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कभी प्रोफेसर तो कभी पुलिस बनकर धमकाता, जयपुर का शातिर ठग आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे

कभी प्रोफेसर तो कभी पुलिस बनकर धमकाता, जयपुर का शातिर ठग आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे जयपुर के मुहाना थाना पुलिस ने फर्जी प्रोफेसर और पुलिसकर्मी बनकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक…

Amar Ujala के अनुसार10 अगस्त 2026 को 04:16 pm बजे
कभी प्रोफेसर तो कभी पुलिस बनकर धमकाता, जयपुर का शातिर ठग आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे

सौजन्य से:- Amar Ujala

कभी प्रोफेसर तो कभी पुलिस बनकर धमकाता, जयपुर का शातिर ठग आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे

जयपुर के मुहाना थाना पुलिस ने फर्जी प्रोफेसर और पुलिसकर्मी बनकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक पर RTU प्रोफेसर के नाम से फर्जी आईडी बनाकर छात्रों को नंबर बढ़ाने, नौकरी लगवाने और अन्य काम कराने का झांसा देता था। बाद में खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़ितों को मुकदमे और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे ऐंठता था।

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विस्तार

जयपुर के मुहाना थाना पुलिस ने प्रोफेसर और पुलिसकर्मी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर इंजीनियरिंग छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी कभी खुद को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) का प्रोफेसर तो कभी स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताकर लोगों से पैसे ऐंठता था।

पुलिस ने आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा (33) को गिरफ्तार किया है। वह जयपुर के कागजीवाड़ा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।

फर्जी प्रोफेसर बनकर छात्रों को बनाता था निशाना

पुलिस के अनुसार आरोपी फेसबुक पर इंजीनियर सुनील मीणा, इंजीनियर सुनील शर्मा और इंजीनियर विजय शर्मा के नाम से अलग-अलग आईडी बनाकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। इसके बाद खुद को RTU में प्रोफेसर बताकर छात्रों से संपर्क करता और परीक्षा में नंबर बढ़वाने अथवा अन्य काम कराने का झांसा देता था।

आरोपी खुद को विश्वविद्यालय में तैनात बताकर पीड़ितों को भरोसे में लेता और किसी काम के बदले पैसे मांगता था। इसके बाद दस्तावेज घर पर भेजने के बहाने पीड़ितों का पता और लोकेशन हासिल कर लेता था।

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फर्जी पुलिसकर्मी बनकर करता था ब्लैकमेल

पुलिस के मुताबिक ठगी का दूसरा तरीका भी बेहद शातिर था। आरोपी पीड़ित के घर पहुंचकर खुद को पुलिसकर्मी या स्पेशल स्टाफ का सदस्य बताता था। इसके बाद धमकी देता कि जिस व्यक्ति को पैसे भेजे गए हैं, उसे गलत काम के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया है और अब पीड़ित को भी जेल भेजा जाएगा।

डर का माहौल बनाकर आरोपी पीड़ित से अतिरिक्त रकम वसूलता था। इसी तरह वह कभी खुद को नर्सिंग ऑफिसर बताकर भी लोगों से ठगी करता था।

62 हजार की ठगी के बाद खुला मामला

मुहाना थाने में 21 जुलाई 2026 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि फेसबुक पर इंजीनियर सुनील मीणा के नाम से उसकी आरोपी से बातचीत हुई। आरोपी ने खुद को उसका पुराना छात्र बताते हुए RTU में नौकरी करने की बात कही और किसी काम के बदले 62 हजार रुपये ले लिए।

बाद में आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता ने अपने घर की लोकेशन साझा की। अगले दिन एक व्यक्ति घर पहुंचा और खुद को गांधी नगर थाने का पुलिसकर्मी बताकर धमकाने लगा। उसने शिकायतकर्ता पर गलत काम के लिए पैसे भेजने का आरोप लगाया और जेल भेजने की धमकी देकर 60 हजार रुपये और ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की और मुहाना थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया।

CCTV और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी के फेसबुक अकाउंट से जुड़े तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया। फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान अरुण शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और तकनीकी सहयोग से आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

नौकरी से लेकर सट्टे तक के नाम पर ठगी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार वह अलग-अलग लोगों को नौकरी लगवाने, RTU में नंबर बढ़वाने, सट्टे का मुकदमा नहीं बनाने और पुलिस कार्रवाई से बचाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद भी उसने इसी तरह ठगी का नेटवर्क दोबारा शुरू कर दिया।

इन वारदातों का भी खुलासा

पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में कई वारदातों का खुलासा किया है। इनमें नौकरी लगवाने के नाम पर 2.50 लाख और 1.50 लाख रुपये की ठगी, RTU में नंबर बढ़ाने के नाम पर 62 हजार और 34 हजार रुपये, सट्टे का मुकदमा नहीं बनाने की धमकी देकर 90 हजार और 60 हजार रुपये ऐंठना शामिल है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय में काम दिलाने के नाम पर 1.21 लाख रुपये, नर्सिंग ऑफिसर बनकर 4,500 रुपये, नंबर बढ़ाने के नाम पर 10 हजार रुपये और बिटकॉइन के पैसे निकलवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी का भी पुलिस ने उल्लेख किया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच के साथ उन अन्य लोगों और वारदातों का पता लगाया जा रहा है, जिनका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस को आरोपी से पूछताछ में और भी ठगी की वारदातें सामने आने की संभावना है।

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