़ी जब्त की। सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) महेश चंद मीणा मामले के जांच अधिकारी थे। बाद में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया। राजीनामे के बाद भी जांच अधिकारी महेश चंद बोला कि पिकअप छोड़ने की एवज में 20 हजार रुपए देने होंगे क्योंकि कोर्ट में राजीनामा पेश करना होगा। केस में एक व्यक्ति को मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में भी 20 हजार रुपए मांगे थे।

घूस मांगने की शिकायत पहुंची एसीबी

दोनों पक्षों में राजीनामे के बाद भी जब एएसआई महेश चंद ने पिकअप वाहन छोड़ने की एवज में रिश्वत मांगी तो परिवादी ने एसीबी में शिकायत कर दी। सत्यापन कराए जाने पर शिकायत सही पाई गई। तकाजा करने पर एएसआई 10 हजार रुपए में राजी हो गया। गुरुवार सुबह एएसआई ने परिवादी को रिश्वत की रकम लेकर थाने पर बुलाया तो पुलिस टीम भी अलर्ट हो गई। दोपहर को एसीबी की टीम ने सांगानेर सदर थाने में ही एएसआई को 10 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जींस की जेब में रखे थे नोट

एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि रिश्वत लेने की सूचना मिलते ही एसीबी की टीम ने दबिश दी। दबिश के दौरान ही परिवादी ने बताया था कि सहायक उप निरीक्षक महेश चंद मीणा ने रिश्वत की रकम अपनी जींस की जेब में रखी है। एसीबी की टीम ने एएसआई महेश चंद को पकड़ा और उसके जींस की जेब तलाशी। तलाशी के दौरान रिश्वत के रूप में ली गई रकम बरामद हो गई। इसके बाद एसीबी की टीम ने महेश चंद को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की दूसरी टीम एएसआई महेश के घर की तलाशी ले रही है।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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