जयपुर: CM के काफिले के दौरान झुलसी रेशू को नहीं मिला इंसाफ, अब करेंगी आंदोलन?
जयपुर: CM के काफिले के दौरान झुलसी रेशू को नहीं मिला इंसाफ, अब करेंगी आंदोलन? Jaipur News In Hindi: जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान पुलिस के धक्के से झुलसी मोमोज विक्रेता रेशू गुप्ता को 2 महीने बाद भी कोई मदद नह…

सौजन्य से:- ABP News
जयपुर: CM के काफिले के दौरान झुलसी रेशू को नहीं मिला इंसाफ, अब करेंगी आंदोलन?
Jaipur News In Hindi: जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान पुलिस के धक्के से झुलसी मोमोज विक्रेता रेशू गुप्ता को 2 महीने बाद भी कोई मदद नहीं मिली है. पीड़िता ने दी आंदोलन की चेतावनी.
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 19 जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले (VIP Movement) के गुजरने के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता और लापरवाही का शिकार हुई रेशू गुप्ता आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं. उबलते पानी से गंभीर रूप से झुलसने की इस दर्दनाक घटना को आज पूरे दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की तरफ से अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली है. इलाज का भारी खर्च और शारीरिक दर्द ने उनके परिवार को आर्थिक व मानसिक रूप से तोड़ दिया है.
पीड़िता रेशू गुप्ता के अनुसार, 19 जून को जगतपुरा के महल रोड पर वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मोमोज का ठेला लगा रही थीं. उसी दौरान मुख्यमंत्री का काफिला वहां से गुजरने वाला था, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें तुरंत ठेला हटाने का निर्देश दिया. रेशू का कहना है कि वह खुद अपना ठेला पीछे कर रही थीं और उन्होंने पुलिसकर्मी को साफ तौर पर चेताया भी था कि ठेले पर उबलता हुआ गर्म पानी रखा है, इसलिए धक्का न दें. आरोप है कि इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने ठेले को जोर से धक्का दे दिया, जिससे सारा खौलता हुआ पानी रेशू के ऊपर गिर गया और वह बुरी तरह झुलस गईं.
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कोरोना में पिता को खोया, अब रोजी-रोटी भी छिनी
रेशू की पारिवारिक स्थिति बेहद दयनीय है. कोरोना महामारी के दौरान उनके पिता का निधन हो चुका है, जिसके बाद से परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई थी. मोमोज का वह ठेला ही परिवार की कमाई का इकलौता सहारा था. लेकिन इस हादसे के बाद से न सिर्फ उनका काम बंद हो गया, बल्कि लंबे इलाज के बावजूद वह आज तक सामान्य जिंदगी नहीं जी पा रही हैं. शरीर का असहनीय दर्द और ऊपर से इलाज का भारी खर्च, दोनों ने उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं.
'लोकतंत्र में जनता ही VIP है, तो न्याय कब?'
अब रेशू ने सरकार से सीधा और तीखा सवाल पूछा है कि अगर VIP काफिले के लिए आम आदमी की जिंदगी और रोजी-रोटी को इस तरह कुचल दिया जाएगा, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? उनका स्पष्ट कहना है, “लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी VIP है, फिर एक आम नागरिक की सुनवाई कब होगी?” पीड़िता ने अब चेतावनी दी है कि वह चुप नहीं बैठेंगी और न्याय के लिए सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगी.
'वादे हुए, पर नहीं मिली कोई सरकारी मदद'
इस पूरे मामले पर बीजेपी नेत्री और सोशल एक्टिविस्ट रिंकू शर्मा ने भी प्रशासन को घेरा है. उन्होंने बताया कि घटना के बाद ऐलान किया गया था कि रेशू गुप्ता का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर होगा, आर्थिक मदद दी जाएगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और जीवन यापन के लिए 'सरस डेयरी' का एक बूथ अलॉट किया जाएगा. लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी धरातल पर कुछ नहीं हुआ. उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से तुरंत अपना वादा पूरा करने की मांग की है.
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