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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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जयपुर में गांव के विकास पर हुई चर्चा:एक्सपर्ट बोले- पंचायतों के पास मौका है वे रिसोर्स का फायदा उठाएं
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ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक सहभागी, प्रभावी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए बुधवार को ‘ग्राम स्वराज-आत्मनिर्भर गांवों की ओर’ का आयोजन किया गया। जो जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और सतत ग्रामीण विकास को ग्राम पंचायत स्तर की विकास प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम राज्य स्तरीय कंसल्टेशन सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस द्वारा टाटा ट्रस्ट्स एवं अरावली संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया।
उद्घाटन सत्र में सीएमएफ. संस्था की कार्यकारी निदेशक मल्लिका श्रीवास्तव ने कंसल्टेशन के उद्देश्य और इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद संस्था के चेयरमैन प्रो. जनत शाह, वाइस चेयर मिस अपर्णा सहाय तथा कार्यक्रम के चीफ गेस्ट एस. एम. विजयआनंद, पूर्व सचिव, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इसके बाद एसएम विजयआनंद ने ग्राम पंचायत विकास योजना से जुड़े अपने लंबे अनुभव को साझा किया। उन्होंने GPDP की अवधारणा, विकेंद्रीकृत एवं सहभागी नियोजन की आवश्यकता तथा ग्राम पंचायतों को स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के निर्धारण में अधिक प्रभावी भूमिका देने पर चर्चा की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेन्स के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अधिक प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
पंचायत रिसोर्स का फायदा उठाएं
एसएम विजयआनंद ने बताया- पंचायतों के पास मौका है कि वे उनके पास उपलब्ध रिसोर्स एनवलप का फायदा उठाएं। इसमें 16वें यूनियन फाइनेंस, स्टेट फाइनेंस, वीबी-जी राम जी की वित्तीय सुविधाओं प्रमुखता से शामिल हैं। वहीं, 16वें यूनियन फाइनेंस में 60 प्रतिशत पैसा ऐसा है जो कि पंचायत अपने स्वयं विवेक पर खर्च कर सकती है। इसमें रोड निर्माण में मात्र 20 प्रतिशत तक का ही खर्च किया जा सकता है।
कार्यक्रम में दूसरे सत्र में पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें जीपीडीपी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के कन्वर्जेन्स में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर चर्चा हुई।
पैनल की चर्चा में पूर्व डिप्टी एम.डी. नाबार्ड सूर्यकुमार, यूनीसेफ के शफाकत, आर.आर.डी.एस जयपुर के हरि सिंह, डी.पी.एम. आरजीएसए जिल परिषद जयपुर विवेक बंसल और पूर्व सरपंच प्रकाश कंवर मौजूद रहे। चर्चा का संचालन वरूण शर्मा, अरावली संस्था के द्वारा किया गया।
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