BRICS Summit 2026: जयपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का गवाह, ब्रिक्स देशों के मंत्री करेंगे महामंथन
BRICS Summit 2026: जयपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का गवाह, ब्रिक्स देशों के मंत्री करेंगे महामंथन दिल्ली में सम्मेलन से पहले जयपुर में BRICS देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बैठकें होंगी. पढ़िए जयपुर से अश्विनी पारीक की…

सौजन्य से:- ETV Bharat
BRICS Summit 2026: जयपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का गवाह, ब्रिक्स देशों के मंत्री करेंगे महामंथन
दिल्ली में सम्मेलन से पहले जयपुर में BRICS देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बैठकें होंगी. पढ़िए जयपुर से अश्विनी पारीक की रिपोर्ट.
Published : August 5, 2026 at 3:37 PM IST
जयपुर: अगस्त का महीना राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए बेहद खास रहने वाला है. भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत गुलाबी नगरी में एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित होंगी. इन बैठकों में BRICS देशों के वाणिज्य और उद्योग मंत्री, वित्त मंत्री, सेंट्रल बैंक गवर्नर और पर्यटन मंत्री शामिल होंगे. उद्योग, व्यापार, निवेश, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल कॉमर्स, MSME सहयोग, पर्यटन और सुरक्षित यात्रा जैसे अहम मुद्दों पर इन बैठकों में मंथन होगा. इस लिहाज से अगस्त में जयपुर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, आर्थिक सहयोग और पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में नजर आएगा.
सितंबर में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन से पहले जयपुर में होने वाली ये बैठकें बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले विभिन्न मंत्रीस्तरीय बैठकों के जरिए एजेंडे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है. 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित है. भारत की अध्यक्षता में होने वाला यह सम्मेलन BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों के स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण आयोजन होगा. ऐसे में जयपुर में होने वाली बैठकें आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही हैं. जयपुर के प्रमुख मार्ग इसके लिए लहरिया थीम पर सजाये गए हैं.
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6-7 अगस्त को जयपुर में BRICS व्यापार मंत्रियों की बैठक: जयपुर में BRICS गतिविधियों का पहला बड़ा चरण 6 और 7 अगस्त को होगा. इन दो दिनों में BRICS देशों के उद्योग और व्यापार मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि जयपुर में जुटेंगे. बैठक का आयोजन रामबाग पैलेस में होगा. इस बैठक में भारत के साथ ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया सहित BRICS देशों के संबंधित मंत्री और प्रतिनिधि शामिल होंगे. भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. बैठक में BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने, डिजिटल कॉमर्स और ई-कॉमर्स फ्रेमवर्क विकसित करने तथा MSME क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर भी विचार होगा.
6 अगस्त को सिटी पैलेस में शाही गाला डिनर: BRICS देशों के मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए जयपुर में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और शाही मेहमाननवाजी का प्रदर्शन भी होगा. 6 अगस्त की शाम सिटी पैलेस में भव्य गाला डिनर और रंगारंग सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी. इसमें BRICS देशों के वाणिज्य, उद्योग और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सम्मान में शाही अंदाज में मेहमाननवाजी की जाएगी. गाला डिनर के दौरान विदेशी मेहमानों को राजस्थान की लोक संस्कृति, लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक आतिथ्य से रूबरू कराया जाएगा. यह आयोजन केवल औपचारिक डिनर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों से आए नीति-निर्माताओं के सामने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा.
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ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण: BRICS प्रतिनिधिमंडल 7 अगस्त को जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा. इसमें आमेर किला सहित जयपुर की प्रमुख विरासतों को शामिल किया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल को जयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य कला, राजस्थानी संस्कृति और पर्यटन क्षमता से रूबरू कराया जाएगा. इस दौरान राजस्थान की पर्यटन संभावनाओं और निवेश के अवसरों को भी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. इस तरह BRICS बैठकों के दौरान जयपुर में कूटनीति के साथ संस्कृति और पर्यटन का भी संगम देखने को मिलेगा.
12-13 अगस्त को वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर करेंगे मंथन: BRICS बैठकों का अगला महत्वपूर्ण चरण 12 और 13 अगस्त को होगा. इस दौरान BRICS देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर जयपुर में जुटेंगे. इस बैठक में भारत की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा शामिल होंगे. वित्त और बैंकिंग से जुड़े इस महत्वपूर्ण मंथन में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, वित्तीय सहयोग, निवेश, आर्थिक स्थिरता और सदस्य देशों के बीच वित्तीय संबंध मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने, सीमा पार आर्थिक लेनदेन को आसान बनाने और वैश्विक वित्तीय सहयोग को मजबूत करने जैसे विषय भी महत्वपूर्ण रहेंगे. 6-7 अगस्त की उद्योग व्यापार मंत्रियों की बैठक और 12-13 अगस्त की वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों की बैठक जयपुर को BRICS के आर्थिक और वित्तीय एजेंडे का अहम केंद्र बना देंगी.
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अगस्त के तीसरे चरण में पर्यटन पर होगा महामंथन: जयपुर में BRICS की बैठकों का तीसरा बड़ा चरण पर्यटन से जुड़ा होगा. 19 और 20 अगस्त को BRICS Tourism Working Group की हाई-लेवल बैठक जयपुर में आयोजित होगी. इसके बाद 21 और 22 अगस्त को BRICS देशों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक होगी. इसमें BRICS के सदस्य देशों के पर्यटन मंत्री और शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इन बैठकों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी. AI आधारित पर्यटन, सुरक्षित यात्रा, सतत पर्यटन, वैश्विक पर्यटन सहयोग, पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा होगी. पर्यटन क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने, पर्यटन स्थलों के प्रचार, यात्रा प्रबंधन और पर्यटन सेवाओं को आसान बनाने में किस तरह किया जा सकता है, इस पर भी सदस्य देश अपने अनुभव साझा कर सकते हैं.
जयपुर से तैयार होगा BRICS शिखर सम्मेलन का ब्लूप्रिंट: अगस्त में जयपुर में होने वाली तीन चरणों की बैठकों को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों की अहम कड़ी माना जा रहा है. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रस्तावित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख शामिल होंगे. ऐसे में इससे पहले जयपुर में उद्योग, व्यापार, वित्त और पर्यटन से जुड़े मंत्रीस्तरीय स्तर पर होने वाली चर्चाओं का विशेष महत्व है. जयपुर में तैयार होने वाली सिफारिशों और प्रस्तावों को नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन के व्यापक एजेंडे से जोड़ा जा सकता है, यानी राष्ट्राध्यक्ष स्तर पर अंतिम निर्णय दिल्ली में होंगे, लेकिन उन फैसलों की बुनियाद तैयार करने में जयपुर की बैठकों की भूमिका अहम हो सकती है.
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स्थानीय मुद्राओं में व्यापार से AI तक अहम मुद्दे: BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना एक महत्वपूर्ण विषय है. वैश्विक व्यापार में डॉलर पर निर्भरता कम करने और सदस्य देशों के बीच सीधे आर्थिक लेनदेन को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स, MSME सहयोग, निवेश, सप्लाई चेन, AI और नई तकनीक जैसे मुद्दे भी बैठक के केंद्र में रहेंगे. BRICS के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को देखते हुए सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश को आसान बनाना और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करना भी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा.
जयपुर बनेगा वैश्विक कूटनीति का नया केंद्र: अगस्त में लगातार होने वाली BRICS बैठकों से जयपुर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. पिंक सिटी पहले से ही दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, लेकिन इस बार दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वरिष्ठ नीति-निर्माता यहां एक साथ जुटेंगे. LBRICS प्रतिनिधियों के जयपुर आगमन से राजस्थान को वैश्विक निवेश, पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग के क्षेत्र में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा. राजस्थान के लिए यह अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य सरकार निवेश और पर्यटन को आर्थिक विकास के प्रमुख आधार के तौर पर आगे बढ़ा रही है. BRICS बैठकों के जरिए राजस्थान के पर्यटन स्थलों, होटल उद्योग, हस्तशिल्प, संस्कृति और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा.
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रामबाग पैलेस और RIC पर सुरक्षा का विशेष फोकस: BRICS की बैठकों में कई देशों के मंत्री, बैंक गवर्नर और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे. ऐसे में जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रहेगी. रामबाग पैलेस और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) सहित संबंधित आयोजन स्थलों और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे. सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी. प्रतिनिधिमंडलों के कार्यक्रम, होटल, आयोजन स्थल और भ्रमण स्थलों को ध्यान में रखते हुए पुलिस, प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और प्रोटोकॉल अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाएगा.
राजस्थान की संस्कृति और विरासत का होगा वैश्विक प्रदर्शन: BRICS बैठकों की सबसे खास बात यह भी होगी कि जयपुर को केवल बैठक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति और विरासत के वैश्विक मंच के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा. 6 अगस्त के गाला डिनर में राजस्थानी लोक संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य की झलक दिखाई जाएगी, जबकि 7 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल के आमेर किला और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के दौरान जयपुर की विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा. महलों, किलों, लोककला, संगीत, नृत्य और पारंपरिक खानपान के जरिए विदेशी मेहमानों के सामने राजस्थान की सांस्कृतिक ताकत प्रस्तुत होगी. इससे राजस्थान के पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग को बड़ा फायदा मिल सकता है.
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राजस्थान सरकार के लिए भी बड़ी परीक्षा: इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी राजस्थान सरकार और प्रशासनिक मशीनरी के लिए भी बड़ी परीक्षा होगी. एक साथ अलग-अलग देशों के मंत्री, सेंट्रल बैंक गवर्नर और वरिष्ठ अधिकारी जयपुर में मौजूद रहेंगे. सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, होटल व्यवस्था, एयरपोर्ट से आवाजाही, आयोजन स्थलों की व्यवस्थाएं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मेहमाननवाजी को लेकर प्रशासन को हर स्तर पर बेहतर समन्वय करना होगा. अगर जयपुर इन बैठकों की सफल मेजबानी करता है, तो भविष्य में राजस्थान को और बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और वैश्विक आयोजनों की मेजबानी मिलने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं.
दिल्ली में राष्ट्राध्यक्षों की बैठक, जयपुर में तैयार होगी जमीन: BRICS का अंतिम और सबसे बड़ा राजनीतिक मंच सितंबर में नई दिल्ली में सजेगा, लेकिन उससे पहले अगस्त में जयपुर में आर्थिक, वित्तीय और पर्यटन एजेंडे पर होने वाली बैठकों से इसकी जमीन तैयार होगी. 6-7 अगस्त को उद्योग और व्यापार, 12-13 अगस्त को वित्त और बैंकिंग, 19-20 अगस्त को पर्यटन वर्किंग ग्रुप और 21-22 अगस्त को पर्यटन मंत्रियों की बैठक के जरिए जयपुर करीब पूरे महीने BRICS गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा.
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एक ओर पीयूष गोयल और जितिन प्रसाद उद्योग व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे, वहीं निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा वित्तीय सहयोग से जुड़े विषयों पर मंथन में शामिल होंगे. इसके बाद पर्यटन से जुड़े उच्चस्तरीय प्रतिनिधि जयपुर में वैश्विक पर्यटन की दिशा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे. इस तरह अगस्त में जयपुर केवल BRICS बैठकों की मेजबानी नहीं करेगा, बल्कि व्यापार, वित्त, पर्यटन, AI और वैश्विक आर्थिक सहयोग के मुद्दों पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय महामंथन का प्रमुख केंद्र बनेगा.
पिंक सिटी से ग्लोबल डिप्लोमेसी कैपिटल की ओर: BRICS बैठकों के जरिए जयपुर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के नक्शे पर एक नई पहचान मिलने का अवसर है. सितंबर में अंतिम बड़े फैसले नई दिल्ली में होंगे, लेकिन उससे पहले अगस्त में जयपुर में होने वाला महामंथन उन फैसलों की दिशा तय करने में अहम योगदान देगा. गुलाबी नगरी जयपुर अब केवल पर्यटन की राजधानी नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक सहयोग, कूटनीति और सांस्कृतिक शक्ति के एक बड़े मंच के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है.
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