गुरु पूर्णिमा पर राजस्थान में भक्तिमय माहौल : मेहंदीपुर बालाजी में उमड़े श्रद्धालु, पुष्कर में स्नान और पूजा का दौर
गुरु पूर्णिमा पर राजस्थान में भक्तिमय माहौल : मेहंदीपुर बालाजी में उमड़े श्रद्धालु, पुष्कर में स्नान और पूजा का दौर गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा और वेदव्यास जयंती के रूप में भी मनाया गया. Published : July 29, 2026 at…

सौजन्य से:- ETV Bharat
गुरु पूर्णिमा पर राजस्थान में भक्तिमय माहौल : मेहंदीपुर बालाजी में उमड़े श्रद्धालु, पुष्कर में स्नान और पूजा का दौर
गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा और वेदव्यास जयंती के रूप में भी मनाया गया.
Published : July 29, 2026 at 5:33 PM IST
दौसा/अजमेर/ बारां: समूचे राजस्थान में गुरु पूर्णिमा पर्व बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया. दौसा जिले के प्रसिद्ध आस्था धाम मेहंदीपुर बालाजी में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने अपने सद्गुरु के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए गुरु पूजन, गुरु दीक्षा एवं आरती में भाग लिया. वहीं तीर्थराज पुष्कर में गुरुपूर्णिमा वेद व्यास जयंती के रूप में मनाई गई. यहां बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्कर सरोवर में पवित्र स्नान किया. कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश लेकर संतों के आश्रमों में पहुंचे और आशीर्वाद प्राप्त किया.
मेहंदीपुर बालाजी में कार्यक्रम की शुरुआत महंत नरेशपुरी के स्वागत से हुई. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उनका पुष्प वर्षा से अभिनंदन किया गया. जयकारों और भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने गुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान पूरा परिसर 'जय श्री बालाजी महाराज' और गुरु वंदना के जयघोषों से गूंज उठा. कार्यक्रम में रामेष्ट वेद संस्कृत गुरुकुलम के विद्यार्थियों ने भी अपनी विशेष प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज से गुरु दीक्षा ग्रहण की. दीक्षा के समय महंत महाराज ने श्रद्धालुओं को बालाजी महाराज का पवित्र चोला, पावन जल, भभूति और प्रसादी भेंट कर आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया. इस अवसर पर संस्कृति युवा संस्थान के सुरेश मिश्रा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. वहीं, सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, एसडीएम नवनीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज का आशीर्वाद लिया.
तीर्थराज पुष्कर में मनाई वेदव्यास जयंती: अजमेर जिले के तीर्थ नगरी पुष्कर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया. यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुष्कर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और तीर्थराज गुरु पुष्कर की विधिवत पूजा-अर्चना की. साधु-संतों ने भी पुष्कर राज की आराधना की. पुष्कर के तीर्थ पुरोहित पंडित रविकांत शर्मा ने बताया कि आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाने की परंपरा सदियों पुरानी है. यह दिन वेदव्यास जी की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. वहीं, रामसखा आश्रम के महंत नंद शरण महाराज ने बताया कि जीवन में तीन गुरु होते हैं – मां, शिक्षा देने वाले और आध्यात्मिक गुरु. इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश लेकर संतों के आश्रमों में पहुंचे और आशीर्वाद प्राप्त किया.
बारां में गुरु पूजन कर लिया आशार्वाद: बारां जिले में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया. जिलेभर के मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर गुरु पूजन, भजन-कीर्तन और विशेष आयोजन हुए. इन्हीं में से एक भव्य आयोजन बारां-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग-27 स्थित मुंडली बालाजी धाम में हुआ. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. कार्यक्रम में महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास त्यागी ने श्रद्धालुओं को गुरु की महिमा से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि गुरु बिना भवसागर पार नहीं हो सकता. गुरु अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया. श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गुरु पूजन किया और प्रसादी ग्रहण की. पूरा मुंडली बालाजी धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा.
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