होम›क्राइम›Jaipur 100 Crore Scam: करोड़पति बनाने के नाम पर '100 करोड़ का डाका', जयपुर पुलिस के चढ़े हत्थे तो ऐसे खुल गई पोल
क्राइम

Jaipur 100 Crore Scam: करोड़पति बनाने के नाम पर '100 करोड़ का डाका', जयपुर पुलिस के चढ़े हत्थे तो ऐसे खुल गई पोल

जयपुर में डिजिटल करेंसी और प्रॉपर्टी में भारी मुनाफे का झांसा देकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले दो शातिर ठगों—मोहित कालोया और घनश्याम कांदेल—को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 1.25 करोड़ की कार जब्त और…

Navbharat Times के अनुसार2 अक्टूबर 2026 को 12:05 pm बजे
Jaipur 100 Crore Scam: करोड़पति बनाने के नाम पर '100 करोड़ का डाका', जयपुर पुलिस के चढ़े हत्थे तो ऐसे खुल गई पोल

सौजन्य से:- Navbharat Times

जयपुर में डिजिटल करेंसी और प्रॉपर्टी में भारी मुनाफे का झांसा देकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले दो शातिर ठगों—मोहित कालोया और घनश्याम कांदेल—को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 1.25 करोड़ की कार जब्त और 1 करोड़ की एफडी फ्रीज की गई है।

जयपुर: सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज की भरमार है जो चंद दिनों में करोड़पति बनाने का सपना दिखाते हैं। ऐसे वीडियो देखकर कई लोग झांसे में आ जाते हैं और अपनी कमाई बर्बाद कर बैठते हैं। जयपुर में भी ऐसी गैंग सक्रिय थी जो लोगों को इन्वेस्टमेंट पर कई गुना मुनाफा दिखाकर झांसे में लेती थी। इस गैंग के सरगना पकड़ में आए तो पुलिस भी हैरान रह गई। पता चला है कि यह गैंग 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुकी है।

ठगी के दो तरीके अपनाए गए

पहला - दो शातिर बदमाशों ने मैसर्स Easy Way Homes नाम से फर्म बनाई। इस फर्म के जरिए वे प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने पर कई गुना फायदा होने का दावा करते थे। मुनाफे का सब्जबाग ऐसे दिखाया जाता कि हर कोई इनके जाल में फंस जाता।

दूसरा - ठगी का दूसरा तरीका डिजिटल करेंसी का था। बदमाशों ने सोशल साइट्स पर Flinty-io और Flinty-live के नाम से फर्जी वेबसाइट्स बना रखी है जहां डिजिटल कॉईन बनाकर इन्वेस्टमेंट पर कई गुना मुनाफा होना बताया जाता था। लालच में आकर लोग इनके जाल में फंस जाते थे।

5.55 करोड़ डूबने के बाद पीड़ित ने ली पुलिस की शरण

जयपुर कमिश्नरेट के डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि जनवरी 2026 को ऋषि मेहता नामक कारोबारी ने सोडाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि मोहित कालोया और घनश्याम कांदेल ने उन्हें प्रॉपर्टी और डिजिटल करेंसी में मोटा मुनाफा होने का प्लान दिखाया। ऋषि उनके झांसे में आ गए। लालच में आकर ऋषि ने मोहित और घनश्याम को 4 करोड़ रुपए नकद दे दिए। साथ ही 1 करोड़ 55 लाख रुपए चेक से दिए। जब ऋषि को अहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई तो उसने पुलिस की शरण ली।

दोनों जालसाज गिरफ्तार

एडिशनल डीसीपी ललित किशोर शर्मा ने बताया कि साढ़े पांच करोड़ की ठगी के मामले की जांच सोडाला थाना प्रभारी कर रहे थे। जांच में पता चला कि आरोपी मोहित और घनश्याम ने अलग अलग क्षेत्रों में रहने वाले कई लोगों के साथ ठगी की वारदातें की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम का गठन किया। आरोपी मोहित को गुड़गांव से दबोचा गया। मोहित से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर साथी बदमाश घनश्याम को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

ठगी के रुपयों से ऐशोआराम करते थे बदमाश

सोडाला एसीपी जेठू सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी मोहित कालोया और घनश्याम कांदेल बड़े ही शातिर बदमाश हैं। ठगी की रकम अलग अलग अकाउंट में ली जाती थी। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है। ठगी की रकम से एक आरोपी ने 1 करोड़ रुपए की एफडी (फिक्स डिपोजिट) करवा रखी थी जिसे पुलिस ने फ्रीज कर दिया। साथ ही एक आरोपी ने 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लग्जरी कार खरीद ली थी जिसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। ठगी की रकम से ये बदमाश ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे थे।

ये हैं दोनों आरोपी

1. मोहित कालोया, उम्र 27 वर्ष, निवासी - बडारणों की ढाणी, बिहारीपुरा, पुलिस थाना कालाडेरा, तहसील आमेर, जिला जयपुर।

सोडाला थाना प्रभारी मनोज बेरवाल बताते हैं कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ जयपुर आयुक्तालय में चार और प्रकरण दर्ज है। चित्रकूट थाने में एक केस दर्ज है जिसमें 89 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। दूसरा मामला साइबर पुलिस थाने में दर्ज है जिसमें 87 लाख रुपए की ठगी का आरोप है। तीसरा केस चौमू में दर्ज है जिसमें 1 करोड़ 17 लाख रुपए की ठगी हुई। चौथा केस सोडाला में दर्ज हुआ जिसमें 50 लाख की ठगी का आरोप है।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें