राजस्थान हाईकोर्ट के डोम पर सवाल, IIT मुंबई ने सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी!
IIT मुंबई की रिपोर्ट में जोधपुर हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग में सेंट्रल डोम के ढहने की आशंका जताई गई है। कोर्ट ने सुरक्षा उपायों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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जोधपुर हाईकार्ट का डोम कभी भी ढह सकता है:IIT मुंबई की रिपोर्ट में दावा, कोर्ट ने सीएस-डीजीपी को पेश होने के निर्देश दिए
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राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के नई बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट में बिल्डिंग के करीब 21 मीटर ऊंचे सेंट्रल डोम के कभी भी ढहने की आशंका जताई गई है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर खुद संज्ञान लिया। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाब-तलब करते हुए सुरक्षा के तुरंत उपाय करने के निर्देश दिए।
मामले को लेकर 24 अगस्त को मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) के एमडी और डीजीपी सहित विशेषज्ञों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं।
कोर्ट ने कहा- कुछ साल में ही सामने आई थीं खामियां
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- बिल्डिंग को सौंपने के कुछ ही साल में कई गंभीर संरचनात्मक खामियां सामने आ चुकी हैं। बिल्डिंग में पानी का रिसाव, खराब सैनिटरी पाइप, ड्रेनेज की खामियां, आग से सुरक्षा की कमियां और दरारें भी पाई गई हैं।
IIT मुंबई की जांच में ये मिलीं खामियां
IIT मुंबई की हालिया जांच रिपोर्ट में कई हिस्सों में जंग पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार- लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र, जहां जांच की गई। वहां कंक्रीट का उखड़ना जैसे हालात दिखे। कोर्ट ने डोम क्षेत्र को बैरिकेड करने, सीपेज (पानी का रिसाव) की समस्या को दूर करने और 24 घंटे निगरानी (स्ट्रक्चरल मॉनिटरिंग) करने के निर्देश दिए हैं।
IIT जोधपुर की जांच में भी पहले मिली थी खामियां
IIT जोधपुर की जांच में कोर्ट बिल्डिंग में स्टील में जंग, कंक्रीट में दरारें और वॉटरप्रूफिंग से जुड़ी खामियां मिली थीं। इसके बाद स्ट्रक्चरल ऑडिट में भी निर्माण की गुणवत्ता और पानी में अधिक क्लोराइड की समस्या उजागर हुई। भवन की मरम्मत और रेट्रोफिटिंग के लिए लगभग 57.65 करोड़ रुपए का अनुमान तैयार किया गया था।
24 अगस्त तक पेश करना होगा एफिडेविड
राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को 24 अगस्त तक शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है। इस शपथ पत्र में जिम्मेदार अधिकारियों, निर्माण एजेंसियों, अब तक हुए खर्च और स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना का विवरण देना होगा।
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