जयपुर की इस लड़की ने हिला दिया रेलवे का पूरा सिस्टम! IRCTC की नई वेबसाइट के पीछे निकली ये इनसाइड स्टोरी
जयपुर से शुरू हुई 'सुपरफास्ट' वेबसाइट की कहानी इस बड़े बदलाव की शुरुआत तब हुई जब जून महीने की शुरुआत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के दौरे पर थे। वहां ह्यूमैनिटीज और…

सौजन्य से:- Navbharat Times
जयपुर से शुरू हुई 'सुपरफास्ट' वेबसाइट की कहानी
इस बड़े बदलाव की शुरुआत तब हुई जब जून महीने की शुरुआत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के दौरे पर थे। वहां ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस विभाग से PhD कर रही छात्रा लविशा मीणा ने रेल मंत्री से सीधे शिकायत की कि तत्काल टिकट बुक करते समय IRCTC की वेबसाइट अक्सर धीमी हो जाती है और परेशान करने वाले कैप्चा कोड के कारण टिकट बुक ही नहीं हो पाता।लविशा की शिकायत पर रेल मंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को फोन घुमाकर 15 जुलाई तक नई वेबसाइट तैयार करने का टास्क दे दिया और इस री-डिजाइनिंग में MNIT के छात्रों को भी शामिल किया गया।
क्या वाकई बदल गया IRCTC?
जब इस नई वेबसाइट के बीटा वर्जन का लाइव टेस्ट किया गया, तो इंटरफेस में कई शानदार और व्यावहारिक बदलाव देखने को मिले।- कैप्चा कोड के झंझट से बड़ी राहत: यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत कैप्चा को लेकर थी। लाइव टेस्ट के दौरान टिकट बुकिंग के वक्त कोई कैप्चा कोड नहीं आया। हालांकि, लॉग-इन के समय यदि आप पासवर्ड भूल जाते हैं, तो उसे री-सेट करने के लिए केवल एक बार कैप्चा डालना पड़ता है, जो कि सुरक्षा के लिहाज से ठीक है।
- क्लीन इंटरफेस और नो पॉप-अप: पहले तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान चमकीले ग्राफिक्स और विज्ञापनों वाले पॉप-अप ध्यान भटकाते थे। नए पोर्टल का लेआउट बेहद साफ-सुथरा है और यह बिना किसी लैग या रुकावट के तेजी से लोड हो रहा है। टिकट का किराया भी बड़े फॉन्ट में स्पष्ट दिखता है।
- बार-बार नाम भरने की जरूरत नहीं: नई वेबसाइट पर पैसेंजर डिटेल्स और वेज/नॉन-वेज फूड चॉइस पहले से सेव रखी जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि यदि आपकी डिटेल्स रेलवे के दूसरे ऐप 'रेलवन' पर सेव हैं, तो नई वेबसाइट वहां से भी डेटा सीधे फैच कर लेती है।
- QR कोड से सुपरफास्ट पेमेंट: स्टेशन और तारीख चुनने के बाद तुरंत कुल खर्च सामने आता है। भुगतान के लिए यूपीआई का विकल्प सबसे बेहतर है, जहां स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड जनरेट होता है, जिसे फोन से स्कैन करते ही तुरंत पेमेंट हो जाता है।
लविशा की एक आवाज पर शुरू हुआ यह बदलाव फिलहाल बीटा लिंक के रूप में उपलब्ध है, जहां आम लोग अपना फीडबैक दे रहे हैं। जनता से मिले सुझावों को शामिल कर जल्द ही इसका फाइनल वर्जन पूरे देश के लिए आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा।
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