निकाय सेवा चुनावों में गिन-जिन: चार दिशा
राजस्थान में आगामी लोकसभा चुनाव में Gen-Z की बड़ी भूमिका होने वाली है। भारतीय जनता पार्टी ने युवा वर्ग को साधने के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जिसमें कॉलेज परिसरों, कोचिंग हब और छात्रावासों तक पहुंच बनाना शामिल है। यहां तक कि युवा मोर्चा घर घर जाकर छात्र छात्राओं के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटी है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
BJP in Rajasthan : निकाय से लेकर लोकसभा तक Gen-Z होगी चुनावी राजनीति का केंद्र, युवाओं को साधने में जुटा सत्ता और संगठन
निकाय से लेकर लोकसभा चुनाव तक में इस बार Gen-Z की बड़ी भूमिका होने वाली है.
Published : July 30, 2026 at 6:32 AM IST
जयपुर: दिल्ली के जंतर मंतर से देश में Gen-Z की नई भूमिका निकल कर सामने आई. अब राजस्थान में होने वाले निकाय और पंचायत चुनावों के साथ आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में Gen-Z मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है. पहली बार बड़ी संख्या में युवा मतदाता चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जिससे सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बदलनी शुरू कर दी है. भाजपा ने भी इस वर्ग तक पहुंच बनाने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा के माध्यम से विशेष संपर्क और संवाद अभियान तेज कर दिया है.
पार्टी का फोकस रोजगार, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और सुशासन जैसे मुद्दों के जरिए युवा मतदाताओं को जोड़ने पर है. आने वाले चुनावों में Gen-Z का रुझान कई सीटों पर जीत-हार का समीकरण तय कर सकता है. यही वजह से सरकार के स्तर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम के जरिए युवाओं से संवाद कर रहे हैं. वहीं, भाजपा युवा मोर्चा घर घर जाकर छात्र छात्राओं के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटी हुआ है.
छात्र-छात्राओं के बीच पकड़ मजबूत : दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने छात्र और युवा वर्ग के बीच अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. राजस्थान में भाजपा युवा मोर्चा कॉलेज परिसरों, कोचिंग हब और छात्रावासों तक पहुंच बनाकर युवाओं से सीधे संवाद करने की रणनीति पर काम कर रहा है. निकाय और पंचायत चुनाव के साथ आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी युवाओं को संगठन से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है. युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा कि भाजपा युवाओं के साथ है, उनके अधिकारों के लिए डबल इंजन की सरकार काम कर रही है.
भाजपा युवा मोर्चा ने प्रदेशभर में "युवा चौपाल", "छात्र संवाद", "कॉलेज संपर्क अभियान" और "युवा सम्मेलन" शुरू किए हैं. इसके साथ नीट में पास हुए छात्रों से उनके घर जाकर मुलाकात कर उनका सम्मान करने का काम किया जा रहा है. गोरा ने कहा कि कई कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ता कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद कर रहे हैं. पिछले दिनों कारगिल दिवस पर के मौके पर युवाओं के साथ कार्यक्रम किया और कारगिल में भारतीय सेना ने जिस तरह से अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों को धूल चटाने का काम किया उसकी जानकारी युवाओं की दी.
शंकर गोरा ने कहा कि इसके साथ केंद्र और राज्य सरकार की युवा हितैषी योजनाओं, रोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, खेल और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि सभी संभागों, जिलों और मंडलों तक अभियान का विस्तार किया जा रहा है. पार्टी का लक्ष्य पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं यानी फर्स्ट टाइम वोटर्स और Gen-Z को संगठन से जोड़ना है. इसके लिए सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और ऑन-ग्राउंड कार्यक्रमों का समन्वय किया जा रहा है.
छात्र-युवा वर्ग के बीच पकड़ मजबूत :
- जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सक्रियता बढ़ी : युवाओं के आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के बाद भाजपा ने छात्र और युवा वर्ग के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाई है.
- कॉलेज और कोचिंग हब पर फोकस : भाजपा युवा मोर्चा कॉलेज परिसरों, कोचिंग हब और छात्रावासों तक पहुंच बनाकर युवाओं से सीधे संवाद कर रहा है.
- युवा चौपाल से छात्र संवाद तक : प्रदेशभर में 'युवा चौपाल', 'छात्र संवाद', 'कॉलेज संपर्क अभियान' और 'युवा सम्मेलन' जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं.
- NEET सफल छात्रों का सम्मान : NEET में सफल हुए विद्यार्थियों से उनके घर जाकर मुलाकात और सम्मान किया जा रहा है, ताकि मेधावी युवाओं से सीधा संपर्क मजबूत हो.
- राष्ट्रवाद के जरिए युवाओं से जुड़ाव : कारगिल दिवस पर युवाओं के साथ कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भारतीय सेना के शौर्य और कारगिल युद्ध की वीरगाथा से अवगत कराया गया.
- सरकारी योजनाओं की जानकारी : रोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, खेल और शिक्षा से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुंचाई जा रही है.
- Gen-Z और फर्स्ट टाइम वोटर्स पर नजर : भाजपा का खास फोकस पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और Gen-Z को संगठन से जोड़ने पर है.
- डिजिटल और ग्राउंड कैंपेन का तालमेल : अभियान को संभाग, जिला और मंडल स्तर तक विस्तार देते हुए सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और जमीनी कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा जा रहा है.
'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम के जरिए युवाओं से संवाद : उधर, संगठन के साथ सत्ता ने भी युवाओं को केन्द्र बिंदु बना लिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी युवाओं 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम के जरिए युवाओं से संवाद के रहे हैं. उन्होंने कहा कि विचारशील, अनुशासित और संस्कारवान युवा विकसित भारत-विकसित राजस्थान के आधार हैं. युवा नए विचार और नई ऊर्जा से भरपूर होते हैं. हमारी सरकार युवाओं से संवाद कर बजट में उनके बहुमूल्य सुझावों को शामिल करती है.
पढ़ें : निकाय एवं पंचायत चुनाव के लिए कार्यकर्ता तैयार कर रही कांग्रेस, zen z वोटर्स पर फोकस करेगी पार्टी
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नीतियों को और बेहतर बनाने के लिए युवाओं के साथ इस तरह के संवाद बेहद महत्वपूर्ण हैं. राज्य सरकार युवाओं के सुझावों पर विचार कर आगामी योजनाएं तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप हमारे प्रदेश का युवा विकास में अपना योगदान दें. हर युवा को सम्मान मिले और उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिले.
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब : राजनीतिक विश्लेषक श्यामसुंदर शर्मा का मानना है कि जंतर-मंतर आंदोलन के बाद युवाओं के मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं. ऐसे में भाजपा युवाओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने और विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने के लिए सीधे संवाद की रणनीति अपना रही है. पार्टी मानती है कि निकाय और पंचायत चुनावों में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे और यही वर्ग आगे विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों की दिशा भी तय करेगा. भाजपा का यह अभियान केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के बीच राजनीतिक संवाद बढ़ाने और उन्हें पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों से जोड़ने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है.
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